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निठाउवा थाना क्षेत्र में रिजर्व बाइक की टक्कर से बाइक सवार युवक घायल पिता की मौके पर मौत निठाउवा थाना क्षेत्र के रीछा -निठाउवा मार्ग पर खानन मोड़ के पास एक क्रूजर जीप की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार पिता की मौके पर मौत जबकि मोटरसाइकल पर बेटा गंभीर रूप से घायल हो । जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा जिले के खमेरा क्षेत्र के टोडी सिमरोल निवासी केशुराम उर्फ केसिया निनामा मीणा व कन्हैयालाल दोनो मोटरसाइकिल से सवार होकर नरवाली से साबला की तरफ जा रहे थे। इस बीच खानन के मोड़ के निकट क्रूजर जीप ने दोनों को चपेट में ले लिया। ऐसे में केशुराम उर्फ केसिया की मौके पर मौत हो गई। कन्हैयालाल गम्भीर रूप से घायल हो गया। घायल को निठाउवा सीएचसी में प्राथमिक उपचार कर बांसवाड़ा रेफर किया गया । शव को आसपुर मॉर्चरी में रखा गया। घटना के बाद जीप चालक मौके से फरार हो गया। मोके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। निठाउवा थाने के एसआई ओमप्रकाश मीणा मौके पर पहुंचे घटना को लेकर पुलिस अनुसंधान में जुटी हुई है।

2 hrs ago
user_Pravin Kothari
Pravin Kothari
पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

निठाउवा थाना क्षेत्र में रिजर्व बाइक की टक्कर से बाइक सवार युवक घायल पिता की मौके पर मौत निठाउवा थाना क्षेत्र के रीछा -निठाउवा मार्ग पर खानन मोड़ के पास एक क्रूजर जीप की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार पिता की मौके पर मौत जबकि मोटरसाइकल पर बेटा गंभीर रूप से घायल हो । जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा जिले के खमेरा क्षेत्र के टोडी सिमरोल निवासी केशुराम उर्फ केसिया निनामा मीणा व कन्हैयालाल दोनो मोटरसाइकिल से सवार होकर नरवाली से साबला की तरफ जा रहे थे। इस बीच खानन के मोड़ के निकट क्रूजर जीप ने दोनों को चपेट में ले लिया। ऐसे में केशुराम उर्फ केसिया की मौके पर मौत हो गई। कन्हैयालाल गम्भीर रूप से घायल हो गया। घायल को निठाउवा सीएचसी में प्राथमिक उपचार कर बांसवाड़ा रेफर किया गया । शव को आसपुर मॉर्चरी में रखा गया। घटना के बाद जीप चालक मौके से फरार हो गया। मोके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। निठाउवा थाने के एसआई ओमप्रकाश मीणा मौके पर पहुंचे घटना को लेकर पुलिस अनुसंधान में जुटी हुई है।

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  • भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 DST टीम को मिली बड़ी सफलता वाहनों पर रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर जबरन वसूली करने वाली गैंग का पर्दाफाश। भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 DST टीम को मिली बड़ी सफलता वाहनों पर रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर जबरन वसूली करने वाली गैंग का पर्दाफाश। डूंगरपुर श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री मनीष कुमार IPS के निर्देशन में अवैध वसूली करनें वाली गैंग के कुल 8 सदस्य को टीम ने गिरफ्तार किया।। नेशनल हाईवे पर चलने वाले वाहनों पर रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी तीसरी आंख मोबाइल नंबर पर मिली थी सूचना । ओविद्या वसूली करने वाली गैंग से कुल 21 हजार रुपए नगद वह एक अर्टिगा कार को जप्त किया । गिरफ्तार अभियुक्त श्री विजय सिंह, विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, अमित,, वीरेंद्र कुमार, राजवीर, संजय, जयेश फ़लेजा को फर्जी तरीके से रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने वाले को अर्टिगा कार के साथ डिटेन कर पुलिस थाना बिछीवाड़ा लाया गया। इस सराहनीय कार्य में पुलिस थाना बिछीवाड़ा एवं जिला विशेष टीम का योगदान रहा।
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    भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 
    9829264909

DST टीम को मिली बड़ी सफलता वाहनों पर रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर जबरन वसूली करने वाली गैंग का पर्दाफाश।
भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 
9829264909
DST टीम को मिली बड़ी सफलता वाहनों पर रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर जबरन वसूली करने वाली गैंग का पर्दाफाश।
डूंगरपुर  श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय श्री मनीष कुमार IPS के निर्देशन में  अवैध वसूली करनें वाली गैंग के कुल 8 सदस्य को टीम ने गिरफ्तार किया।। नेशनल हाईवे पर चलने वाले वाहनों पर रेडियम पट्टी लगाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। 
जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी तीसरी आंख मोबाइल नंबर पर मिली थी सूचना । ओविद्या वसूली करने वाली गैंग से कुल 21 हजार रुपए नगद वह एक अर्टिगा कार को जप्त किया ।
गिरफ्तार अभियुक्त 
श्री विजय सिंह,  विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, अमित,, वीरेंद्र कुमार, राजवीर, संजय, जयेश फ़लेजा को फर्जी तरीके से रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने वाले को अर्टिगा कार के साथ डिटेन कर पुलिस थाना बिछीवाड़ा लाया गया।
इस सराहनीय कार्य में पुलिस थाना बिछीवाड़ा एवं जिला विशेष टीम का योगदान रहा।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • ग्राम पंचायत नलवा में ग्रामीण सेवा शिविर फॉलोअप एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत नलवा में ग्रामीण सेवा शिविर फॉलोअप एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन जुबेर अहमद धरियावद धरियावद-ग्राम पंचायत नलवा में ग्रामीण सेवा शिविर एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को किया गया। शिविर की अध्यक्षता तहसीलदार दीपिका कटारा ने की। इस दौरान शिविर उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देना,उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा। शिविर के दौरान ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं एवं प्रकरणों की सुनवाई कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण किया और पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। तहसीलदार दीपिका कटारा ने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शिविर सह प्रभारी भेरूसिंह कानावत,सचिव मुस्कान कोटेड,पटवारी धर्मेंद्र सिंह लोहार,एलडीसी किशोर मिश्रा,सरपंच सागर देवी मीणा, सरपंच प्रतिनिधि गंगाराम मीणा सहित ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि,विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    ग्राम पंचायत नलवा में ग्रामीण सेवा शिविर फॉलोअप एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन

ग्राम पंचायत नलवा में ग्रामीण सेवा शिविर फॉलोअप एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन
जुबेर अहमद
धरियावद
धरियावद-ग्राम पंचायत नलवा में ग्रामीण सेवा शिविर एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को किया गया। शिविर की अध्यक्षता तहसीलदार दीपिका कटारा ने की। इस दौरान शिविर उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देना,उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा। शिविर के दौरान ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं एवं प्रकरणों की सुनवाई कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण किया और पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। तहसीलदार दीपिका कटारा ने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शिविर सह प्रभारी भेरूसिंह कानावत,सचिव मुस्कान कोटेड,पटवारी धर्मेंद्र सिंह लोहार,एलडीसी किशोर मिश्रा,सरपंच सागर देवी मीणा, सरपंच प्रतिनिधि गंगाराम मीणा सहित ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि,विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • पशुपालकों की लापरवाही ने ली एक और गौमाता की जान दूध बंद होते ही सड़क पर छोड़ दी, तीन दिन तक जिंदगी की जंग लड़ती रही गाय; युवाओं ने बचाने की हर कोशिश की, आखिरकार तड़प-तड़पकर तोड़ा दम गैंजी में प्रशासन व पंचायत से सख्त कार्रवाई की मांग, बेसहारा गौवंश छोड़ने वालों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की उठी आवाज सीमलवाड़ा। समीपवर्ती गैंजी गांव में बेसहारा गौवंश की उपेक्षा का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। गांव में पिछले दो-तीन दिनों से एक गाय खेतों के समीप गंभीर रूप से बीमार अवस्था में पड़ी हुई थी। सूचना मिलने पर गांव के गौ-सेवकों, व्यापारी मंडल के सदस्यों और स्थानीय युवाओं ने मानवता का परिचय देते हुए गाय को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद गाय ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, गाय की हालत गंभीर होने पर युवाओं ने पशु चिकित्सक डॉ. बाबूलाल डेंडोर को मौके पर बुलाया। लगातार तीन दिनों तक गाय का उपचार किया गया। उसे ड्रिप लगाई गई, इंजेक्शन दिए गए और अन्य आवश्यक उपचार भी किए गए। जब गाय उठने की स्थिति में नहीं रही तो युवाओं ने पिकअप एवं लिफ्ट मशीन की सहायता से उसे खड़ा करने का भी प्रयास किया, ताकि उसकी जान बचाई जा सके। लेकिन बीमारी और कमजोरी इतनी अधिक थी कि आखिरकार गाय ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। गाय की मृत्यु के बाद गांव के युवाओं ने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुःख देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि कई पशुपालक जब तक गाय दूध देती है तब तक उसकी देखभाल करते हैं, लेकिन जैसे ही दूध देना बंद होता है, उसे सड़कों और खेतों में बेसहारा छोड़ दिया जाता है। यही बेसहारा गौवंश भूख और प्यास से भटकता रहता है, प्लास्टिक और कचरा खाने को मजबूर हो जाता है तथा धीरे-धीरे बीमारी और कुपोषण का शिकार होकर दम तोड़ देता है। ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल पशु क्रूरता ही नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का भी उदाहरण है। एक ओर देशभर में गाय को राष्ट्रीय गौमाता का दर्जा देने की मांग उठाई जाती है, गौ-सेवा और गौ-रक्षा की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर दूध बंद होते ही उसी गाय को मरने के लिए बेसहारा छोड़ देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव और आसपास की सड़कों पर बड़ी संख्या में बेसहारा गौवंश घूमता रहता है। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई बार दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक इन पशुओं से टकराकर घायल हो चुके हैं। यदि समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर हादसे हो सकते हैं। ग्रामीण युवाओं ने ग्राम पंचायत एवं स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि गांव में बेसहारा घूम रहे गौवंश के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए जाएं। जो लोग जानबूझकर अपने पशुओं को लावारिस छोड़ते हैं, उनके विरुद्ध पशु क्रूरता निवारण अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही बेसहारा गौवंश को निकटवर्ती गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता होने पर गांव में स्थायी गौशाला स्थापित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत और प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्रवाई करें तो गैंजी गांव गौ-संरक्षण के क्षेत्र में पूरे क्षेत्र के लिए एक आदर्श उदाहरण बन सकता है। पशुपालकों के नाम संदेश गाय केवल दूध देने तक ही उपयोगी नहीं होती, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए प्रत्येक पशुपालक का नैतिक और कानूनी दायित्व है कि वह अपने पशुओं की जीवनभर देखभाल करे। दूध बंद होने के बाद उन्हें बेसहारा छोड़ देना न केवल अमानवीय कृत्य है, बल्कि कानूनन भी अपराध की श्रेणी में आता है। यदि स्वयं पालन-पोषण संभव नहीं है तो संबंधित गौशाला या प्रशासन से संपर्क कर उचित व्यवस्था कराएं, लेकिन किसी भी हालत में गौवंश को सड़कों पर मरने के लिए न छोड़ें।
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    पशुपालकों की लापरवाही ने ली एक और गौमाता की जान
दूध बंद होते ही सड़क पर छोड़ दी, तीन दिन तक जिंदगी की जंग लड़ती रही गाय; युवाओं ने बचाने की हर कोशिश की, आखिरकार तड़प-तड़पकर तोड़ा दम
गैंजी में प्रशासन व पंचायत से सख्त कार्रवाई की मांग, बेसहारा गौवंश छोड़ने वालों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की उठी आवाज
सीमलवाड़ा। समीपवर्ती गैंजी गांव में बेसहारा गौवंश की उपेक्षा का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। गांव में पिछले दो-तीन दिनों से एक गाय खेतों के समीप गंभीर रूप से बीमार अवस्था में पड़ी हुई थी। सूचना मिलने पर गांव के गौ-सेवकों, व्यापारी मंडल के सदस्यों और स्थानीय युवाओं ने मानवता का परिचय देते हुए गाय को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद गाय ने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, गाय की हालत गंभीर होने पर युवाओं ने पशु चिकित्सक डॉ. बाबूलाल डेंडोर को मौके पर बुलाया। लगातार तीन दिनों तक गाय का उपचार किया गया। उसे ड्रिप लगाई गई, इंजेक्शन दिए गए और अन्य आवश्यक उपचार भी किए गए। जब गाय उठने की स्थिति में नहीं रही तो युवाओं ने पिकअप एवं लिफ्ट मशीन की सहायता से उसे खड़ा करने का भी प्रयास किया, ताकि उसकी जान बचाई जा सके। लेकिन बीमारी और कमजोरी इतनी अधिक थी कि आखिरकार गाय ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
गाय की मृत्यु के बाद गांव के युवाओं ने पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुःख देखने को मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई पशुपालक जब तक गाय दूध देती है तब तक उसकी देखभाल करते हैं, लेकिन जैसे ही दूध देना बंद होता है, उसे सड़कों और खेतों में बेसहारा छोड़ दिया जाता है। यही बेसहारा गौवंश भूख और प्यास से भटकता रहता है, प्लास्टिक और कचरा खाने को मजबूर हो जाता है तथा धीरे-धीरे बीमारी और कुपोषण का शिकार होकर दम तोड़ देता है।
ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल पशु क्रूरता ही नहीं, बल्कि सामाजिक संवेदनहीनता का भी उदाहरण है। एक ओर देशभर में गाय को राष्ट्रीय गौमाता का दर्जा देने की मांग उठाई जाती है, गौ-सेवा और गौ-रक्षा की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर दूध बंद होते ही उसी गाय को मरने के लिए बेसहारा छोड़ देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव और आसपास की सड़कों पर बड़ी संख्या में बेसहारा गौवंश घूमता रहता है। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई बार दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक इन पशुओं से टकराकर घायल हो चुके हैं। यदि समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर हादसे हो सकते हैं।
ग्रामीण युवाओं ने ग्राम पंचायत एवं स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि गांव में बेसहारा घूम रहे गौवंश के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए जाएं। जो लोग जानबूझकर अपने पशुओं को लावारिस छोड़ते हैं, उनके विरुद्ध पशु क्रूरता निवारण अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही बेसहारा गौवंश को निकटवर्ती गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता होने पर गांव में स्थायी गौशाला स्थापित की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत और प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्रवाई करें तो गैंजी गांव गौ-संरक्षण के क्षेत्र में पूरे क्षेत्र के लिए एक आदर्श उदाहरण बन सकता है।
पशुपालकों के नाम संदेश
गाय केवल दूध देने तक ही उपयोगी नहीं होती, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए प्रत्येक पशुपालक का नैतिक और कानूनी दायित्व है कि वह अपने पशुओं की जीवनभर देखभाल करे। दूध बंद होने के बाद उन्हें बेसहारा छोड़ देना न केवल अमानवीय कृत्य है, बल्कि कानूनन भी अपराध की श्रेणी में आता है। यदि स्वयं पालन-पोषण संभव नहीं है तो संबंधित गौशाला या प्रशासन से संपर्क कर उचित व्यवस्था कराएं, लेकिन किसी भी हालत में गौवंश को सड़कों पर मरने के लिए न छोड़ें।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • *सीमलवाड़ा: 2023 में हुआ शिलान्यास, 2026 में भी कीचड़ में चल रहे बेड़सा के बच्चे* सीमलवाड़ा।* ग्राम पंचायत बेड़सा में 12 सितंबर 2023 को बेड़सा सीनियर स्कूल से खांणगा तालाब तक डामर सड़क का शिलान्यास माननीय सांसद राजकुमार रोत के हाथों किया गया था जब वो विधायक थे। शिलान्यास पट्टिका आज भी लगी है। लेकिन 2 साल बाद भी जमीन पर आज भी काम अधूरा पड़ा हे। आपकी स्क्रीन पर दिख रही ये तस्वीरें उसी रास्ते की हैं। बरसात में ये कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ और पत्थरों से भर गया है। इसी रास्ते से रोजाना बेड़सा सीनियर स्कूल के बच्चे, शिक्षक और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आते-जाते हैं। वीडियो में देखिए कैसे छोटे-छोटे बच्चे बैग लेकर इस फिसलन भरे रास्ते पर चलने को मजबूर हैं। अभिभावकों का कहना है अगर जल्द सड़क नहीं बनी तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शिलान्यास वाले वादे को याद रखा जाए और सड़क का काम तुरंत शुरू किया जाए। "ये हैं ग्राम पंचायत बेड़सा की वो सड़क जिसका शिलान्यास 12 सितंबर 2023 को हुआ था। देखिए आज 2026 में भी बच्चे इसी कीचड़ और पत्थरों वाले रास्ते से स्कूल जा रहे हैं। शिलान्यास पट्टिका तो लगी है, पर सड़क नहीं बनी। बच्चे रोज गिरते-पड़ते आते-जाते हैं। प्रशासन कब सुनेगा बेड़सा की आवाज?" `#बेड़सा #सीमलवाड़ा #अधूरीसड़क #शिक्षा #जनसमस्या`
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    *सीमलवाड़ा: 2023 में हुआ शिलान्यास, 2026 में भी कीचड़ में चल रहे बेड़सा के बच्चे*

सीमलवाड़ा।*  
ग्राम पंचायत बेड़सा में 12 सितंबर 2023 को बेड़सा सीनियर स्कूल से खांणगा तालाब तक डामर सड़क का शिलान्यास माननीय सांसद राजकुमार रोत के हाथों किया गया था जब वो विधायक थे। शिलान्यास पट्टिका आज भी लगी है।
लेकिन 2 साल बाद भी जमीन पर आज भी काम अधूरा पड़ा हे। आपकी स्क्रीन पर दिख रही ये तस्वीरें उसी रास्ते की हैं। बरसात में ये कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ और पत्थरों से भर गया है। इसी रास्ते से रोजाना बेड़सा सीनियर स्कूल के बच्चे, शिक्षक और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आते-जाते हैं।
वीडियो में देखिए कैसे छोटे-छोटे बच्चे बैग लेकर इस फिसलन भरे रास्ते पर चलने को मजबूर हैं। अभिभावकों का कहना है अगर जल्द सड़क नहीं बनी तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शिलान्यास वाले वादे को याद रखा जाए और सड़क का काम तुरंत शुरू किया जाए।
"ये हैं ग्राम पंचायत बेड़सा की वो सड़क जिसका शिलान्यास 12 सितंबर 2023 को हुआ था। 
देखिए आज 2026 में भी बच्चे इसी कीचड़ और पत्थरों वाले रास्ते से स्कूल जा रहे हैं।
शिलान्यास पट्टिका तो लगी है, पर सड़क नहीं बनी।
बच्चे रोज गिरते-पड़ते आते-जाते हैं। प्रशासन कब सुनेगा बेड़सा की आवाज?"
`#बेड़सा #सीमलवाड़ा #अधूरीसड़क #शिक्षा #जनसमस्या`
    user_Mohan khant 84
    Mohan khant 84
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • नाकाबंदी तोड़ भाग रहे डोडा चूरा तस्कर की कार ने दो बिजली के खंभे उड़ाए, 44 किलो मादक पदार्थ जब्त चिकारड़ा चौकी के पास पुलिस की घेराबंदी में एक तस्कर गिरफ्तार, दूसरा फरार; मध्यप्रदेश से जोधपुर ले जाई जा रही थी खेप — पवन अग्रवाल, चिकारड़ा चिकारड़ा- चित्तौड़गढ़ जिले की चिकारड़ा पुलिस चौकी के पास बुधवार को नियमित नाकाबंदी के दौरान डोडा चूरा तस्करों की कार ने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया। इस दौरान तेज रफ्तार कार ने लगातार दो बिजली के खंभों को तोड़ दिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने पीछा करते हुए बेरिकेट्स एवं स्टिक लगाकर वाहन को रोक लिया। कार्रवाई के दौरान एक तस्कर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया। कार से करीब 44 किलो डोडा चूरा बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार चिकारड़ा चौकी के पास नियमित नाकाबंदी के दौरान मध्यप्रदेश की ओर से जोधपुर जा रही एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया गया। चालक ने वाहन नहीं रोका और नाकाबंदी तोड़ते हुए तेज गति से भाग निकला। भागने के दौरान कार पहले चौकी के पास एक बिजली के खंभे से टकराई और फिर कुछ दूरी पर दूसरा बिजली का खंभा भी तोड़ दिया। इसके बावजूद चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास करता रहा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आगे बेरिकेट्स एवं स्टिक लगाकर वाहन को रुकवाया। कार में चालक सहित दो व्यक्ति सवार थे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा, जबकि दूसरे आरोपी जगदीश पुत्र अशोक सेन, निवासी बीकानेर को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान कार क्रमांक MP-09-CW-8397 से लगभग 44 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। दुर्घटना में कार क्षतिग्रस्त हो गई तथा दो बिजली के खंभे टूटने से विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मादक पदार्थ की खेप कहां से लाई गई थी और जोधपुर में किसे पहुंचाई जानी थी। कार्रवाई में मंडफिया थाना प्रभारी रविंद्र सिंह सेन, एएसआई मुकेश गुर्जर, कांस्टेबल गोपाल जाट, विकास जाट, एएसआई नारायणलाल मेनारिया एवं जगदीश जाट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    नाकाबंदी तोड़ भाग रहे डोडा चूरा तस्कर की कार ने दो बिजली के खंभे उड़ाए, 44 किलो मादक पदार्थ जब्त

चिकारड़ा चौकी के पास पुलिस की घेराबंदी में एक तस्कर गिरफ्तार, दूसरा फरार; मध्यप्रदेश से जोधपुर ले जाई जा रही थी खेप
— पवन अग्रवाल, चिकारड़ा
चिकारड़ा- चित्तौड़गढ़ जिले की चिकारड़ा पुलिस चौकी के पास बुधवार को नियमित नाकाबंदी के दौरान डोडा चूरा तस्करों की कार ने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया। इस दौरान तेज रफ्तार कार ने लगातार दो बिजली के खंभों को तोड़ दिया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने पीछा करते हुए बेरिकेट्स एवं स्टिक लगाकर वाहन को रोक लिया। कार्रवाई के दौरान एक तस्कर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया। कार से करीब 44 किलो डोडा चूरा बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार चिकारड़ा चौकी के पास नियमित नाकाबंदी के दौरान मध्यप्रदेश की ओर से जोधपुर जा रही एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया गया। चालक ने वाहन नहीं रोका और नाकाबंदी तोड़ते हुए तेज गति से भाग निकला। भागने के दौरान कार पहले चौकी के पास एक बिजली के खंभे से टकराई और फिर कुछ दूरी पर दूसरा बिजली का खंभा भी तोड़ दिया। इसके बावजूद चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास करता रहा।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आगे बेरिकेट्स एवं स्टिक लगाकर वाहन को रुकवाया। कार में चालक सहित दो व्यक्ति सवार थे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा, जबकि दूसरे आरोपी जगदीश पुत्र अशोक सेन, निवासी बीकानेर को गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी के दौरान कार क्रमांक MP-09-CW-8397 से लगभग 44 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ। दुर्घटना में कार क्षतिग्रस्त हो गई तथा दो बिजली के खंभे टूटने से विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मादक पदार्थ की खेप कहां से लाई गई थी और जोधपुर में किसे पहुंचाई जानी थी।
कार्रवाई में मंडफिया थाना प्रभारी रविंद्र सिंह सेन, एएसआई मुकेश गुर्जर, कांस्टेबल गोपाल जाट, विकास जाट, एएसआई नारायणलाल मेनारिया एवं जगदीश जाट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_पवन अग्रवाल
    पवन अग्रवाल
    Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • 2018 के गंभीर प्रकरण में लंबे समय से फरार वारंटी कांकरोली से गिरफ्तार कोतवाली पुलिस को मिली सफलता संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने वर्ष 2018 के एक गंभीर प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को राजसमंद जिले के कांकरोली से गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली थानाधिकारी हिमांशु सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गठित टीम ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट, डूंगरपुर के प्रकरण संख्या 73/2018 में लंबे समय से वांछित चल रहे स्थायी वारंटी नरेन्द्र सिंह पुत्र किशन सिंह मकदेरा राजपूत को धर दबोचा। आरोपी मूल रूप से डासरिया (भीम) का निवासी है तथा हाल सालमपुर, पुलिस थाना कांकरोली (जिला राजसमंद) में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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    2018 के गंभीर प्रकरण में लंबे समय से फरार वारंटी कांकरोली से गिरफ्तार
कोतवाली पुलिस को मिली सफलता
संवाददाता - संतोष व्यास
डूंगरपुर। जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने वर्ष 2018 के एक गंभीर प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को राजसमंद जिले के कांकरोली से गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली थानाधिकारी हिमांशु सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गठित टीम ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट, डूंगरपुर के प्रकरण संख्या 73/2018 में लंबे समय से वांछित चल रहे स्थायी वारंटी नरेन्द्र सिंह पुत्र किशन सिंह मकदेरा राजपूत को धर दबोचा। आरोपी मूल रूप से डासरिया (भीम) का निवासी है तथा हाल सालमपुर, पुलिस थाना कांकरोली (जिला राजसमंद) में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    Court reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    33 min ago
  • निराश्रित गोवंश की समस्या को लेकर समाजसेवियों ने की पहल, बीमार गोवंश का कराया उपचार हेडलाइन: निराश्रित गोवंश की समस्या को लेकर समाजसेवियों ने की पहल, बीमार गोवंश का कराया उपचार गेजी में पशुपालन विभाग की मेडिकल टीम ने किया स्वास्थ्य परीक्षण, गोवंश संरक्षण के लिए जनजागरण का आह्वान। हर खबर वागड़ कुआं । गेंजी गांव में निराश्रित एवं बीमार गोवंश की बढ़ती समस्या को देखते हुए समाजसेवियों ने पहल कर पशुपालन विभाग की मेडिकल वेटरनरी टीम को मौके पर बुलाया। समाजसेवी अनिल जैन एवं राजेंद्र लखबारा के नेतृत्व में टीम ने बीमार गोवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार शुरू कराया। समाजसेवियों ने बताया कि क्षेत्र में कई पशुपालक दूध निकालने के बाद गायों को खुले में छोड़ देते हैं। इससे गोवंश सड़कों पर भटकता रहता है और प्लास्टिक सहित अन्य हानिकारक पदार्थ खाकर बीमार हो जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने से कई बार उनकी जान पर भी बन आती है। अभियान के दौरान पंचायत समिति के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर उपचार कार्य का निरीक्षण किया तथा आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। समय पर इलाज मिलने से गंभीर अवस्था में मिले कई गोवंश की स्थिति में सुधार आया। समाजसेवी अनिल जैन ने आमजन एवं पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि गोवंश की सुरक्षा और देखभाल प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने प्रशासन से भी बेसहारा गोवंश के चारे, उपचार और संरक्षण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पशुपालकों से दूध निकालने के बाद गोवंश को खुले में छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग की। इस अवसर पर गदूलाल यादव, कन्हैयालाल पंचाल, हितेश कलाल, शांतिलाल, नरेश कुमार कलाल, मोतीलाल प्रजापत, प्रवीण भाई, नरेंद्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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    निराश्रित गोवंश की समस्या को लेकर समाजसेवियों ने की पहल, बीमार गोवंश का कराया उपचार
हेडलाइन:
निराश्रित गोवंश की समस्या को लेकर समाजसेवियों ने की पहल, बीमार गोवंश का कराया उपचार
गेजी में पशुपालन विभाग की मेडिकल टीम ने किया स्वास्थ्य परीक्षण, गोवंश संरक्षण के लिए जनजागरण का आह्वान।
हर खबर वागड़ कुआं । गेंजी गांव में निराश्रित एवं बीमार गोवंश की बढ़ती समस्या को देखते हुए समाजसेवियों ने पहल कर पशुपालन विभाग की मेडिकल वेटरनरी टीम को मौके पर बुलाया। समाजसेवी अनिल जैन एवं राजेंद्र लखबारा के नेतृत्व में टीम ने बीमार गोवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार शुरू कराया।
समाजसेवियों ने बताया कि क्षेत्र में कई पशुपालक दूध निकालने के बाद गायों को खुले में छोड़ देते हैं। इससे गोवंश सड़कों पर भटकता रहता है और प्लास्टिक सहित अन्य हानिकारक पदार्थ खाकर बीमार हो जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने से कई बार उनकी जान पर भी बन आती है।
अभियान के दौरान पंचायत समिति के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर उपचार कार्य का निरीक्षण किया तथा आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। समय पर इलाज मिलने से गंभीर अवस्था में मिले कई गोवंश की स्थिति में सुधार आया।
समाजसेवी अनिल जैन ने आमजन एवं पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि गोवंश की सुरक्षा और देखभाल प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने प्रशासन से भी बेसहारा गोवंश के चारे, उपचार और संरक्षण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पशुपालकों से दूध निकालने के बाद गोवंश को खुले में छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग की।
इस अवसर पर गदूलाल यादव, कन्हैयालाल पंचाल, हितेश कलाल, शांतिलाल, नरेश कुमार कलाल, मोतीलाल प्रजापत, प्रवीण भाई, नरेंद्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
    user_राकेश कलाल रिपोर्टर
    राकेश कलाल रिपोर्टर
    Local News Reporter चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
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