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दिलेश्वर महत्तो ने गुमला उपायुक्त का पदभार ग्रहण किया,योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने गुमला: कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड सरकार की अधिसूचना संख्या 1/पी०-105/2022 का०-2299, दिनांक 17.04.2026 के आलोक में, भा०प्र०से० (झा0-2015) के अधिकारी दिलेश्वर महत्तो ने आज दिनांक 18 अप्रैल 2026 के पूर्वाह्न में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, गुमला के पद का प्रभार स्वतः ग्रहण किया।पदभार ग्रहण करने के उपरांत उपायुक्त ने कहा कि जिले में संचालित विकास योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना उनकी प्राथमिकता होगी।उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया।उपायुक्त ने यह भी कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशील समाधान सुनिश्चित किया जाएगा तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने हेतु सभी स्तरों पर समन्वय के साथ कार्य किया जाएगा।

2 hrs ago
user_Sunderam Keshri
Sunderam Keshri
चैनपुर, गुमला, झारखंड•
2 hrs ago

दिलेश्वर महत्तो ने गुमला उपायुक्त का पदभार ग्रहण किया,योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने गुमला: कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड सरकार की अधिसूचना संख्या 1/पी०-105/2022 का०-2299, दिनांक 17.04.2026 के आलोक में, भा०प्र०से० (झा0-2015) के अधिकारी दिलेश्वर महत्तो ने आज दिनांक 18 अप्रैल 2026 के पूर्वाह्न में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, गुमला के पद का प्रभार स्वतः ग्रहण किया।पदभार ग्रहण करने के उपरांत उपायुक्त ने कहा कि जिले में संचालित विकास योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना उनकी प्राथमिकता होगी।उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया।उपायुक्त ने यह भी कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित एवं संवेदनशील समाधान सुनिश्चित किया जाएगा तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने हेतु सभी स्तरों पर समन्वय के साथ कार्य किया जाएगा।

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  • गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया।इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके।कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया।नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया।खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
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    गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया।इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके।कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया।नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया।खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    21 hrs ago
  • गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया। इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके। कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया। नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
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    गुमला : उपायुक्त गुमला, श्रीमती प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का अनुज्ञप्ति एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 17 अप्रैल को होटल जयपुर, लोहरदगा रोड, गुमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण शिविर में होटल संचालकों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं, मध्याह्न भोजन के रसोइयों एवं पलाश कैफे की दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 150 से अधिक खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में एफएसएसएआई के सूचीबद्ध ट्रेनिंग पार्टनर ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट एवं प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने खाद्य विशेषता, खाद्य संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित रोगों के कारण एवं रोकथाम, फूड ग्रेड रंगों के सुरक्षित उपयोग, स्वच्छ पैकेजिंग एवं गुणवत्ता नियंत्रण जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गुमला डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा प्रतिभागियों को खाद्य व्यवसाय के पंजीकरण एवं लाइसेंस की अनिवार्यता, स्वच्छता मानकों का पालन, कार्यस्थल की सफाई, पेयजल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड एवं “गोल्डन रूल्स ऑफ फूड सेफ्टी” के बारे में विस्तार से समझाया गया।
इस दौरान विशेष रूप से यह भी निर्देश दिया गया कि खाद्य प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु पानी की जांच प्रत्येक 6 माह (छह महीने) में अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके।
कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि खाद्य पदार्थों को अखबार, प्रिंटेड पेपर या हानिकारक प्लास्टिक में परोसना पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
तंबाकू निषेध पर विशेष जागरूकता सत्र
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो के द्वारा कोटपा एक्ट (COTPA Act, 2003) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री निषेध तथा तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। सभी को तंबाकू मुक्त वातावरण बनाने हेतु प्रेरित किया गया।
नागरिक क्लब सोसायटी द्वारा प्रतिभागियों के बीच एप्रन, कैप एवं ग्लव्स का वितरण कर स्वच्छता एवं सुरक्षित खाद्य संचालन को बढ़ावा दिया गया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला, श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी ने “ईट राइट इंडिया”, फोर्टिफाइड फूड एवं “आज से थोड़ा कम तेल, चीनी और नमक” जैसे अभियानों की जानकारी देते हुए संतुलित एवं सुरक्षित आहार को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, बैच नंबर एवं आवश्यक लेबलिंग के बिना पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय करना दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने एवं तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री प्रकाश चंद्र गुग्गी, फूड सेफ्टी ट्रेनर डॉ. राकेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिन्हा, संतोष पाठक, जितेंद्र कुमार, रवि कुमार, प्रियांशु कुमार, सूरज कुमार, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम, तंबाकू निषेध सहकार वंदना स्मिता होरो एवं ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रस्ट का सराहनीय योगदान रहा।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    22 hrs ago
  • रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ प्रखंड के अक्सी पंचायत के चेतमा सहित पूरे प्रखंड में जल नल योजना की हकीकत कुछ ऐसी है, जहां टंकियां तो आसमान छूती नजर आती हैं, लेकिन उनमें पानी का नामोनिशान नहीं है। पाइपलाइन बिछी है, नल लगे हैं, पर उनमें से बूंद तक नहीं गिरती। करीब तीन हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पुराने जमाने की तरह कुआं और नदी के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर है। *हर दिन पानी के लिए जंग* गांव के लोगों के लिए हर दिन पानी जुटाना किसी जंग से कम नहीं है। सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे बाल्टी और बर्तन लेकर निकल पड़ते हैं। कई बार दूर-दराज के कुओं और नदी तक जाना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ जाते हैं। नदी सिकुड़ने लगती है और कुएं भी जवाब देने लगते हैं। ऐसे में एक-एक बूंद पानी की कीमत समझ में आती है। *जल मीनारें बनीं बेकार ढांचा* गांव में जल नल योजना के तहत लगाए गए सभी जल मीनार खराब पड़े हैं। कहीं मोटर जल चुकी है, कहीं पाइपलाइन टूट गई है, तो कहीं देखरेख के अभाव में पूरी व्यवस्था जाम हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना तो आई, लेकिन उसका रखरखाव और जिम्मेदारी कहीं रास्ते में ही छूट गई। अब ये टंकियां सिर्फ यह याद दिलाती हैं कि कभी यहां पानी आने का वादा किया गया था। *आश्वासन की वर्षा, लेकिन पानी नहीं* पुल्सी देवी,अब्राहम मिंज, केल्टुस कुजूर,अगापित मिंज,अग्नासीयश मिंज,अंजुलुश कुजूर, कोरनेल्यूस मिंज समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार विभाग को इसकी सूचना दे चुके हैं। हर बार अधिकारी आते हैं, देखते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। गांव में यह चर्चा आम है कि यहां पाइपलाइन से ज्यादा वादे बहते हैं, लेकिन पानी नहीं।
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    रामप्रवेश गुप्ता 
महुआडांड़ प्रखंड के अक्सी पंचायत के चेतमा सहित पूरे प्रखंड में जल नल योजना की हकीकत कुछ ऐसी है, जहां टंकियां तो आसमान छूती नजर आती हैं, लेकिन उनमें पानी का नामोनिशान नहीं है। पाइपलाइन बिछी है, नल लगे हैं, पर उनमें से बूंद तक नहीं गिरती। करीब तीन हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पुराने जमाने की तरह कुआं और नदी के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर है।
*हर दिन पानी के लिए जंग* 
गांव के लोगों के लिए हर दिन पानी जुटाना किसी जंग से कम नहीं है। सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे बाल्टी और बर्तन लेकर निकल पड़ते हैं। कई बार दूर-दराज के कुओं और नदी तक जाना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और बिगड़ जाते हैं। नदी सिकुड़ने लगती है और कुएं भी जवाब देने लगते हैं। ऐसे में एक-एक बूंद पानी की कीमत समझ में आती है।
*जल मीनारें बनीं बेकार ढांचा* 
गांव में जल नल योजना के तहत लगाए गए सभी जल मीनार खराब पड़े हैं। कहीं मोटर जल चुकी है, कहीं पाइपलाइन टूट गई है, तो कहीं देखरेख के अभाव में पूरी व्यवस्था जाम हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना तो आई, लेकिन उसका रखरखाव और जिम्मेदारी कहीं रास्ते में ही छूट गई। अब ये टंकियां सिर्फ यह याद दिलाती हैं कि कभी यहां पानी आने का वादा किया गया था।
*आश्वासन की वर्षा, लेकिन पानी नहीं* 
पुल्सी देवी,अब्राहम मिंज, केल्टुस कुजूर,अगापित मिंज,अग्नासीयश मिंज,अंजुलुश कुजूर, कोरनेल्यूस मिंज समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार विभाग को इसकी सूचना दे चुके हैं। हर बार अधिकारी आते हैं, देखते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं। गांव में यह चर्चा आम है कि यहां पाइपलाइन से ज्यादा वादे बहते हैं, लेकिन पानी नहीं।
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    आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
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    1 hr ago
  • सदर प्रखंडवक डूमरटोली में एक दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय थियोडोर एक्का की कुएं में डूबने से मौत हो गई। यह घटना पूरे इलाके में शोक का माहौल छोड़ गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक अपने खेत में सब्जी की खेती के लिए पानी देने हेतु कुएं पर मोटर लगाने गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह कुएं में गिर पड़ा। आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे कुएं से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। बताया जाता है कि मृतक असम राइफल्स से रिटायर फौजी थे और सेवानिवृत्ति के बाद खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके परिवार में अविवाहित एक बेटा और एक बेटी हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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    सदर प्रखंडवक डूमरटोली में एक दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय थियोडोर एक्का की कुएं में डूबने से मौत हो गई। यह घटना पूरे इलाके में शोक का माहौल छोड़ गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक अपने खेत में सब्जी की खेती के लिए पानी देने हेतु कुएं पर मोटर लगाने गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह कुएं में गिर पड़ा। आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों की मदद से एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे कुएं से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। बताया जाता है कि मृतक असम राइफल्स से रिटायर फौजी थे और सेवानिवृत्ति के बाद खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनके परिवार में अविवाहित एक बेटा और एक बेटी हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
    user_Dipak gupta
    Dipak gupta
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    8 hrs ago
  • Post by Alex Shivansh
    1
    Post by Alex Shivansh
    user_Alex Shivansh
    Alex Shivansh
    Security Guard गुमला, गुमला, झारखंड•
    21 hrs ago
  • Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    1
    Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company Sanna, Jashpur•
    9 hrs ago
  • जल-जंगल-जमीन पर अब ग्रामीणों का अधिकार, डोकापाठ ग्राम सभा में विकास की नई रूपरेखा तय चैनपुर प्रखंड के पीवीटीजी ग्राम डोकापाठ में आयोजित महत्वपूर्ण ग्राम सभा में वनाधिकार और पेसा कानून के माध्यम से ग्रामीणों को सशक्त बनाने को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में डोकापाठ सहित चकडीपापाठ, लिगिरपाठ और घुंघरूपाठ के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जानकारी देते हुए शनिवार की सुबह आठ बजे बताया गया कि ग्राम सभा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके संवैधानिक अधिकारों तथा सामुदायिक वन पट्टे के प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूक करना था। बैठक में रांची से पहुंचे एफआईए फाउंडेशन के आलोक लकड़ा एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ललित कुमार ने ग्रामीणों को पेसा कानून और वनाधिकार अधिनियम दो हजार छह के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के गांवों को वनाधिकार अधिनियम दो हजार छह के तहत सामुदायिक वन पट्टा प्राप्त हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को वन भूमि पर सामुदायिक अधिकार मिला है। वहीं पेसा कानून लागू होने के बाद ग्राम सभा को योजनाओं के निर्माण और संचालन का पूर्ण अधिकार प्राप्त हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया मजबूत हुई है। ग्राम सभा के दौरान सामुदायिक वन पट्टे के प्रबंधन पर विशेष चर्चा हुई। ग्रामीणों को बताया गया कि जिन भूखंडों और प्लॉट नंबरों पर पट्टा मिला है, उनका भौतिक सत्यापन एवं सीमांकन करना आवश्यक है। इसके बाद वन संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन को लेकर विस्तृत विकास योजना तैयार की जाएगी। इस प्रस्ताव पर ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से अपनी सहमति प्रदान की। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगली ग्राम सभा में सभी सदस्य वन क्षेत्र का संयुक्त भ्रमण करेंगे तथा विकास योजना को अंतिम रूप देने के लिए औपचारिक स्वीकृति देंगे। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ललित कुमार महतो ने कहा कि अब ग्राम सभा केवल चर्चा का मंच नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था बन चुकी है। पेसा कानून और वनाधिकार के समन्वय से गांव के विकास और वनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं ग्रामीणों के हाथों में आ गई है। ग्राम सभा के इस आयोजन से ग्रामीणों में जल-जंगल-जमीन के संरक्षण और सामुदायिक विकास को लेकर नई जागरूकता देखने को मिली, जिससे आने वाले समय में क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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    जल-जंगल-जमीन पर अब ग्रामीणों का अधिकार, डोकापाठ ग्राम सभा में विकास की नई रूपरेखा तय
चैनपुर प्रखंड के पीवीटीजी ग्राम डोकापाठ में आयोजित महत्वपूर्ण ग्राम सभा में वनाधिकार और पेसा कानून के माध्यम से ग्रामीणों को सशक्त बनाने को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में डोकापाठ सहित चकडीपापाठ, लिगिरपाठ और घुंघरूपाठ के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जानकारी देते हुए शनिवार की सुबह आठ बजे बताया गया कि ग्राम सभा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके संवैधानिक अधिकारों तथा सामुदायिक वन पट्टे के प्रभावी उपयोग के प्रति जागरूक करना था।
बैठक में रांची से पहुंचे एफआईए फाउंडेशन के आलोक लकड़ा एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ललित कुमार ने ग्रामीणों को पेसा कानून और वनाधिकार अधिनियम दो हजार छह के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के गांवों को वनाधिकार अधिनियम दो हजार छह के तहत सामुदायिक वन पट्टा प्राप्त हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को वन भूमि पर सामुदायिक अधिकार मिला है। वहीं पेसा कानून लागू होने के बाद ग्राम सभा को योजनाओं के निर्माण और संचालन का पूर्ण अधिकार प्राप्त हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया मजबूत हुई है।
ग्राम सभा के दौरान सामुदायिक वन पट्टे के प्रबंधन पर विशेष चर्चा हुई। ग्रामीणों को बताया गया कि जिन भूखंडों और प्लॉट नंबरों पर पट्टा मिला है, उनका भौतिक सत्यापन एवं सीमांकन करना आवश्यक है। इसके बाद वन संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन को लेकर विस्तृत विकास योजना तैयार की जाएगी। इस प्रस्ताव पर ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से अपनी सहमति प्रदान की।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगली ग्राम सभा में सभी सदस्य वन क्षेत्र का संयुक्त भ्रमण करेंगे तथा विकास योजना को अंतिम रूप देने के लिए औपचारिक स्वीकृति देंगे। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ललित कुमार महतो ने कहा कि अब ग्राम सभा केवल चर्चा का मंच नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था बन चुकी है। पेसा कानून और वनाधिकार के समन्वय से गांव के विकास और वनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं ग्रामीणों के हाथों में आ गई है।
ग्राम सभा के इस आयोजन से ग्रामीणों में जल-जंगल-जमीन के संरक्षण और सामुदायिक विकास को लेकर नई जागरूकता देखने को मिली, जिससे आने वाले समय में क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
  • ‎👮‍♂️ जशपुर पुलिस को नशे के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन आघात के तहत फरार चल रहे नशा सप्लायर रंजन साहू को जिला सुंदरगढ़ (उड़ीसा) से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जनवरी 2026 में चौकी कोतबा क्षेत्र के ग्राम सुरंगपानी से आरोपी मोहित कुमार गुप्ता के कब्जे से ₹1,11,000 कीमत की 640 नग प्रतिबंधित नशीली विस्कोरेक्स कोडीन फॉस्फेट कफ सिरप जप्त की गई थी,उक्त मामले में मोहित कुमार गुप्ता को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,एंड टू एंड विवेचना के दौरान पुलिस को कफ सिरप के मुख्य सप्लायर की जानकारी मिली। ➡️ फरार आरोपी रंजन उर्फ राजू उर्फ पाकु की लगातार पतासाजी के बाद सुंदरगढ़ (उड़ीसा) से गिरफ्तार किया गया। ‎➡️ आरोपी के विरुद्ध NDPS एक्ट की धारा 21(C), 27(A) एवं 29 के तहत अपराध पंजीबद्ध। ‎➡️ आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी जप्त किया गया है। ‎👤 गिरफ्तार आरोपी रंजन साहू उर्फ राजन उर्फ पाकु (30 वर्ष) ‎निवासी – ग्राम मालिपाड़ा खटकुरबहार, थाना कुत्रा, जिला सुंदरगढ़ (उड़ीसा) ‎ ‎🚫 नशे के विरुद्ध जशपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी… क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ.
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    ‎👮‍♂️ जशपुर पुलिस को नशे के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन आघात के तहत फरार चल रहे नशा सप्लायर रंजन साहू को जिला सुंदरगढ़ (उड़ीसा) से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जनवरी 2026 में चौकी कोतबा क्षेत्र के ग्राम सुरंगपानी से आरोपी मोहित कुमार गुप्ता के कब्जे से ₹1,11,000 कीमत की 640 नग प्रतिबंधित नशीली विस्कोरेक्स कोडीन फॉस्फेट कफ सिरप जप्त की गई थी,उक्त मामले में मोहित कुमार गुप्ता को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,एंड टू एंड विवेचना के दौरान पुलिस को कफ सिरप के मुख्य सप्लायर की जानकारी मिली।
➡️ फरार आरोपी रंजन उर्फ राजू उर्फ पाकु की लगातार पतासाजी के बाद सुंदरगढ़ (उड़ीसा) से गिरफ्तार किया गया।
‎➡️ आरोपी के विरुद्ध NDPS एक्ट की धारा 21(C), 27(A) एवं 29 के तहत अपराध पंजीबद्ध।
‎➡️ आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी जप्त किया गया है।
‎👤 गिरफ्तार आरोपी
रंजन साहू उर्फ राजन उर्फ पाकु (30 वर्ष)
‎निवासी – ग्राम मालिपाड़ा खटकुरबहार, थाना कुत्रा, जिला सुंदरगढ़ (उड़ीसा)
‎
‎🚫 नशे के विरुद्ध जशपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी…
क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ.
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company Sanna, Jashpur•
    10 hrs ago
  • सिसई प्रखंड के छारदा रोड में नया बने श्री श्री 108 अंबिकेश्वर शिव मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 1100 कलश का भव्य कलश यात्रा निकाला गया। इस कार्यक्रम में कोचे मुंडा, ऋषि नाथ साहदेव, जिप सदस्य विजय लक्ष्मी कुमारी सहित प्रखंड क्षेत्र के हजारों की संख्या श्रद्धालु भक्त शामिल हुए। वही मंदिर प्रांगण से लेकर बांस टोली कंश नदी तक कलश यात्रा निकाला गया। श्री राम, भगवान भोले नाथ, वीर हनुमान की जय घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। वही भक्ति गीतों में भक्त झूमते रहे। भीष्ण गर्मी को देखते हुए जगह जगह पर पानी का वितरण किया जा रहा था।
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    सिसई प्रखंड के छारदा रोड में नया बने श्री श्री 108 अंबिकेश्वर शिव मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 1100 कलश का भव्य कलश यात्रा निकाला गया। इस कार्यक्रम में कोचे मुंडा, ऋषि नाथ साहदेव, जिप सदस्य विजय लक्ष्मी कुमारी सहित प्रखंड क्षेत्र के हजारों की संख्या श्रद्धालु भक्त शामिल हुए। वही मंदिर प्रांगण से लेकर बांस टोली कंश नदी तक कलश यात्रा निकाला गया। श्री राम, भगवान भोले नाथ, वीर हनुमान की जय घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। वही भक्ति गीतों में भक्त झूमते रहे। भीष्ण गर्मी को देखते हुए जगह जगह पर पानी का वितरण किया जा रहा था।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    6 hrs ago
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