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बगीचे में एक लड़का मिला जिसमें लड़के के अंदर एक गाने का था बगीचे में एक लड़का मिला जिसमें लड़के के अंदर एक गाने का था
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बगीचे में एक लड़का मिला जिसमें लड़के के अंदर एक गाने का था बगीचे में एक लड़का मिला जिसमें लड़के के अंदर एक गाने का था
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- बगीचे में एक लड़का मिला जिसमें लड़के के अंदर एक गाने का था बगीचे में एक लड़का मिला जिसमें लड़के के अंदर एक गाने का था1
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को गुमला के सदर अस्पताल परिसर से तंबाकू नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान की संयुक्त शुरुआत उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी और एलआरडीसी गुमला राजीव कुमार ने की। कार्यक्रम के दौरान जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रचार-प्रसार जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही, तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए एक हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में जनसहभागिता बढ़ाने और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। मौके पर अस्पताल प्रबंधक, जिला परामर्शी (तंबाकू निषेध कोषांग), मनोवैज्ञानिक तंबाकू मुक्ति केंद्र, एफएलसी-एनसीडी के प्रतिनिधि, सहियाएं तथा सदर अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे।3
- गुमला सदर थाना क्षेत्र के मड़ापानी के समीप सोमवार शाम एक ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया, जिसमें सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार और वासुदेव कुमार सहित चार अन्य व्यक्ति शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर कुरूमगढ़ में निर्माणाधीन अस्पताल तक ईंटें पहुँचाकर वापस लौट रहा था। मड़ापानी के पास सड़क पर अचानक एक गाय सामने आ गई। गाय को बचाने के प्रयास में चालक ने ट्रैक्टर मोड़ने की कोशिश की, जिससे उसका एक पहिया सड़क किनारे गड्ढे में फंस गया। इसके बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर दो हिस्सों में टूट गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य चलाते हुए घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए भेजा। वहीं, गंभीर रूप से घायल धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार और वासुदेव कुमार को बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में सभी का उपचार जारी है।4
- झारखंड प्रदेश डिजिटल पंचायत सचिवालय प्रज्ञा केंद्र संचालक संघ, जिला इकाई सिमडेगा के बैनर तले पंचायत सचिवालयों में कार्यरत डिजिटल पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालकों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन डिजिटल हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल अपनी विभिन्न मांगों को लेकर की जा रही है, जिसके संबंध में संघ ने उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूर्व सूचना दी थी। संघ का कहना है कि राज्यभर के पंचायत सचिवालयों में कार्यरत डिजिटल पंचायत प्रज्ञा केंद्र संचालक लंबे समय से कम मानदेय, संसाधनों की कमी और आउटसोर्सिंग कंपनी की कथित मनमानी नीतियों के बीच काम कर रहे हैं। कई बार मांगों को उठाने के बावजूद समाधान न होने पर संचालकों ने लोकतांत्रिक तरीके से हड़ताल का यह निर्णय लिया। हड़ताल के दौरान डिजिटल पंचायत परियोजना से संबंधित सरकारी कार्य पूर्ववत संचालित होते रहेंगे, लेकिन डिजिटल उपस्थिति (डिजिटल अटेंडेंस) का बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही, राज्य के विभिन्न जिलों और प्रखंडों में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे। संचालकों की 10 सूत्री मांगों में आउटसोर्सिंग कंपनी सीएससी ई-गवर्नेंस इंडिया लिमिटेड की कथित शोषणकारी नीतियों पर रोक लगाने, पंचायत सचिवालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने, पूर्व में हटाए गए संचालकों की पुनर्बहाली, लंबित सुविधाओं का भुगतान, आधार सेवा संचालन के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने तथा मानदेय में वृद्धि सहित अन्य मांगें शामिल हैं। संघ के अनुसार, वर्तमान में संचालकों को मात्र 2475 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो न्यूनतम मजदूरी से भी कम है। इसके अतिरिक्त, पंचायत सचिवालयों में इंटरनेट, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कार्य करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष शिशिर टोप्पो, जिला सचिव पुरुषोत्तम दास, जिला प्रवक्ता अमित कुमार, जिला कोषाध्यक्ष नीलेश कुमार, जिला सह सचिव यशवंत रावत, जिला उपाध्यक्ष बसंती टोप्पो, बसंत सामद, सुरेश बड़ाइक, जिला उप कोषाध्यक्ष नूतन लाल सहित बड़ी संख्या में प्रज्ञा केंद्र संचालक उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष शिशिर टोप्पो ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और संबंधित विभाग द्वारा मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से संचालकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।1
- महुआडांड़ स्थित सारना भवन में जनजाति सुरक्षा मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहाँ जनजातीय समाज के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव, प्रांतीय संयोजक हिंदूवा उरांव तथा जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांतीय सदस्य शन्नी टोप्पो सहित कई गणमान्य लोग और समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक के दौरान जनजातीय समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, जनजातीय समूहों के संगठनात्मक विस्तार और समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की गई। उपस्थित वक्ताओं ने धर्मांतरण को समाज की पहचान पर हमला करार देते हुए जनजातीय अधिकारों और पारंपरिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में डीलिस्टिंग, बैगा, पुजार और पाहन के चुनाव संबंधी विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, मुंडा और नगेसिया समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया, जिस पर सदस्यों ने सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। यह बैठक समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा तथा जनजातीय हितों के संरक्षण के संकल्प के साथ समाप्त हुई।4
- गाल फुला नदी पर बने पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल डामर बिछाने का काम शेष है। इस काम के संपन्न होते ही पुल पर बसों, ट्रकों और अन्य गाड़ियों का आवागमन शुरू हो जाएगा।1
- यह संदेश अनावश्यक ऑपरेशन, टेस्टिंग और दवाओं से खुद को बचाने और रोगों को जड़ से खत्म करने पर केंद्रित है। इसका मुख्य जोर यह है कि व्यक्ति को उन चिकित्सा प्रक्रियाओं से बचना चाहिए जिनकी वास्तव में आवश्यकता नहीं है, ताकि बीमारियों का स्थायी समाधान किया जा सके।1
- झारखंड के गुमला में भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बकाया भुगतान न मिलने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और निर्माण कार्य में लगे एक एचआर कर्मी के साथ तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई तक की नौबत आ गई। यह परियोजना कभी भूमि मुआवजे को लेकर विरोध प्रदर्शनों का गवाह बनती है तो कभी टाना भगत समुदाय द्वारा प्रशासन को ज्ञापन सौंपने को लेकर सुर्खियों में रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से जुड़ी कंपनी द्वारा काम तो कराया गया, लेकिन मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। भुगतान के लिए कई बार मांग करने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीण गंगा सिंह ने बताया कि वे सभी भूमि सिक्योरिटी मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से भारतमाला परियोजना में नाइट गार्ड के रूप में कार्यरत थे, लेकिन काम करने के बावजूद कई लोगों का मेहनताना अब तक बकाया है। उन्होंने विराज सिंह का 20 दिन, पंकज पांडेय का 23 दिन, महादेव महतो का 21 दिन, सूरज सिंह का 58 दिन, गणेश सिंह का 34 दिन, प्रीतम कुमार का 28 दिन, गंगा सिंह का 54 दिन, रामकुमार गुप्ता का 53 दिन, लुईस मिंज का 52 दिन तथा अमर सिंह का 20 दिन का भुगतान अब तक नहीं होने की जानकारी दी। आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।2