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पूजा अच्छा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ Baba Bachcharaj Kunwar Dham Baba Bachcharaj Kunwar Dham
दैनिक भास्कर डंडई
पूजा अच्छा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ Baba Bachcharaj Kunwar Dham Baba Bachcharaj Kunwar Dham
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- Baba Bachcharaj Kunwar Dham1
- चिनीयां थाना क्षेत्र के कुम्हार टोली, चिनीयां–रंका मुख्य सड़क पर रविवार दोपहर करीब 3 बजे उस वक्त अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब स्थानीय लोगों ने सड़क पर ही थ्रेसर मशीन लगाकर गेहूं की दवाई (मड़ाई) शुरू कर दी। देखते ही देखते मुख्य सड़क ‘थ्रेसर जोन’ में तब्दील हो गई और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। करीब दो घंटे तक सड़क पर ही थ्रेसर मशीन चलती रही, जिससे उड़ने वाले भूसे और धूल (डस्ट) ने पूरे इलाके को ढक लिया। सड़क से गुजर रहे बाइक सवार, साइकिल चालक और पैदल राहगीर धूल के गुबार में फंसकर परेशान हो गए। कई लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मुख्य सड़क है, जहां दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद सड़क पर इस तरह से गेहूं की दवाई करना न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। राहगीरों में इसको लेकर खासा आक्रोश देखा गया। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों के लिए खेत या खुले स्थान का उपयोग किया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक सड़क का। कई लोगों ने प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे चलकर इससे बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। फिलहाल इस घटना ने स्थानीय व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- फारबिसगंज मुझे एक साथ दुकान ने पिकप ड्रावर का मेनरोड चाकू से गला काट दिया वारदात cctv camera 📸 मेरिकॉर्ड हो गया l (Forbesganj) भारत के बिहार राज्य के अररिया जिले में स्थित एक प्रमुख शहर और नगर पालिका है। यह नेपाल की सीमा के करीब स्थित है और अररिया जिले के अंतर्गत आता है, जो पूर्व में पूर्णिया जिले का हिस्सा था।1
- झारखंड के छात्राओं को इस दिन मिलेगी स्कॉलरशिप पूरी जानकारी इस वीडियो में1
- Post by Anit tiwary1
- Post by Sunil singh1
- जनपद सोनभद्र - हाथी नाला थाना क्षेत्र के हथवानी गांव के समीप वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर शनिवार शाम लगभग 5 बजे दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई, जिससे उनमें सवार दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और देखते ही देखते आग ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के दौरान ट्रकों में सवार ड्राइवर और खलासी फंस गए सूचना मिलते ही हाथीनाला और रेणुकूट पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद एक ट्रक चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसे गंभीर हालत में हिंडालको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दो अन्य लोग बुरी तरह फंसे होने के कारण जिंदा जल गए। एक अन्य खलासी के भी वाहन में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन ट्रक पूरी तरह जल जाने और क्षतिग्रस्त होने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, सीओ पिपरी हर्ष पांडे और सीओ ओबरा अमित कुमार समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। आग बुझाने के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट, चोपन फायर स्टेशन और हिंडालको की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि रेणुकूट की ओर जा रही हाईवा में राख लदी थी, जबकि सामने से आ रहे ट्रक में अमूल कंपनी का दूध (200 मिलीलीटर के पैकेट) लदा था, जो हादसे के बाद सड़क पर बिखर गया। दुर्घटना के बाद मार्ग के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने मुर्धवा मोड़ पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को दुद्धी मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- किसानों की सुरक्षा के लिए “किसान मित्र छड़ी” एक उपयोगी नवाचार है। इसमें कंपन अलर्ट और सोलर टॉर्च जैसी सुविधाएं हैं, जो रात में खेतों में काम करते समय सांप व अन्य खतरों से बचाव में मदद करती हैं। कृषि क्षेत्र में AI, ड्रोन, जीएम बीज (GM Seeds) और ड्रिप सिंचाई जैसे नए प्रयोगों से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि, लागत में कमी, जल संरक्षण और कीट-मुक्त फसलों का उत्पादन संभव हुआ है। इन आधुनिक तकनीकों से किसानों को सटीक मौसम पूर्वानुमान और बेहतर मंडी भाव मिलने से आय दोगुनी करने में मदद मिल रही है, साथ ही जैविक खेती से मृदा स्वास्थ्य बेहतर हो रहा हैl1