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किन्नौर मे हुई भारी बर्फबारी, छित कुल मे दो फिट तो निचले क्षेत्रों मे 7 इंच बर्फबारी दर्ज जनजातीय ज़िला किन्नौर मे बर्फबारी हुई है. बर्फबारी का दौर वीरवार से शुरू हुआ है जो शुक्रवार सुबह थमा है. हालांकि ऊँचे पहाड़ों मे अभी भी बर्फबारी जारी है. और मौसम खराब है। ज़िला मे वीरवार से पूर्व भी हल्की हल्की बर्फबारी हुई है। जिसके चलते ज़िला किन्नौर मार्च महीने मे भी शीतलहर के कहर मे फंस चुका है। ज़िला के मलिंग नाला मे भी बर्फबारी के कारण सड़क अवरुद्ध हुआ है. और ज़िला के कई क्षेत्रों मे सडके अवरुद्ध हुए है।

14 hrs ago
user_ANIL KUMAR NEGI
ANIL KUMAR NEGI
कल्पा, किन्नौर, हिमाचल प्रदेश•
14 hrs ago

किन्नौर मे हुई भारी बर्फबारी, छित कुल मे दो फिट तो निचले क्षेत्रों मे 7 इंच बर्फबारी दर्ज जनजातीय ज़िला किन्नौर मे बर्फबारी हुई है. बर्फबारी का दौर वीरवार से शुरू हुआ है जो शुक्रवार सुबह थमा है. हालांकि ऊँचे पहाड़ों मे अभी भी बर्फबारी जारी है. और मौसम खराब है। ज़िला मे वीरवार से पूर्व भी हल्की हल्की बर्फबारी हुई है। जिसके चलते ज़िला किन्नौर मार्च महीने मे भी शीतलहर के कहर मे फंस चुका है। ज़िला के मलिंग नाला मे भी बर्फबारी के कारण सड़क अवरुद्ध हुआ है. और ज़िला के कई क्षेत्रों मे सडके अवरुद्ध हुए है।

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  • जनजातीय ज़िला किन्नौर मे बर्फबारी हुई है. बर्फबारी का दौर वीरवार से शुरू हुआ है जो शुक्रवार सुबह थमा है. हालांकि ऊँचे पहाड़ों मे अभी भी बर्फबारी जारी है. और मौसम खराब है। ज़िला मे वीरवार से पूर्व भी हल्की हल्की बर्फबारी हुई है। जिसके चलते ज़िला किन्नौर मार्च महीने मे भी शीतलहर के कहर मे फंस चुका है। ज़िला के मलिंग नाला मे भी बर्फबारी के कारण सड़क अवरुद्ध हुआ है. और ज़िला के कई क्षेत्रों मे सडके अवरुद्ध हुए है।
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    जनजातीय ज़िला किन्नौर मे बर्फबारी हुई है. बर्फबारी का दौर वीरवार से शुरू हुआ है जो शुक्रवार सुबह थमा है. हालांकि ऊँचे पहाड़ों मे अभी भी बर्फबारी जारी है. और मौसम खराब है। ज़िला मे वीरवार से पूर्व भी हल्की हल्की बर्फबारी हुई है। जिसके चलते ज़िला किन्नौर मार्च महीने मे भी शीतलहर के कहर मे फंस चुका है। ज़िला के मलिंग नाला मे भी बर्फबारी के कारण सड़क अवरुद्ध हुआ है. और ज़िला के कई क्षेत्रों मे सडके अवरुद्ध हुए है।
    user_ANIL KUMAR NEGI
    ANIL KUMAR NEGI
    कल्पा, किन्नौर, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश विधान सभा सत्र 20 मार्च : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का वक्तव्य
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    हिमाचल प्रदेश विधान सभा सत्र 20 मार्च : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का वक्तव्य
    user_Him News Update
    Him News Update
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by Dev Raj Thakur
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    Post by Dev Raj  Thakur
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • चारधाम यात्रा से पहले बड़ा फैसला, केदारनाथ-बद्रीनाथ में नई व्यवस्था लागू केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर को लेकर चारधाम यात्रा से पहले अहम फैसला लिया गया है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने घोषणा की है कि यात्रा के दौरान दोनों मंदिरों के गर्भगृह में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक रहेगी। समिति के अनुसार यह निर्णय मंदिरों की परंपराओं, धार्मिक मर्यादाओं और आस्था की पवित्रता बनाए रखने के लिए लिया गया है। हालांकि मंदिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत रहेगा, लेकिन गर्भगृह में प्रवेश केवल सनातन परंपरा को मानने वाले भक्तों तक सीमित रहेगा। चारधाम यात्रा से पहले लिए गए इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है, वहीं प्रशासन भी व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।
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    चारधाम यात्रा से पहले बड़ा फैसला, केदारनाथ-बद्रीनाथ में नई व्यवस्था लागू
केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर को लेकर चारधाम यात्रा से पहले अहम फैसला लिया गया है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने घोषणा की है कि यात्रा के दौरान दोनों मंदिरों के गर्भगृह में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
समिति के अनुसार यह निर्णय मंदिरों की परंपराओं, धार्मिक मर्यादाओं और आस्था की पवित्रता बनाए रखने के लिए लिया गया है। हालांकि मंदिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत रहेगा, लेकिन गर्भगृह में प्रवेश केवल सनातन परंपरा को मानने वाले भक्तों तक सीमित रहेगा।
चारधाम यात्रा से पहले लिए गए इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है, वहीं प्रशासन भी व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।
    user_Sadhna yadav
    Sadhna yadav
    Rajgarhi, Uttar Kashi•
    1 hr ago
  • अचानक बदले मौसम ने पूरे क्षेत्र में एक बार फिर सर्दी का अहसास करा दिया है। जहां कुछ दिनों पहले गर्मी ने दस्तक दे दी थी, वहीं अब मौसम ने करवट बदलते हुए निचले इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू कर दिया है। अगर ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों की बात करें, तो गंगोत्री शीतकालीन प्रभास मुखवा हर्षिल नेशनल पार्क और गंगोत्री धाम में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। यहां करीब डेढ़ फीट से अधिक बर्फ गिर चुकी है और बर्फबारी का सिलसिला अभी भी लगातार जारी है। वहीं शीतकालीन प्रवास मुखवा और हर्षिल समेत आसपास के तमाम क्षेत्रों में भी एक फीट से अधिक बर्फबारी हो चुकी है। इस अचानक हुए मौसम परिवर्तन से जहां जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। यह बर्फबारी और बारिश फसलों के लिए काफी लाभदायक मानी जा रही है। फिलहाल मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का दौर अभी जारी रह सकता है, जिससे ठंड एक बार फिर लौट आई है।
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    अचानक बदले मौसम ने पूरे क्षेत्र में एक बार फिर सर्दी का अहसास करा दिया है। जहां कुछ दिनों पहले गर्मी ने दस्तक दे दी थी, वहीं अब मौसम ने करवट बदलते हुए निचले इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू कर दिया है।
अगर ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों की बात करें, तो गंगोत्री शीतकालीन प्रभास मुखवा हर्षिल नेशनल पार्क और गंगोत्री धाम में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। यहां करीब डेढ़ फीट से अधिक बर्फ गिर चुकी है और बर्फबारी का सिलसिला अभी भी लगातार जारी है।
वहीं शीतकालीन प्रवास मुखवा और हर्षिल समेत आसपास के तमाम क्षेत्रों में भी एक फीट से अधिक बर्फबारी हो चुकी है। इस अचानक हुए मौसम परिवर्तन से जहां जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। यह बर्फबारी और बारिश फसलों के लिए काफी लाभदायक मानी जा रही है।
फिलहाल मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का दौर अभी जारी रह सकता है, जिससे ठंड एक बार फिर लौट आई है।
    user_सुमित कुमार
    सुमित कुमार
    Court reporter भटवारी, उत्तर काशी, उत्तराखंड•
    17 hrs ago
  • ​ रिपोर्ट 20 मार्च,बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज नदी के डाउनस्ट्रीम में बढ़ते खतरे और डेंजर जोन की भूमि व मकानों के अधिग्रहण की मांग को लेकर प्रभावितों का सब्र अब जवाब देने लगा है। एनएचपीसी चरण-3 के सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दूसरे सत्र में जब हितधारकों ने अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर सवाल उठाए, तो परियोजना प्रबंधन के जवाब ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ​बाढ़ के खतरे के बीच अधिग्रहण की उठी मांग ​दूसरे सत्र की अध्यक्षता कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति जिला एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने की। बैठक में पार्वती परियोजना प्रभावितों और स्थानीय हितधारकों ने एक सुर में मांग उठाई कि नदी का जलस्तर बढ़ने से सैंज बाजार और रिहायशी इलाके डेंजर जोन की जद में हैं। उन्होंने प्रशासन और एनएचपीसी से मांग की कि इस खतरे को देखते हुए पूरी भूमि, मार्केट और घरों का सरकार द्वारा अधिग्रहण किया जाए ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाया जा सके। ​महाप्रबंधक के इनकार से बढ़ा असंतोष ​बैठक में मौजूद पार्वती परियोजना चरण-2 के महाप्रबंधक रणजीत कुमार और चरण-3 के महाप्रबंधक सुधीर नेगी ने प्रभावितों की मांगों को विस्तार से सुना, लेकिन अधिग्रहण के मुद्दे पर स्पष्ट इनकार कर दिया। परियोजना प्रबंधन ने कहा कि भूमि अधिग्रहण करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। एनएचपीसी के इस दोटूक जवाब के बाद प्रभावितों में गहरा असंतोष देखा गया और बैठक में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। ​सुरक्षा के कड़े इंतजामों का निर्देश ​प्रभावितों की नाराजगी को देखते हुए एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि जब तक अधिग्रहण पर फैसला नहीं होता, तब तक लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में एसडीएम बंजार पंकज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद
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    ​ रिपोर्ट 20 मार्च,बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज।
सैंज नदी के डाउनस्ट्रीम में बढ़ते खतरे और डेंजर जोन की भूमि व मकानों के अधिग्रहण की मांग को लेकर प्रभावितों का सब्र अब जवाब देने लगा है। एनएचपीसी चरण-3 के सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दूसरे सत्र में जब हितधारकों ने अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर सवाल उठाए, तो परियोजना प्रबंधन के जवाब ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
​बाढ़ के खतरे के बीच अधिग्रहण की उठी मांग
​दूसरे सत्र की अध्यक्षता कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति जिला एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने की। बैठक में पार्वती परियोजना प्रभावितों और स्थानीय हितधारकों ने एक सुर में मांग उठाई कि नदी का जलस्तर बढ़ने से सैंज बाजार और रिहायशी इलाके डेंजर जोन की जद में हैं। उन्होंने प्रशासन और एनएचपीसी से मांग की कि इस खतरे को देखते हुए पूरी भूमि, मार्केट और घरों का सरकार द्वारा अधिग्रहण किया जाए ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाया जा सके।
​महाप्रबंधक के इनकार से बढ़ा असंतोष
​बैठक में मौजूद पार्वती परियोजना चरण-2 के महाप्रबंधक रणजीत कुमार और चरण-3 के महाप्रबंधक सुधीर नेगी ने प्रभावितों की मांगों को विस्तार से सुना, लेकिन अधिग्रहण के मुद्दे पर स्पष्ट इनकार कर दिया। परियोजना प्रबंधन ने कहा कि भूमि अधिग्रहण करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। एनएचपीसी के इस दोटूक जवाब के बाद प्रभावितों में गहरा असंतोष देखा गया और बैठक में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
​सुरक्षा के कड़े इंतजामों का निर्देश
​प्रभावितों की नाराजगी को देखते हुए एपीएमसी चेयरमैन राम सिंह मियां ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि जब तक अधिग्रहण पर फैसला नहीं होता, तब तक लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में एसडीएम बंजार पंकज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter Sainj, Kullu•
    17 hrs ago
  • कल रात्रि से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगातार बर्फबारी देखने को मिल रही है। मार्च के मध्य में उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली है, और दो धामों में (खासकर गंगोत्री-यमुनोत्री) में ताजा बर्फबारी से पूरा इलाका सफेद चादर ओढ़े हुए है।वहीं निचले क्षेत्रों में भी लगातार बारिश देखने को मिल रही हैं. Vol. आज 20 मार्च को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगातार बर्फबारी हो रही है। पिछले 4-5 दिनों से जारी इस ताजा हिमपात ने इलाके को फिर से कड़ाके की ठंड में लपेट दिया है।उत्तरकाशी जिले के ऊँचे इलाकों में सुबह से ज्यादा बर्फवारी हो रहा है। गंगोत्री धाम के आसपास और यमुनोत्री के रास्ते (राना चट्टी से जानकी चट्टी तक) बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। निचले इलाकों में बारिश के साथ तापमान में तेज गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 1-2 दिन भी ऐसे ही हालात बने रह सकते हैं। Vol. अभी गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट बंद हैं (2026 में ये 19 अप्रैल को खुलेंगे)।प्रकृति की ये खूबसूरती और चुनौती दोनों हमें याद दिलाती है कि हिमालय हमेशा अप्रत्याशित रहता है। उत्तराखंड की इन वादियों में बर्फबारी का ये दौर अभी आगे भी जारी रह सकता हैं ।
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    कल रात्रि से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगातार बर्फबारी देखने को मिल रही है। मार्च के मध्य में उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली है, और दो धामों में   (खासकर गंगोत्री-यमुनोत्री) में ताजा बर्फबारी से पूरा इलाका सफेद चादर ओढ़े हुए है।वहीं निचले क्षेत्रों में भी लगातार बारिश देखने को मिल रही हैं. 
Vol. आज 20 मार्च को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगातार बर्फबारी हो रही है। पिछले 4-5 दिनों से जारी इस ताजा हिमपात ने इलाके को फिर से कड़ाके की ठंड में लपेट दिया है।उत्तरकाशी जिले के ऊँचे इलाकों में सुबह से ज्यादा बर्फवारी  हो रहा है। गंगोत्री धाम के आसपास और यमुनोत्री के रास्ते (राना चट्टी से जानकी चट्टी तक) बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। निचले इलाकों में बारिश के साथ तापमान में तेज गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 1-2 दिन भी ऐसे ही हालात बने रह सकते हैं।
Vol. अभी गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट बंद हैं (2026 में ये 19 अप्रैल को खुलेंगे)।प्रकृति की ये खूबसूरती और चुनौती दोनों हमें याद दिलाती है कि हिमालय हमेशा अप्रत्याशित रहता है। उत्तराखंड की इन वादियों में बर्फबारी का ये दौर अभी आगे भी जारी रह सकता हैं ।
    user_Virendra singh negi
    Virendra singh negi
    डुंडा, उत्तर काशी, उत्तराखंड•
    17 hrs ago
  • ज़िला किन्नौर के भावा घाटी के रमेश हाइड्रो प्रोजेक्ट के करीब एक पहाड़ी से गलेशियर गिरा है। जिसके चलते मौके पर गलेशियर इकट्ठा हुआ है। हालांकि इस दौरान किसी के जान की हानि नहीं हुई है। बता दें कि ज़िला किन्नौर मे लगातार निचले क्षेत्रों मे बारिश व ऊपरी क्षेत्रों मे बर्फबारी के कारण गलेशियर गिरने के साथ साथ पहाड़ों से पत्थरों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ है।
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    ज़िला किन्नौर के भावा घाटी के रमेश हाइड्रो प्रोजेक्ट के करीब एक पहाड़ी से गलेशियर गिरा है। जिसके चलते मौके पर गलेशियर इकट्ठा हुआ है। हालांकि इस दौरान किसी के जान की हानि नहीं हुई है। बता दें कि ज़िला किन्नौर मे लगातार निचले क्षेत्रों मे बारिश व ऊपरी क्षेत्रों मे बर्फबारी के कारण गलेशियर गिरने के साथ साथ पहाड़ों से पत्थरों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ है।
    user_ANIL KUMAR NEGI
    ANIL KUMAR NEGI
    कल्पा, किन्नौर, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
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