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लोहरदगा सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया जहाँ व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई कमियाँ उजागर हुईं लोहरदगा सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया जहाँ व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई कमियाँ उजागर हुईं

1 hr ago
user_Altamas Rja
Altamas Rja
Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
1 hr ago

लोहरदगा सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया जहाँ व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई कमियाँ उजागर हुईं लोहरदगा सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया जहाँ व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई कमियाँ उजागर हुईं

More news from झारखंड and nearby areas
  • क्या है पूरा मामला? वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ युवक चलती सड़क पर एक महिला के साथ बदतमीजी कर रहे हैं। वीडियो में आरोपियों को महिला के कपड़े खींचने जैसी शर्मनाक हरकत करते हुए साफ देखा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। पुलिस की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया। सोशल मीडिया पर एक दूसरी तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें पुलिस उन आरोपियों को गिरफ्तार करके ले जाती हुई दिखाई दे रही है।
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    क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ युवक चलती सड़क पर एक महिला के साथ बदतमीजी कर रहे हैं। वीडियो में आरोपियों को महिला के कपड़े खींचने जैसी शर्मनाक हरकत करते हुए साफ देखा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने वीडियो के आधार पर जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया। सोशल मीडिया पर एक दूसरी तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें पुलिस उन आरोपियों को गिरफ्तार करके ले जाती हुई दिखाई दे रही है।
    user_Er KHAN Sir
    Er KHAN Sir
    कुरु, लोहरदगा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • सिसई (गुमला)। ग्राम पंचायत कुदरा में गलत तरीके से ग्राम प्रधान व सहायक सचिव की नियुक्ति एवं ग्रामसभा समिति के गठन पर ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में हंगामा करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर नये सिरे से चयन करने की मांग की। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन देते हुए बताया है कि 22 अप्रैल 2026 को चयनित प्रक्रिया में शामिल ग्राम पंचायत मुखिया और अंचल से आये हुए सरकारी मुलाजिम के समक्ष कुदरा ग्राम निवासी जयराम और उनके नजदीकी व्यक्तियों के द्वारा अनुचित विरोध व व्यवधान पैदा कर कार्यक्रम को बाधित किया गया। उन्होंने आगे कहा कि ग्राम कुदरा निवासी जयराम उरांव पिता स्व एतवा उरांव ने लगभग एक वर्ष से स्वयं ग्राम प्रधान बनने एवं अपने नजदीकी व्यक्ति को सहायक सचिव बनाने हेतु कई प्रकार के हथकंडे अपनाते हुए षड्यंत्र किया जा रहा है साथ ही ग्रामीणों के आँखों में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। देखा जाय तो इनकी चापलूसी की कहानी अनैतिक तो है ही इसके अलावे अत्यंत रोचक भी है। जानकर आश्चर्य होगा कि पूरे सरकारी तंत्र को धोखे में रखकर नियमों कानून का उलंघन करते हुए तथा बिना सरकारी आदेश पारित हुए अपनी मनमानी तरीके से खुद को प्रमाणित करने हेतु गांव के कुछ घरों में जाकर कई लोगों से हस्ताक्षर कराकर ग्राम प्रधानी का आवेदन अंचल कार्यालय में जमा किया था। तदोपरांत अपना पद का फर्जी मोहर बनवाकर इस्तेमाल भी शुरू कर दिया था उसकी यह शातिराना अंदाज एक प्रकार से लोकतंत्र का मजाक नहीं तो और क्या है। उनके इस फर्जीवाड़ा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला को लिखित रूप से आवेदन दिया जा चुका है। जयराम उरांव अपने स्वार्थ के भूख में संपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ केवल और केवल खुद ही लेना चाहते हैं यह व्यक्ति एक दशक पहले खुद मुखिया का चुनाव लड़ चुका है किन्तु सफल नहीं हुआ। उसके बाद दुबारा वार्ड सदस्य बने और फिर उपमुखिया का पद हासिल किया। इसी दौरान झारखंड झइबल डेवेलॉपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस) का अध्यक्ष रहा तत्पश्चात वर्तमान समय में ग्राम पंचायत खादबीज वितरण लैम्पस का अध्यक्ष भी है। इसके अलावे इनकी पत्नी अनिता उरांव मौजुदा समय में पंचायत समिति (सरपंच) पद पर आसीन है महत्वपूर्ण बात यह है कि जयराम उरांव ने हमेशा अपने पदों का दुरूपयोग करते हुए जातिवाद व भेदभाव के द्वारा अमूमन गांव समाज को बाँटने का काम करते चला आ रहा है। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक से आग्रह करते हुए कहा है कि चयनित प्रक्रिया को पूरे नियमबद्ध तरीके से एवं सरकारी दिशा निर्देशों के तहत ही नियुक्तिकरण की सहमति प्रदान करें ताकि सार्थक पहलुओं को लागू करने के बाद सभी बुनियादी सुविधाओं और सिद्धांतों का कदापि हनन न हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए ये भी कहा है कि यदि ग्रामसभा के बिना अवैध रूप से नियुक्ति होता है तो इसका जिम्मेवार स्वयं अंचल अधिकारी होंगे। वहीं ग्रामीण विष्णु लोहरा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रकरण के बारे में गंभीर मंथन करने के बाद पर्याप्त कारणों व समयक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए ऐसा लगता है कि हमारे गांव में सातवां पास व्यक्ति पढ़ा लिखा सिर्फ एक ही व्यक्ति है जिसका नाम जयराम उरांव है बाकि गांव के सभी बीए, एमए किये हुए युवक युवतियाँ अनपढ़ गवाँर के श्रेणि में आते हैं कारण हर पद व योजनाओं का अधिकार एक ही व्यक्ति को मिलना क्या यह उचित है जो व्यक्ति केवल अपना और अपनों का ही भला चाहता हो वैसा व्यक्ति कभी समाज का कल्याण नहीं कर सकता है और ना ही गांव के विकास में अपना भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है इसलिए ऐसे अयोग्य व्यक्ति को ग्राम प्रधान बनने का कोई अधिकार नहीं है। मौके पर वार्ड सदस्य सुनीता देवी, सुरेश उरांव, विष्णु लोहरा राजू, मदन सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।
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    सिसई (गुमला)। ग्राम पंचायत कुदरा में गलत तरीके से ग्राम प्रधान व सहायक सचिव की नियुक्ति एवं ग्रामसभा समिति के गठन पर ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में हंगामा करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर नये सिरे से चयन करने की मांग की। 
ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन देते हुए बताया है कि 22 अप्रैल 2026 को चयनित प्रक्रिया में शामिल ग्राम पंचायत मुखिया और अंचल से आये हुए सरकारी मुलाजिम के समक्ष कुदरा ग्राम निवासी जयराम और उनके नजदीकी व्यक्तियों के द्वारा अनुचित विरोध व व्यवधान पैदा कर कार्यक्रम को बाधित किया गया। उन्होंने आगे  कहा कि ग्राम कुदरा निवासी जयराम उरांव पिता स्व एतवा उरांव ने लगभग एक वर्ष से स्वयं ग्राम प्रधान बनने एवं अपने नजदीकी व्यक्ति को सहायक सचिव बनाने हेतु कई प्रकार के हथकंडे अपनाते हुए षड्यंत्र किया जा रहा है साथ ही ग्रामीणों के आँखों में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। देखा जाय तो इनकी चापलूसी की कहानी अनैतिक तो है ही इसके अलावे अत्यंत रोचक भी है। जानकर आश्चर्य होगा कि पूरे सरकारी तंत्र को धोखे में रखकर नियमों कानून का उलंघन करते हुए तथा बिना सरकारी आदेश पारित हुए अपनी मनमानी तरीके से खुद को प्रमाणित करने हेतु गांव के कुछ घरों में जाकर कई लोगों से हस्ताक्षर कराकर ग्राम प्रधानी का आवेदन अंचल कार्यालय में जमा किया था। तदोपरांत अपना पद का फर्जी मोहर बनवाकर इस्तेमाल भी शुरू कर दिया था उसकी यह शातिराना अंदाज एक प्रकार से लोकतंत्र का मजाक नहीं तो और क्या है। उनके इस फर्जीवाड़ा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला को लिखित रूप से आवेदन दिया जा चुका है।
जयराम उरांव अपने स्वार्थ के भूख में संपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ केवल और केवल खुद ही लेना चाहते हैं यह व्यक्ति एक दशक पहले खुद मुखिया का चुनाव लड़ चुका है किन्तु सफल नहीं हुआ। उसके बाद दुबारा वार्ड सदस्य बने और फिर उपमुखिया का पद हासिल किया। इसी दौरान झारखंड झइबल डेवेलॉपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस) का अध्यक्ष रहा तत्पश्चात वर्तमान समय में ग्राम पंचायत खादबीज वितरण लैम्पस का अध्यक्ष भी है। इसके अलावे इनकी पत्नी अनिता उरांव मौजुदा समय में पंचायत समिति (सरपंच) पद पर आसीन है महत्वपूर्ण बात यह है कि जयराम उरांव ने हमेशा अपने पदों का दुरूपयोग करते हुए जातिवाद व भेदभाव के द्वारा अमूमन गांव समाज को बाँटने का काम करते चला आ रहा है। 
ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक से आग्रह करते हुए कहा है कि चयनित प्रक्रिया को पूरे नियमबद्ध तरीके से एवं सरकारी दिशा निर्देशों के तहत ही नियुक्तिकरण की सहमति प्रदान करें ताकि सार्थक पहलुओं को लागू करने के बाद सभी बुनियादी सुविधाओं और सिद्धांतों का कदापि हनन न हो सके। 
ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए ये भी कहा है कि यदि ग्रामसभा के बिना अवैध रूप से नियुक्ति होता है तो इसका जिम्मेवार स्वयं अंचल अधिकारी होंगे। 
वहीं ग्रामीण विष्णु लोहरा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रकरण के बारे में गंभीर मंथन करने के बाद पर्याप्त कारणों व समयक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए ऐसा लगता है कि हमारे गांव में सातवां पास व्यक्ति पढ़ा लिखा सिर्फ एक ही व्यक्ति है जिसका नाम जयराम उरांव है बाकि गांव के सभी बीए, एमए किये हुए युवक युवतियाँ अनपढ़ गवाँर के श्रेणि में आते हैं कारण हर पद व योजनाओं का अधिकार एक ही व्यक्ति को मिलना क्या यह उचित है जो व्यक्ति केवल अपना और अपनों का ही भला चाहता हो वैसा व्यक्ति कभी समाज का कल्याण नहीं कर सकता है और ना ही गांव के विकास में अपना भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है इसलिए ऐसे अयोग्य व्यक्ति को ग्राम प्रधान बनने का कोई अधिकार नहीं है। 
मौके पर वार्ड सदस्य सुनीता देवी, सुरेश उरांव, विष्णु लोहरा राजू, मदन सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • लातेहार। जिले के बसिया पंचायत अंतर्गत तेतरिया खाड़ गांव में संचालित सीसीएल परियोजना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीएनएम कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते करीब पांच वर्षों से कंपनी द्वारा ओवरबर्डन (ओबी) हटाने और कोयला निकासी का कार्य किया जा रहा है, लेकिन इस दौरान कोयले की गुणवत्ता बेहद खराब रही है। कोयले में मिट्टी और पत्थर मिलाकर निकासी किए जाने से न केवल इसकी कीमत प्रभावित हो रही है, बल्कि करीब 700 ट्रकों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने कंपनी की नीयत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर कम दर पर लंबी अवधि का टेंडर लेकर स्थानीय ट्रक मालिकों को कमजोर किया जा रहा है, ताकि उन्हें कारोबार से बाहर कर कंपनी अपने निजी डंपरों का संचालन कर सके। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सीसीएल पिछले 35 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके अब तक कंपनी का खुद का सड़क मार्ग नहीं है और वह ग्रामीणों के सहयोग से ही संचालित होती रही है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कंपनी द्वारा कोयले में आग लगाकर इसका दोष ग्रामीणों पर मढ़ने और झूठे मुकदमे दर्ज कराने की साजिश की जा सकती है। साथ ही एससी/एसटी कानून के नाम पर डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और लोगों की आजीविका सुरक्षित रह सके।
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    लातेहार। जिले के बसिया पंचायत अंतर्गत तेतरिया खाड़ गांव में संचालित सीसीएल परियोजना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीएनएम कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीते करीब पांच वर्षों से कंपनी द्वारा ओवरबर्डन (ओबी) हटाने और कोयला निकासी का कार्य किया जा रहा है, लेकिन इस दौरान कोयले की गुणवत्ता बेहद खराब रही है। कोयले में मिट्टी और पत्थर मिलाकर निकासी किए जाने से न केवल इसकी कीमत प्रभावित हो रही है, बल्कि करीब 700 ट्रकों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों ने कंपनी की नीयत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर कम दर पर लंबी अवधि का टेंडर लेकर स्थानीय ट्रक मालिकों को कमजोर किया जा रहा है, ताकि उन्हें कारोबार से बाहर कर कंपनी अपने निजी डंपरों का संचालन कर सके।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सीसीएल पिछले 35 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत है, बावजूद इसके अब तक कंपनी का खुद का सड़क मार्ग नहीं है और वह ग्रामीणों के सहयोग से ही संचालित होती रही है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कंपनी द्वारा कोयले में आग लगाकर इसका दोष ग्रामीणों पर मढ़ने और झूठे मुकदमे दर्ज कराने की साजिश की जा सकती है। साथ ही एससी/एसटी कानून के नाम पर डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और लोगों की आजीविका सुरक्षित रह सके।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    18 hrs ago
  • लातेहार प्रखंड सभागार में भारत की आगामी जनगणना 2027 के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना के प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना—को लेकर आयोजित किया गया है। इस दौरान प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को घर-घर जाकर सटीक जानकारी संकलित करने की विधि, प्रपत्र भरने की प्रक्रिया, मानकों का पालन तथा डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में जनगणना कार्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह प्रक्रिया देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतियों के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है। प्रशिक्षकों ने प्रगणकों को समझाया कि वे प्रत्येक मकान की स्थिति, उपयोग, निवासियों की संख्या और आवश्यक विवरण सावधानीपूर्वक दर्ज करें, ताकि वास्तविक स्थिति का सही आंकलन हो सके। कार्यक्रम के दौरान व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें फॉर्म भरने और संभावित परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कराया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि कार्य के दौरान पारदर्शिता, धैर्य और जिम्मेदारी का विशेष ध्यान रखा जाए। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना कार्य के लिए पूर्ण रूप से तैयार किया जा रहा है।
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    लातेहार प्रखंड सभागार में भारत की आगामी जनगणना 2027 के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना के प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना—को लेकर आयोजित किया गया है। इस दौरान प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को घर-घर जाकर सटीक जानकारी संकलित करने की विधि, प्रपत्र भरने की प्रक्रिया, मानकों का पालन तथा डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण में जनगणना कार्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह प्रक्रिया देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतियों के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है। प्रशिक्षकों ने प्रगणकों को समझाया कि वे प्रत्येक मकान की स्थिति, उपयोग, निवासियों की संख्या और आवश्यक विवरण सावधानीपूर्वक दर्ज करें, ताकि वास्तविक स्थिति का सही आंकलन हो सके।
कार्यक्रम के दौरान व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें फॉर्म भरने और संभावित परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कराया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि कार्य के दौरान पारदर्शिता, धैर्य और जिम्मेदारी का विशेष ध्यान रखा जाए। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना कार्य के लिए पूर्ण रूप से तैयार किया जा रहा है।
    user_Nihit Kumar
    Nihit Kumar
    Latehar, Jharkhand•
    20 hrs ago
  • रातू थाना क्षेत्र के एक व्यवसायी से व्हाट्सऐप पर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित मुकेश कुमार श्रीवास्तव और उपेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने रातू थाने में शिकायत दर्ज कराई है। 26 अप्रैल को सुबह 11:42 बजे पीड़ित के मोबाइल नंबर 8709814723 पर अंतरराष्ट्रीय नंबर 351961904586 से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को 'राहुल सिंह' बताते हुए आठ दिनों में दो करोड़ रुपये की रंगदारी देने की मांग की। कॉल कटने के 10 मिनट बाद व्हाट्सऐप पर धमकी भरा संदेश आया, जिसमें कहा गया कि उनकी हर गतिविधि पर नजर है। पांच दिनों में रंगदारी के रूपय न देने पर बम और AK-47 से मार दिया जाएगा। संदेश में 'राहुल सिंह गैंग' का जिक्र था। मुकेश तिलता चौक के पास 'बाबू शिवांश रेसिडेंस' होटल और पंडरा के 'फ्रेंड्स कॉलोनी' में 'रांची दरबार' बैंक्वेट हॉल चलाते हैं। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी ने जांच शुरू कर दी है।
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    रातू थाना क्षेत्र के एक व्यवसायी से व्हाट्सऐप पर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित मुकेश कुमार श्रीवास्तव और उपेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने रातू थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
26 अप्रैल को सुबह 11:42 बजे पीड़ित के मोबाइल नंबर 8709814723 पर अंतरराष्ट्रीय नंबर 351961904586 से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को 'राहुल सिंह' बताते हुए आठ दिनों में दो करोड़ रुपये की रंगदारी देने की मांग की। कॉल कटने के 10 मिनट बाद व्हाट्सऐप पर धमकी भरा संदेश आया, जिसमें कहा गया कि उनकी हर गतिविधि पर नजर है। पांच दिनों में रंगदारी के रूपय न देने पर बम और AK-47 से मार दिया जाएगा। संदेश में 'राहुल सिंह गैंग' का जिक्र था।
मुकेश तिलता चौक के पास 'बाबू शिवांश रेसिडेंस' होटल और पंडरा के 'फ्रेंड्स कॉलोनी' में 'रांची दरबार' बैंक्वेट हॉल चलाते हैं। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी ने जांच शुरू कर दी है।
    user_Sanjay kumar
    Sanjay kumar
    Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
    35 min ago
  • अभी राजधानी राँची ओर आसपास के इलाके में गरज के साथ साथ हल्की और मध्यम दर्जे की बारिश हुईं जिसे आम जन जीवन को बढ़ती गर्मी से थोड़ी सी राहत मिली है और इसी के साथ राजधानी राँची का मौसम सुहावना हो गया है।
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    अभी राजधानी राँची ओर आसपास के इलाके में गरज के साथ साथ हल्की और मध्यम दर्जे की बारिश हुईं जिसे आम जन जीवन को बढ़ती गर्मी से थोड़ी सी राहत मिली है और इसी के साथ राजधानी राँची का मौसम सुहावना हो गया है।
    user_Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
    लापुंग, रांची, झारखंड•
    3 hrs ago
  • सिसई (गुमला)। विश्व हिन्दू परिषद गौ रक्षा दल प्रखंड सिसई के कार्यकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव को राष्टृपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि गौ माता की तस्करी व कत्ल अविलंब बंद किया जाए उनकी रक्षा हेतु उचित कानून बनाया जाए सहित गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किये जाने की सरकार से मांग की है। प्रखंड संयोजक सौरव ताम्रकर ने कहा कि क्षेत्र में गौ तस्करी खुलेआम हो रही है जिन गायों को हम सनातनी हिन्दू माँ मानते हैं उनकी पूजा करते हैं उन्हीं गायों को कत्लखाने में ले जाकर बेरहमी से कत्ल कर दिया जा रहा है जिससे हमारी अंतरात्मा बहुत ही दुखी है हम चाहते हैं कि सरकार जल्द ही गायों की रक्षा के लिए एक मजबूत कानून बनाये ताकि देश में गौ हत्त्या जैसी घिनौने काम बंद हों और इस कार्य में संलिप्त लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। वहीं हमारी मांग है कि सरकार गौ माता को जल्द ही राष्ट्र माता घोषित करे। मौके पर मनीष बाबू विहिप जिला मंत्री गुमला, सौरव ताम्रकर प्रखंड संयोजक गौ रक्षा दल सिसई, पूर्णिमा देवी किशन सिंह, बजरंग बड़ाईक, मदन साहु, राधे सिंह, ओमप्रकाश साहु, विकास साहु, नवीन बड़ाईक, सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
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    सिसई (गुमला)। विश्व हिन्दू परिषद गौ रक्षा दल प्रखंड सिसई के कार्यकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव को राष्टृपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि गौ माता की तस्करी व कत्ल अविलंब बंद किया जाए उनकी रक्षा हेतु उचित कानून बनाया जाए सहित गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किये जाने की सरकार से मांग की है। 
प्रखंड संयोजक सौरव ताम्रकर ने कहा कि क्षेत्र में गौ तस्करी खुलेआम हो रही है जिन गायों को हम सनातनी हिन्दू माँ मानते हैं उनकी पूजा करते हैं उन्हीं गायों को कत्लखाने में ले जाकर बेरहमी से कत्ल कर दिया जा रहा है जिससे हमारी अंतरात्मा बहुत ही दुखी है हम चाहते हैं कि सरकार जल्द ही गायों की रक्षा के लिए एक मजबूत कानून बनाये ताकि देश में गौ हत्त्या जैसी घिनौने काम बंद हों और इस कार्य में संलिप्त लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। 
वहीं हमारी मांग है कि सरकार गौ माता को जल्द ही राष्ट्र माता घोषित करे। 
मौके पर मनीष बाबू विहिप जिला मंत्री गुमला, सौरव ताम्रकर प्रखंड संयोजक गौ रक्षा दल सिसई, पूर्णिमा देवी किशन सिंह, बजरंग बड़ाईक, मदन साहु, राधे सिंह, ओमप्रकाश साहु, विकास साहु, नवीन बड़ाईक, सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    17 hrs ago
  • Post by Sanjay kumar
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    Post by Sanjay kumar
    user_Sanjay kumar
    Sanjay kumar
    Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
    39 min ago
  • गुमला नगर परिषद अध्यक्ष शकुन्तला उरांव एवं उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी शहर में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रस्तावित जलमीनार निर्माण स्थल का निरीक्षण करने बाजार टांड़ पहुंचे। इस दौरान उनके साथ नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उक्त स्थल पर लंबे समय से अतिक्रमण कर कई दुकानदार व्यवसाय कर रहे हैं, जिससे जलमीनार निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। नगर परिषद की टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने पर वहां मौजूद दुकानदारों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और स्थानीय दुकानदारों में आक्रोश फैल गया। विरोध के बीच प्रशासनिक टीम को पीछे हटना पड़ा और कार्रवाई को बीच में ही रोकना पड़ा। इसी दौरान एक दुकान पर बुलडोजर चलने से उसका कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे संबंधित दुकानदार और अधिक आक्रोशित हो गया। उसने नगर परिषद पर बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई करने का आरोप लगाया। अन्य दुकानदारों ने भी प्रशासन के इस कदम को गलत बताते हुए उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि शहर में जल संकट को देखते हुए जलमीनार निर्माण अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित दुकानदारों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन इससे प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन प्रशासन आगे की रणनीति पर विचार कर रहा है।
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    गुमला नगर परिषद अध्यक्ष शकुन्तला उरांव एवं उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी शहर में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रस्तावित जलमीनार निर्माण स्थल का निरीक्षण करने बाजार टांड़ पहुंचे। इस दौरान उनके साथ नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उक्त स्थल पर लंबे समय से अतिक्रमण कर कई दुकानदार व्यवसाय कर रहे हैं, जिससे जलमीनार निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है।
नगर परिषद की टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने पर वहां मौजूद दुकानदारों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और स्थानीय दुकानदारों में आक्रोश फैल गया। विरोध के बीच प्रशासनिक टीम को पीछे हटना पड़ा और कार्रवाई को बीच में ही रोकना पड़ा।
इसी दौरान एक दुकान पर बुलडोजर चलने से उसका कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे संबंधित दुकानदार और अधिक आक्रोशित हो गया। उसने नगर परिषद पर बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई करने का आरोप लगाया। अन्य दुकानदारों ने भी प्रशासन के इस कदम को गलत बताते हुए उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।
नगर परिषद अध्यक्ष ने कहा कि शहर में जल संकट को देखते हुए जलमीनार निर्माण अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित दुकानदारों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन इससे प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन प्रशासन आगे की रणनीति पर विचार कर रहा है।
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    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
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