प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का संकल्प केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिसके तहत गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका है, और केंद्र सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आज महिलाएं हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए, उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर पैदा किए हैं, और उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का संकल्प केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिसके तहत गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका है, और केंद्र सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आज महिलाएं हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए, उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर पैदा किए हैं, और उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिली।
- अम्बिकापुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 13, शिवशंकर वार्ड में गंदगी का आलम है, जहाँ सड़कों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नगर निगम के सफाई कर्मचारी रोज़ सुबह 6 बजे से पूरे वार्ड में सफाई करते हैं। इसके बावजूद, कुछ रहवासियों की लापरवाही के कारण लोग कचरा सड़कों पर इधर-उधर फेंक देते हैं, जिससे सफाई के बाद भी वार्ड में गंदगी बनी रहती है। नागरिकों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक लोग स्वयं जिम्मेदारी नहीं लेंगे, तब तक वार्ड साफ नहीं हो सकता। वार्ड 13 के पार्षद ने इस समस्या पर अपनी बात रखते हुए बताया कि सफाई के लिए प्रतिदिन टीम भेजी जा रही है और सफाई कर्मचारी रोज़ सुबह 6 बजे से शिवशंकर वार्ड में लगातार सफाई कर रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से निवेदन किया है कि वे कचरा केवल डस्टबिन में ही डालें और स्वच्छता अभियान में अपना सहयोग दें। इसके अतिरिक्त, वार्ड में पोल और नाली की समस्या भी मौजूद है, जिसके बारे में पार्षद ने जानकारी दी कि इसका प्रस्ताव नगर निगम में प्रक्रियाधीन है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही यह प्रस्ताव पारित होगा, संबंधित काम तुरंत शुरू करवा दिए जाएंगे। प्रशासन ने अम्बिकापुर को स्वच्छ बनाने के लिए लोगों से अपील की है कि वे सफाई कर्मियों का सहयोग करें और गंदगी न फैलाएं।3
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का संकल्प केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिसके तहत गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका है, और केंद्र सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आज महिलाएं हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए, उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर पैदा किए हैं, और उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिली।1
- अजरदीप सोनवानी जी द्वारा श्री कृष्ण की आरती पर एक हिंदी वीडियो उपलब्ध है। यह वीडियो सादी शैली में प्रस्तुत किया गया है और इसमें आरती का विस्तृत अर्थ समझाया गया है।4
- छत्तीसगढ़ के मैनपाट में एक बाइकर्स गैंग का आतंक फैल गया है, जिसके कारण क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों में भारी दहशत देखी जा रही है। इस गैंग की गतिविधियों ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।1
- छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने एक दुर्लभ कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग के एक सरकारी वाहन को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा निर्देशित लगभग 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान न करने के कारण की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ के आदेश पर कैदियों को न्यायालय लाने वाले पुलिस वाहन को न्यायालय परिसर में ही जब्त कर लिया गया। इस घटना ने पूरे जिले में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। यह मामला नारायण यादव एवं अन्य द्वारा दायर मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण (एम.ए.सी. क्रमांक 154/2021) से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 3 सितंबर 2025 को अपने फैसले में छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग को पीड़ित पक्ष को ब्याज सहित करीब 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। न्यायालय के इस स्पष्ट आदेश के बावजूद, शासन की ओर से लंबे समय तक राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की। पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. पटेल ने सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के आदेश 21 नियम 30 के तहत निष्पादन याचिका दायर की, जिसमें हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन न होने के कारण शासन की संपत्ति कुर्क करने की मांग की गई थी। निष्पादन याचिका में पुलिस विभाग के आठ अन्य सरकारी वाहनों का भी उल्लेख है, जिनमें बोलेरो और पुलिस बस जैसे वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के पंजीयन नंबर और संबंधित अधिकारियों का विवरण भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यदि शासन द्वारा जल्द ही क्षतिपूर्ति राशि जमा नहीं की जाती है, तो इन शेष आठ वाहनों को भी क्रमवार कुर्क किया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय पीड़ित पक्ष को देय राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए इन वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, न्यायालय के आदेशों की अवहेलना होने पर सरकारी संपत्ति की कुर्की की जा सकती है, हालांकि सरकारी विभागों के वाहनों की कुर्की जैसे मामले बहुत कम सामने आते हैं। एमएसीटी की इस कार्रवाई को न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने, शासन की जवाबदेही तय करने और पीड़ित पक्ष को समय पर न्याय दिलाने की दिशा में एक सख्त और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन कब तक क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करता है और अन्य सूचीबद्ध वाहनों पर क्या कार्रवाई होती है।4
- लैलूंगा तहसील से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत चल रहे एक प्रशिक्षण केंद्र में तानाशाही और मनमानी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां 'आइकॉनिक कंप्यूटर एंड मल्टी एजुकेशन' नामक प्रशिक्षण केंद्र के संचालकों ने एक गरीब छात्रा को सिर्फ इसलिए जबरन बाहर का रास्ता दिखा दिया, क्योंकि उसने अपने भविष्य और रोजगार को लेकर सवाल पूछने की 'जुर्रत' की थी। पीड़िता ने अब इस अन्याय के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी (SDM) लैलूंगा के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई है। ग्राम पंचायत नारायणपुर (मुकडेगा) की निवासी पीड़िता इस केंद्र से HHA (Home Health Aide) का प्रशिक्षण ले रही थी। पीड़िता का आरोप है कि जब भी वह प्रशिक्षण के दौरान नौकरी और HHA कोर्स के बाद रोजगार के अवसरों जैसे बुनियादी सवाल पूछती थी, तो संस्था संचालक और अध्यापिका भड़क जाते थे। हद तो तब हो गई जब संस्था संचालक ने लिखित कारण देने से साफ इनकार करते हुए कहा, "यह मेरी संस्था है, मैं लिखित प्रमाण नहीं दूंगा। जो करना है कर लो।" पीड़ित छात्रा के पास इस बदसलूकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इसके बाद, छात्रा पर 'बार-बार एक ही प्रश्न पूछकर कक्षा का माहौल खराब करने' का झूठा आरोप लगाकर उसे निष्कासित कर दिया गया। शिकायत पत्र के अनुसार, 6 जुलाई को छात्रा किसी कारणवश केंद्र नहीं जा पाई थी, जिसकी सूचना उसने अध्यापिका को व्हाट्सएप पर दी थी। अगले दिन, 7 जुलाई को भारी बारिश के कारण उसकी बस छूट गई, जिसकी वजह से उसे केंद्र पहुँचने में देर हो रही थी। नारायणपुर से लैलूंगा केंद्र की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है। छात्रा ने सुबह 8:28 बजे ही शिक्षिका को व्हाट्सएप पर देरी की सूचना दी, लेकिन अध्यापिका ने सुबह 9:00 बजे तक पहुंचने का कड़ा अल्टीमेटम दे दिया। इसके ठीक बाद, सुबह 9:51 बजे पीड़ित छात्रा के व्हाट्सएप पर एक संदेश आया कि "आपका दाखिला खारिज कर दिया गया है, अपनी यूनिफॉर्म केंद्र में जमा कर देना।" संस्था ने बिना कोई नोटिस दिए या पीड़िता को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना सीधे तौर पर उसे निष्कासित कर दिया, जो नियमों की धज्जियां उड़ाने जैसा है। संस्था ने नियम का हवाला देते हुए कहा कि प्रशिक्षणार्थी महीने में केवल 3 दिन का अवकाश ले सकता है और छात्रा ने नियमों का उल्लंघन किया है। जबकि पीड़िता के अनुसार, जुलाई माह में यह उसका मात्र दूसरा अवकाश था। संस्था संचालक और स्टाफ के इस अड़ियल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से परेशान होकर पीड़िता ने 8 जुलाई 2026 को एसडीएम लैलूंगा के पास शिकायत पत्र दर्ज कराया है। उसने एसडीएम से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने, संस्था की तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई की वैधता जांचने, उसका भविष्य बर्बाद होने से बचाने के लिए उसे पुनः प्रशिक्षण में प्रवेश दिलाने और दोषी पाए जाने पर इस निरंकुश प्रशिक्षण संस्था के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है या इन रसूखदार निजी संस्था संचालकों की जेबें भरना। अब देखना यह होगा कि लैलूंगा प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या ऐक्शन लेता है।4
- बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के विष्णु नगर, वार्ड क्रमांक-16 निवासी श्रीमती ज्योति यादव को अपने पति के निधन के बाद श्रम पंजीयन कार्ड में आवश्यक संशोधन न होने के कारण बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस त्रुटि के चलते वे श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो रही थीं। अपनी समस्या के समाधान के लिए श्रीमती यादव ने चॉइस सेंटर के माध्यम से कई बार संशोधन आवेदन किया, लेकिन लंबे समय तक उनकी समस्या का निराकरण नहीं हो पाया। आखिरकार, अपनी उम्मीदों को लेकर उन्होंने 12 जून को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही श्रम विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई की। संबंधित अधिकारियों ने श्रीमती यादव को कार्यालय बुलाकर उनके आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया। जांच के उपरांत, श्रम पंजीयन कार्ड में आवश्यक संशोधन करते हुए पारिवारिक विवरण को अद्यतन किया गया और परिवार के सदस्यों की सूची में उनकी पुत्री का नाम भी जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें संशोधित श्रम पंजीयन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। संशोधित कार्ड प्राप्त होने के बाद श्रीमती ज्योति यादव अब श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र हो गई हैं। अपनी लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान से उन्हें काफी राहत मिली है। श्रीमती यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी शिकायत पर हुई त्वरित कार्रवाई ने शासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को शिकायत दर्ज कराने का मात्र एक माध्यम नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को हल करने वाला एक सशक्त मंच बताया, जिससे प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और त्वरित कार्रवाई के कारण आमजन का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी संकल्प के साथ, देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार की यहां के विकास के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को एक नई पहचान दी है। इन प्रयासों के तहत करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, और आज महिलाएं हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए, प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति द्वारा उनके लिए पैदा किए गए नए अवसरों का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सरकार के लक्ष्य को दोहराया, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान की।1