जनपद पंचायत गंगेव क्षेत्र के ग्राम तिवनी, रीवा में किसानों को आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान केंद्र, वाराणसी से आए कृषि विशेषज्ञ शैलेंद्र तिवारी और उनकी टीम ने किसानों को प्राकृतिक खेती, उन्नत सब्जी उत्पादन, फसल प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के किसानों को लगभग 10 प्रकार के उन्नत सब्जी बीज और कीटनाशकों का वितरण भी किया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने, प्राकृतिक खेती के लाभ, फसल सुरक्षा के उपाय, पोषण वाटिका तैयार करने और वैज्ञानिक विधि से सब्जी उत्पादन के व्यावहारिक तरीके समझाए। किसानों ने भी अपनी कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विकास तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती से जोड़ना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिससे खेती की लागत कम होगी, भूमि की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों की रसायनों पर निर्भरता कम करके एक टिकाऊ और लाभकारी कृषि व्यवस्था को अपनाना है। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, युवा साथी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।
जनपद पंचायत गंगेव क्षेत्र के ग्राम तिवनी, रीवा में किसानों को आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान केंद्र, वाराणसी से आए कृषि विशेषज्ञ शैलेंद्र तिवारी और उनकी टीम ने किसानों को प्राकृतिक खेती, उन्नत सब्जी उत्पादन, फसल प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के किसानों को लगभग 10 प्रकार के उन्नत सब्जी बीज और कीटनाशकों का वितरण भी किया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने, प्राकृतिक खेती के लाभ, फसल सुरक्षा के उपाय, पोषण वाटिका तैयार करने और वैज्ञानिक विधि से सब्जी उत्पादन के व्यावहारिक तरीके समझाए। किसानों ने भी अपनी कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विकास तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती से जोड़ना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिससे खेती की लागत कम होगी, भूमि की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों की रसायनों पर निर्भरता कम करके एक टिकाऊ और लाभकारी कृषि व्यवस्था को अपनाना है। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, युवा साथी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।
- जनपद पंचायत गंगेव क्षेत्र के ग्राम तिवनी, रीवा में किसानों को आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि अनुसंधान केंद्र, वाराणसी से आए कृषि विशेषज्ञ शैलेंद्र तिवारी और उनकी टीम ने किसानों को प्राकृतिक खेती, उन्नत सब्जी उत्पादन, फसल प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के किसानों को लगभग 10 प्रकार के उन्नत सब्जी बीज और कीटनाशकों का वितरण भी किया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने, प्राकृतिक खेती के लाभ, फसल सुरक्षा के उपाय, पोषण वाटिका तैयार करने और वैज्ञानिक विधि से सब्जी उत्पादन के व्यावहारिक तरीके समझाए। किसानों ने भी अपनी कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों से प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विकास तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती से जोड़ना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, जिससे खेती की लागत कम होगी, भूमि की उर्वरता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों की रसायनों पर निर्भरता कम करके एक टिकाऊ और लाभकारी कृषि व्यवस्था को अपनाना है। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, युवा साथी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।1
- रीवा जिले के गुढ़ नगर परिषद में एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी को बचाने या गिराने के लिए ₹10 से ₹20 लाख की कथित डील का खुलासा हुआ है। इस वायरल ऑडियो में वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद दुर्गेश गुप्ता और नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह के निजी चालक मोले जायसवाल के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। यह घटना तब सामने आई है जब कुछ समय पहले ही गुढ़ नगर परिषद के सभी 13 पार्षदों ने अध्यक्ष अर्चना सिंह को पद से हटाने के लिए कलेक्टर कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था, लेकिन यह राजनीतिक मुहिम ज्यादा समय तक नहीं टिक पाई। वायरल ऑडियो के अनुसार, अध्यक्ष के चालक मोले जायसवाल पार्षद दुर्गेश गुप्ता से कहते हैं कि मैडम अध्यक्ष अर्चना सिंह ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए पार्षद को ₹10 लाख देने की बात कही है। इस पर पार्षद दुर्गेश गुप्ता ₹20 लाख की मांग करते हुए कहते हैं कि उनके साथ एक और पार्षद है और यदि दोनों साथ आ जाते हैं तो मैडम की कुर्सी सुरक्षित रहेगी और अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा। इसके बाद चालक मोले जायसवाल यह सुझाव देते हैं कि यदि पार्षद दुर्गेश गुप्ता ₹20 लाख मैडम को दे दें तो मैडम खुद इस्तीफा दे देंगी। पार्षद दुर्गेश गुप्ता इस पर तुरंत सहमत होते हुए ₹20 लाख देने की बात कहते हैं और मैडम से इस्तीफा दिलवाने के लिए कहते हैं। बातचीत के अंत में चालक मोले जायसवाल मैडम से पूछकर आगे बताने की बात करते सुनाई देते हैं। जैसे ही यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरे गुढ़ नगर क्षेत्र में आग की तरह फैल गया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। गुढ़ के स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों ने इसे जनता के भरोसे और लोकतंत्र की सरेआम हत्या बताया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि यदि अध्यक्ष अर्चना सिंह ईमानदार हैं तो उन्हें अपनी कुर्सी बचाने के लिए पार्षद को ₹10 लाख का ऑफर देने की आवश्यकता क्यों पड़ी? साथ ही, पार्षदों पर भी आरोप लग रहे हैं कि वे जनता के हितों और नगर के विकास के बजाय अपनी जेब भरने की ताक में थे। इस घमासान के बीच, पार्षद दुर्गेश गुप्ता ने अपनी सफाई में एक और ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की, जिसमें वह दावा करते हैं कि उन्हें चाहे कोई ₹1 करोड़ भी दे दे तो वह बिकने के लिए तैयार नहीं हैं। हालांकि, आम जनता को पहले वायरल हुए सौदेबाजी वाले ऑडियो से इतनी गहरी चोट पहुंची कि पार्षद का यह नया बचाव वाला ऑडियो लोगों के बीच समझ से परे रहा। इससे गुढ़ नगर परिषद की छवि और धूमिल हुई है। इस 3 मिनट के वायरल ऑडियो से गुढ़ की आम जनता शर्मसार है और उसने जिला प्रशासन रीवा कलेक्टर तथा माननीय उच्च न्यायालय से इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह जांच यह स्पष्ट करेगी कि नगर परिषद में विकास के नाम पर पक्ष और विपक्ष दोनों किस प्रकार पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी धन का गलत तरीके से उपयोग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस ऑडियो कांड के बाद अविश्वास प्रस्ताव का क्या होता है और क्या पार्षद एकजुट रह पाएंगे या अपने पाले बदलेंगे। (नोट: इस बातचीत के ऑडियो की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता है।)1
- ग्राम पलिया दुवान में आम तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़े एक व्यक्ति की ग्राम सचिव इंद्रकली साकेत ने पत्थर मारकर कथित तौर पर हत्या कर दी। ग्रामीणों द्वारा इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद, पुलिस ने मामले में धारा 105 और 194 के तहत कार्रवाई की है। इस वारदात को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- रीवा जिले की जवा तहसील के अंतर्गत, रामबाग को बरगड़ (उत्तर प्रदेश) से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क की हालत ओवरलोड वाहनों के कारण बेहद खराब हो गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संविदाकार ने इस सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया, जिससे यह मात्र 'औपचारिकता' बनकर रह गई और अब इसकी 'धज्जियां उड़ गई' हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया है। उनका कहना है कि सड़क मार्ग की हालत इतनी दयनीय होने के बावजूद प्रशासन की नज़र इस समस्या पर नहीं पड़ रही है।1
- चाकघाट की मुख्य सड़क पर पहली ही बारिश के कारण भारी जल भराव हो गया है। इस स्थिति से पैदल चलने वाले लोगों की समस्याएँ काफी बढ़ गई हैं, जिससे उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।1
- हाल ही में हुए एक जातिवाद के मुद्दे से संबंधित एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की पुरज़ोर अपील की गई है। यह आग्रह किया गया है कि इस वीडियो को व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए और इसे समाचार चैनलों पर भी दिखाया जाए, ताकि यह संदेश बड़े जनसमूह तक पहुँच सके।1
- रीवा शहर में हुई थोड़ी सी बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है, जिससे 'विकास' की असलियत झलकने लगी है। यह स्थिति शहर में हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है।1
- मध्य प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसके कारण गाड़ियां पानी के तेज बहाव में पत्तों की तरह बहती हुई देखी जा रही हैं।1