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बांसवाड़ा नगर निगम ने धरोहर कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया।
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बांसवाड़ा नगर निगम ने धरोहर कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया।
More news from राजस्थान and nearby areas
- बांसवाड़ा नगर निगम ने धरोहर कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के कॉल खंडा खास में आयोजित एक शिविर के दौरान ग्रामीण सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस शिविर में कई ग्रामीणों को उनके जमीन के पट्टे वितरित किए गए। साथ ही, गोद भराई का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ, जिससे लोगों में खुशी का माहौल देखा गया। इसके अतिरिक्त, जमीन संबंधी कई विवादों का निपटारा भी एक ही छत के नीचे सफलतापूर्वक किया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।1
- राजस्थान के गनोड़ा तहसील के ग्राम तख्ताजी का टांडा में जोगी समाज की श्मशान भूमि पर देवीलाल यादव और काना खराड़ी द्वारा अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जोगी समाज ने पंचायत से लेकर तहसीलदार, पुलिस थाना और जिला कलेक्टर तक शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है। जोगी समाज का आरोप है कि उचित कार्रवाई न होने के बजाय, प्रशासन ने कब्जाधारियों के पक्ष में रुख अपनाया है। तहसीलदार ने जोगी समाज की शव दफनाने की पीढ़ियों पुरानी प्रथा पर अशोभनीय टिप्पणियां करते हुए उन्हें कब्जाधारियों से 'भिड़ जाओ तुम लोगों में दम हो तो लाड़ो' जैसे गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने भी कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की, जिससे जोगी समाज में भारी असंतोष है। अब तक की सरकारी कार्रवाई को देखते हुए जोगी समाज ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं, और इस पूरे मामले में कहीं न कहीं इन सबकी मिलीभगत का अंदेशा जताया है।4
- डुंगरपुर जिला कलक्टर ने गलियाकोट उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गरियाता में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस शिविर में ग्रामीणों को आवासीय भूमि के पट्टे, खातेदारी भूमि के पट्टे और वृद्धावस्था पेंशन के स्वीकृति पत्र वितरित कर लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर गलियाकोट के निवर्तमान प्रधान जयप्रकाश पारंगी, उपखंड अधिकारी संजय सरपोटा, तहसीलदार, ब्लॉक विकास अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।3
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा शहर के गामाठावाड़ा क्षेत्र में एक भूखंड और निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। इस मामले में राजेंद्र कुमार वशिष्ठ ने मंगलेश वाडेल पर उनके निर्माण कार्य में बाधा डालने और मानसिक रूप से परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेंद्र कुमार वशिष्ठ के अनुसार, उन्होंने वर्ष 1998 में बैंक ऑफ बड़ौदा के पास एक मकान खरीदा था। उनका दावा है कि उन्होंने इसके समीप स्थित भूमि पर 'प्रशासन शहरों के संग अभियान' के तहत नगर पालिका से आवश्यक अनुमति और पट्टा प्राप्त करने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया अपनाई थी। वशिष्ठ का आरोप है कि इसी दौरान मंगलेश वाडेल ने संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय का रुख किया और स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया। हालांकि, वशिष्ठ का कहना है कि बाद में न्यायालय से उन्हें राहत मिल गई, लेकिन इसके बावजूद उनके निर्माण कार्य में लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जब भी वे निर्माण का प्रयास करते हैं, उन्हें रोका जाता है, जिससे वे मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं। इस संबंध में, नगर पालिका के अधिकारी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि राजेंद्र कुमार वशिष्ठ ने निर्माण संबंधी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पर मंगलेश वाडेल की ओर से आपत्ति दर्ज करवाई गई है। अधिकारी के अनुसार, मामले की नियमानुसार जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह भूमि और निर्माण संबंधी मामला प्रशासनिक प्रक्रिया में है, तथा संबंधित पक्षों के दावों और आपत्तियों की जांच जारी है। मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- डूंगरपुर जिले में दिनदहाड़े हुई लूट और चाकूबाजी की घटना ने कानून-व्यवस्था और समाज की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार दोपहर सदर थाना क्षेत्र के सतीरामपुर के पास तीन अज्ञात बदमाशों ने एक निजी टावर कंपनी के फील्ड सपोर्ट इंजीनियर पर चाकू से हमला कर उसका लैपटॉप से भरा बैग लूट लिया। चित्तौड़गढ़ जिले के भाटो का बमनिया निवासी रोशन पुत्र जगदीश भट्ट, जो डूंगरपुर में एक निजी टावर कंपनी में कार्यरत हैं, खेरवाड़ा क्षेत्र में टावर निरीक्षण का काम पूरा कर बाइक से डूंगरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान सतीरामपुर के निकट पावर बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक रोक दी और बैग छीनने का प्रयास किया। जब रोशन ने इसका विरोध किया, तो एक बदमाश ने धारदार चाकू निकालकर उनकी कलाई पर लगातार तीन वार कर दिए। हमले से रोशन के हाथ से कंपनी के लैपटॉप वाला बैग छूट गया, जिसे लेकर बदमाश मौके से फरार हो गए। चाकू के हमले में गंभीर रूप से घायल रोशन करीब आधे घंटे तक सड़क किनारे मदद की गुहार लगाते रहे। इस दौरान वहां भीड़ जमा हो गई, लेकिन दुःखद रूप से, कोई भी व्यक्ति उनकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।1
- दादा भंवर लाल परमार को आदिवासी परिवारों को आपस में जोड़ने वाले व्यक्ति के रूप में पहचाना जाता है।1
- डूंगरपुर जिले में जर्जर स्कूल भवनों की समस्या डेढ़ साल बाद भी जस की तस बनी हुई है। हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण के अनुसार, कुल 194 स्कूल भवन बच्चों के लिए असुरक्षित पाए गए हैं, जिनमें 169 जर्जर और 25 अति जर्जर श्रेणी के हैं। बताया गया है कि झालावाड़ में हुए हादसे के बाद जिले में कुल 209 जर्जर स्कूल भवन चिन्हित किए गए थे। हालांकि, इतने समय बाद भी अब तक केवल 13 स्कूलों के पुनर्निर्माण को ही स्वीकृति मिल पाई है। शिक्षा विभाग ने इन जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार को 154 करोड़ रुपये से अधिक का एक नया प्रस्ताव भेजा है। इस बीच, कई स्कूलों के छात्र आज भी वैकल्पिक भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह गंभीर स्थिति इशारा करती है कि जर्जर स्कूलें किसी और बड़े झालावाड़ जैसे हादसे का इंतजार कर रही हैं, और सरकार कब इस मामले में नींद से जागेगी।1