मधेपुरा में ईद का जश्न: नमाज़, गले मिलन और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बिहार के मधेपुरा में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह और सौहार्द के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर सभी प्रखंडों तक शांति और भाईचारे का खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला, जहां लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर इंसानियत का संदेश दिया। शनिवार की सुबह मधेपुरा शहर में ईद को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। ईदगाह और मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज़ अदा की और देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। जिला मुख्यालय स्थित ईदगाह में सुबह करीब साढ़े आठ बजे हजारों नमाज़ियों ने एक साथ सजदा किया। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ नजर आए, जहां न कोई धर्म की दीवार थी, न कोई भेदभाव—बस इंसानियत और भाईचारे का पैगाम था। ईद के इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी ईदगाह पहुंचे और लोगों को बधाई दी। बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला, जो नए कपड़े पहनकर त्योहार की खुशियां मनाते नजर आए। वहीं, प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। ईदगाह और मस्जिदों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा, ताकि नमाज़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर हालात का जायजा लेते दिखे। मधेपुरा से ये तस्वीरें बताती हैं कि जब बात त्योहार की हो, तो सबसे बड़ा धर्म इंसानियत ही होता है। बाइट --प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव पूर्व शिक्षा मंत्री बिहार सरकार
मधेपुरा में ईद का जश्न: नमाज़, गले मिलन और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बिहार के मधेपुरा में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह और सौहार्द के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर सभी प्रखंडों तक शांति और भाईचारे का खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला, जहां लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर इंसानियत का संदेश दिया। शनिवार की सुबह मधेपुरा शहर में ईद को लेकर खासा उत्साह देखने
को मिला। ईदगाह और मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज़ अदा की और देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। जिला मुख्यालय स्थित ईदगाह में सुबह करीब साढ़े आठ बजे हजारों नमाज़ियों ने एक साथ सजदा किया। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक
साथ नजर आए, जहां न कोई धर्म की दीवार थी, न कोई भेदभाव—बस इंसानियत और भाईचारे का पैगाम था। ईद के इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी ईदगाह पहुंचे और लोगों को बधाई दी। बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला, जो नए कपड़े पहनकर त्योहार की खुशियां मनाते नजर आए। वहीं, प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
ईदगाह और मस्जिदों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा, ताकि नमाज़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर हालात का जायजा लेते दिखे। मधेपुरा से ये तस्वीरें बताती हैं कि जब बात त्योहार की हो, तो सबसे बड़ा धर्म इंसानियत ही होता है। बाइट --प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव पूर्व शिक्षा मंत्री बिहार सरकार
- बिहार के मधेपुरा में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह और सौहार्द के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय से लेकर सभी प्रखंडों तक शांति और भाईचारे का खूबसूरत नज़ारा देखने को मिला, जहां लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर इंसानियत का संदेश दिया। शनिवार की सुबह मधेपुरा शहर में ईद को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। ईदगाह और मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज़ अदा की और देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। जिला मुख्यालय स्थित ईदगाह में सुबह करीब साढ़े आठ बजे हजारों नमाज़ियों ने एक साथ सजदा किया। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ नजर आए, जहां न कोई धर्म की दीवार थी, न कोई भेदभाव—बस इंसानियत और भाईचारे का पैगाम था। ईद के इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी ईदगाह पहुंचे और लोगों को बधाई दी। बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला, जो नए कपड़े पहनकर त्योहार की खुशियां मनाते नजर आए। वहीं, प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। ईदगाह और मस्जिदों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा, ताकि नमाज़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर हालात का जायजा लेते दिखे। मधेपुरा से ये तस्वीरें बताती हैं कि जब बात त्योहार की हो, तो सबसे बड़ा धर्म इंसानियत ही होता है। बाइट --प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव पूर्व शिक्षा मंत्री बिहार सरकार4
- Post by मिथिलेश कुमार1
- Post by Boss1
- सुपौल में बदलते मौसम ने अचानक करवट लेते हुए क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बीती रात से लगातार हो रही बारिश ने जहां एक ओर ईद के त्योहार की रौनक पर असर डाला है, वहीं दूसरी ओर किसानों की परेशानी भी बढ़ा दी है। ईद के मौके पर आमतौर पर बाजारों में चहल-पहल और लोगों की आवाजाही देखने को मिलती है, लेकिन बारिश के कारण लोगों को घरों में ही सीमित रहना पड़ा। कई स्थानों पर नमाज के दौरान भी बारिश ने व्यवधान उत्पन्न किया, जिससे त्योहार की खुशियों में कुछ कमी महसूस की गई। जहां आज खबर को शनिवार दोपहर 12:00 कवरेज किया गया है इधर, लगातार हो रही बारिश ने किसानों के लिए बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। खासकर गेहूं और मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पानी भर जाने से कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। वहीं मक्का की फसल भी जलभराव के कारण खराब हो रही है। किसानों का कहना है कि इस समय हुई बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई किसानों ने बताया कि यदि जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से अभी तक किसी तरह की विशेष सहायता की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन किसान राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में इस तरह के अचानक बदलाव भविष्य में खेती के लिए चुनौती बन सकते हैं। फिलहाल, लोग जहां मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास में जुटे हुए हैं।1
- street vendors rights urban governance oi public administration की कार्यप्णाली ए बहष् को नज ब रही है। कर्या रोजी-रो्कमाने वालों क साथ ऐेसा ्यवहार जचित है या फिर निय परिवार चलाने वाले युकक को हटाने के दौरान सरखदी दिचारई, जिससे मामला बिगड गया। बीडियो में युवक को रोके जानेऔर ुइुप ्ैसे हालात नजर अ1ने हं, िसने लोगं क बीचनाराजगी बढ दी ह116 8 street vendors rights urban governance oi public administration की कार्यप्णाली ए बहष् को नज ब रही है। कर्या रोजी-रो्कमाने वालों क साथ ऐेसा ्यवहार जचित है या फिर नियमोंके पालन का तरीका बदलने की जाररत है?1
- खगड़िया जिला के गोगरी प्रखंड क्षेत्रों में शुक्रवार देर शाम आई तेज आंधी और बारिश से रवि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस बे मौसम मार से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है और वह सरकार वह प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। लगातार बारिश होने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। तेज आंधी तूफान और बारिश ने गोगरी प्रखंड क्षेत्र के हजारों एकड़ में लगी मक्का और गेहूं की फसलों को चौपट कर दिया दलहन और तेलहन एवं आम, लीची की फसल भी इस प्रकृति आपदा से प्रभावित हुई है। इधर गोगरी, रामपुर, बोरना पंचायत के कई किसान हाजी मोहम्मद गुफरान, मोहम्मद शहाबुद्दीन, मीर अफरोज, दिनेश यादव, रविंद्र शाह, अजय बिन्द, पवन पासवान सहित कृषि विभाग से आग्रह किया है की फसलों के नुकसान का सर्वे कर निश्चित रूप से क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाए। इस संबंध में गोगरी प्रखंड के कृषि पदाधिकारी आनंद कुमार ठाकुर ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में तेज आंधी बारिश से फसलों की निश्चित रूप से नुकसान हुआ है। उन्होंने सभी कर्मियों को निर्देश दिया है कि वह फसलों के हुए नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि किसानों को सहायता मिल सके।1
- शुक्रवार की शाम आई तेज आंधी और बारिश ने जहां मौसम को सुहावना बना दिया, वहीं दूसरी ओर जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण नगर परिषद क्षेत्र के रानीबाग नहर के समीप 33 हजार केवी बिजली लाइन पर पेड़ गिर गया, जिससे सिमरी बख्तियारपुर के विभिन्न इलाकों में बीते शाम से ही बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।बिजली बाधित होने के कारण लोगों को रातभर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घरों में अंधेरा छाया रहा, वहीं पेयजल और अन्य जरूरी कार्य भी प्रभावित हुए। खासकर गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं रहने से आमजनों की मुश्किलें और बढ़ गईं। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग हरकत में आया। विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर अजीत कुमार, एसडीओ अमित कुमार, जेई सुरेंद्र कुमार समेत लाइनमैन मो. मोजाहिर और राजेश सहित अन्य कर्मी मौके पर पहुंचकर देर रात से ही बिजली आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुटे रहे। अधिकारियों की निगरानी में पेड़ हटाने और तार दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास जारी है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। इधर, तेज आंधी के कारण खेतों में लगी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।1
- मधेपुरा जिले में बीती रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि चारों ओर तबाही का मंजर देखने को मिला। अचानक बदले मौसम ने खासकर किसानों की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है। फसल कटाई के ठीक पहले आई इस आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जिले के मुरलीगंज, कुमारखंड, घैलाढ़ समेत कई प्रखंडों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में लगी मकई, गेहूं और दलहन की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। कई जगहों पर खड़ी फसलें जमीन पर गिरकर बिछ गईं, तो कहीं जलजमाव के कारण फसल सड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन एक ही रात में सब कुछ खत्म हो गया। शहरी इलाकों में कई पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे टूट गए और घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। कुछ जगहों पर कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार जल्द मदद नहीं करती है, तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। मौसम की इस मार ने मधेपुरा में किसानों की कमर तोड़ दी है और अब उनकी निगाहें राहत और मुआवजे पर टिकी हैं। बाइट 1 - सत्यनारायण यादव, किसान बाइट 2 - रत्नेश कुमार यादव, किसान बाइट 3 - सुधीर यादव, किसान बाइट 4 - अभय कुमार मेहता, किसान बाइट 5 - चंद्रभूषण मेहता, किसान4