logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

गढ़वा जिले के चिनिया प्रखंड में सोमवार को 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का पल्स पोलियो अभियान जोर-शोर से शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न गांवों में घर-घर जाकर बच्चों को यह जीवनरक्षक दवा पिला रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे। इस अभियान के दौरान, चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एमपीडब्ल्यू लाल मोहम्मद अंसारी और एएनएम बबीता कुमारी ने पंचायत के सभी सहिया साथियों के साथ मिलकर चिनिया मुख्यालय और रानीचेरी सहित कई गांवों का दौरा किया और बच्चों का टीकाकरण किया। स्वास्थ्यकर्मियों ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे 0 से 5 वर्ष के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। चिनिया में पल्स पोलियो अभियान ने अब गति पकड़ ली है।

21 hrs ago
user_Hemant Kumar
Hemant Kumar
चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
21 hrs ago

गढ़वा जिले के चिनिया प्रखंड में सोमवार को 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का पल्स पोलियो अभियान जोर-शोर से शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न गांवों में घर-घर जाकर बच्चों को यह जीवनरक्षक दवा पिला रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे। इस अभियान के दौरान, चिनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एमपीडब्ल्यू लाल मोहम्मद अंसारी और एएनएम बबीता कुमारी ने पंचायत के सभी सहिया साथियों के साथ मिलकर चिनिया मुख्यालय और रानीचेरी सहित कई गांवों का दौरा किया और बच्चों का टीकाकरण किया। स्वास्थ्यकर्मियों ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे 0 से 5 वर्ष के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। चिनिया में पल्स पोलियो अभियान ने अब गति पकड़ ली है।

More news from झारखंड and nearby areas
  • महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हरिश्चंद्रगढ़ किले के भीतर स्थित धनेश्वर गुफा मंदिर, जिसे केदारेश्वर गुफा मंदिर भी कहते हैं, एक बेहद रहस्यमयी और प्राचीन धार्मिक स्थल है। यह शानदार गुफा मंदिर सह्याद्री पर्वत श्रृंखला के बीच हरिश्चंद्रगढ़ के शिखर के पास एक गहरी प्राकृतिक गुफा में बसा है, जहाँ मुख्य बेस गाँव से ट्रेक करके पहुँचा जा सकता है। इस गुफा के केंद्र में लगभग 5 फीट ऊँचा एक शिवलिंग स्थापित है, जो पूरे साल बर्फ जैसे ठंडे पानी में डूबा रहता है। मंदिर की छत को मूल रूप से चार खंभों का सहारा था, जिन्हें सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग जैसे चारों युगों का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, वर्तमान में इनमें से तीन खंभे टूट चुके हैं और केवल एक ही शेष बचा है। स्थानीय लोगों का दृढ़ विश्वास है कि जब यह आखिरी खंभा भी ढह जाएगा, तो कलयुग का अंत हो जाएगा और प्रलय आ जाएगी। यह मान्यता प्रचलित है कि मंदिर के ये चार खंभे ही चार युगों को दर्शाते हैं।
    3
    महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हरिश्चंद्रगढ़ किले के भीतर स्थित धनेश्वर गुफा मंदिर, जिसे केदारेश्वर गुफा मंदिर भी कहते हैं, एक बेहद रहस्यमयी और प्राचीन धार्मिक स्थल है। यह शानदार गुफा मंदिर सह्याद्री पर्वत श्रृंखला के बीच हरिश्चंद्रगढ़ के शिखर के पास एक गहरी प्राकृतिक गुफा में बसा है, जहाँ मुख्य बेस गाँव से ट्रेक करके पहुँचा जा सकता है।

इस गुफा के केंद्र में लगभग 5 फीट ऊँचा एक शिवलिंग स्थापित है, जो पूरे साल बर्फ जैसे ठंडे पानी में डूबा रहता है। मंदिर की छत को मूल रूप से चार खंभों का सहारा था, जिन्हें सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग जैसे चारों युगों का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, वर्तमान में इनमें से तीन खंभे टूट चुके हैं और केवल एक ही शेष बचा है।

स्थानीय लोगों का दृढ़ विश्वास है कि जब यह आखिरी खंभा भी ढह जाएगा, तो कलयुग का अंत हो जाएगा और प्रलय आ जाएगी। यह मान्यता प्रचलित है कि मंदिर के ये चार खंभे ही चार युगों को दर्शाते हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • सोनभद्र के विंढमगंज–कोन मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास (गेट संख्या-49) में सोमवार, 29 जून 2026 की शाम लगभग 4:30 बजे हुई बारिश का पानी मंगलवार दोपहर तक भी जस का तस बना रहा। लगभग 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी जल निकासी के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। यह अंडरपास क्षेत्र के हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का एक प्रमुख मार्ग है, और जलभराव के कारण ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और मरीजों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है, जबकि चारपहिया वाहन भी जोखिम उठाकर वहां से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है, तो अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, और यह भी कि जब समस्या की सूचना अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, तब भी राहत कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने, अंडरपास का तकनीकी निरीक्षण कराने और भविष्य के लिए एक स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर बना यह अंडरपास यदि हर बारिश में तालाब बन जाएगा, तो इसका मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। अब जनता की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर इस गंभीर समस्या का समाधान कब होगा।
    1
    सोनभद्र के विंढमगंज–कोन मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास (गेट संख्या-49) में सोमवार, 29 जून 2026 की शाम लगभग 4:30 बजे हुई बारिश का पानी मंगलवार दोपहर तक भी जस का तस बना रहा। लगभग 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी जल निकासी के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है।

यह अंडरपास क्षेत्र के हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का एक प्रमुख मार्ग है, और जलभराव के कारण ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और मरीजों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है, जबकि चारपहिया वाहन भी जोखिम उठाकर वहां से गुजरने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हर वर्ष बारिश में यही स्थिति बनती है, तो अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, और यह भी कि जब समस्या की सूचना अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, तब भी राहत कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने, अंडरपास का तकनीकी निरीक्षण कराने और भविष्य के लिए एक स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर बना यह अंडरपास यदि हर बारिश में तालाब बन जाएगा, तो इसका मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। अब जनता की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर इस गंभीर समस्या का समाधान कब होगा।
    user_PREM CHAND
    PREM CHAND
    दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के ऐतिहासिक तातापानी साप्ताहिक बाजार में अवैध कब्जों के कारण खरीदार और ग्रामीण गंभीर रूप से परेशान हैं, जबकि जिले में अवैध कब्जों पर प्रशासन का बुलडोजर गरज रहा है। रसूखदारों और भू-माफियाओं ने बाजार की बेशकीमती सरकारी जमीन और मुख्य रास्ते पर ऐसा अवैध कब्जा जमाया है, जिससे दूर-दूर से आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब एक साल से बाजार जाने वाले मुख्य रास्ते पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से पक्का निर्माण कर अपना निवास बना लिया है। हद तो तब हो जाती है, जब बाजार आने वाले लोग उस रास्ते से अपनी गाड़ी पार करने की कोशिश करते हैं, तो कब्जाधारी सीधे मारपीट और गाली-गलौज पर उतारू हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सड़क किनारे की इस बेशकीमती बाजार भूमि पर न सिर्फ रहने के लिए घर बनाए गए हैं, बल्कि कई लोगों ने दुकानें खड़ी करके उन्हें भारी-भरकम किराए पर भी चढ़ा दिया है। परेशान खरीदारों के अनुसार, उनसे ₹30 बजरी बाजार टैक्स भी वसूला जाता है, लेकिन उन्हें पैदल चलने तक का रास्ता नहीं मिलता। अगर गलती से किसी कब्जाधारी की दुकान का त्रिपाल थोड़ा भी फट जाए या नुकसान हो जाए, तो वे तुरंत उनसे जबरन पैसे वसूलने लगते हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पहले भी कलेक्टर कार्यालय में लिखित आवेदन देकर गुहार लगाई थी और कई बार ज्ञापन भी सौंपे, आवाज उठाई गई, लेकिन जिला प्रशासन ने आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों को लगता है कि प्रशासन की फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी गई हैं। शासन-प्रशासन की इस बेरुखी से तंग आकर अब बेबस ग्रामीणों ने एक बार फिर मीडिया का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जो लोग अवैध कब्जा करके, हौसले बुलंद कर वहां रह रहे हैं और दुकानें किराए पर चला रहे हैं, उन पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। अब यह देखना होगा कि पूरे जिले में अवैध निर्माण को ढहाने वाला बलरामपुर प्रशासन का बुलडोजर तातापानी के इस सालों पुराने अवैध कब्जे पर कब चलता है, या फिर हर बार की तरह इस बार भी ग्रामीणों की आवाज को दबा दिया जाएगा।
    1
    बलरामपुर जिले के ऐतिहासिक तातापानी साप्ताहिक बाजार में अवैध कब्जों के कारण खरीदार और ग्रामीण गंभीर रूप से परेशान हैं, जबकि जिले में अवैध कब्जों पर प्रशासन का बुलडोजर गरज रहा है। रसूखदारों और भू-माफियाओं ने बाजार की बेशकीमती सरकारी जमीन और मुख्य रास्ते पर ऐसा अवैध कब्जा जमाया है, जिससे दूर-दूर से आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब एक साल से बाजार जाने वाले मुख्य रास्ते पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से पक्का निर्माण कर अपना निवास बना लिया है। हद तो तब हो जाती है, जब बाजार आने वाले लोग उस रास्ते से अपनी गाड़ी पार करने की कोशिश करते हैं, तो कब्जाधारी सीधे मारपीट और गाली-गलौज पर उतारू हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सड़क किनारे की इस बेशकीमती बाजार भूमि पर न सिर्फ रहने के लिए घर बनाए गए हैं, बल्कि कई लोगों ने दुकानें खड़ी करके उन्हें भारी-भरकम किराए पर भी चढ़ा दिया है। परेशान खरीदारों के अनुसार, उनसे ₹30 बजरी बाजार टैक्स भी वसूला जाता है, लेकिन उन्हें पैदल चलने तक का रास्ता नहीं मिलता। अगर गलती से किसी कब्जाधारी की दुकान का त्रिपाल थोड़ा भी फट जाए या नुकसान हो जाए, तो वे तुरंत उनसे जबरन पैसे वसूलने लगते हैं।

इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पहले भी कलेक्टर कार्यालय में लिखित आवेदन देकर गुहार लगाई थी और कई बार ज्ञापन भी सौंपे, आवाज उठाई गई, लेकिन जिला प्रशासन ने आज तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों को लगता है कि प्रशासन की फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी गई हैं। शासन-प्रशासन की इस बेरुखी से तंग आकर अब बेबस ग्रामीणों ने एक बार फिर मीडिया का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जो लोग अवैध कब्जा करके, हौसले बुलंद कर वहां रह रहे हैं और दुकानें किराए पर चला रहे हैं, उन पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।

अब यह देखना होगा कि पूरे जिले में अवैध निर्माण को ढहाने वाला बलरामपुर प्रशासन का बुलडोजर तातापानी के इस सालों पुराने अवैध कब्जे पर कब चलता है, या फिर हर बार की तरह इस बार भी ग्रामीणों की आवाज को दबा दिया जाएगा।
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के 50 से अधिक किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि समर्थन मूल्य पर बेची गई धान की बकाया राशि उन्हें अब तक नहीं मिली है, क्योंकि उनके नाम पर सहकारी बैंक से फर्जी तरीके से लोन निकाल लिया गया है, जिसके कारण उनके बैंक खाते होल्ड कर दिए गए हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अन्य किसानों की तरह धान बेची थी, लेकिन भुगतान उनके खातों में नहीं पहुंचा। लगातार सहकारी समिति और बैंक के चक्कर लगाने पर उन्हें पता चला कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम से ऋण स्वीकृत कर राशि निकाल ली गई है। किसानों ने दृढ़ता से कहा कि उन्होंने कभी कोई लोन नहीं लिया, फिर भी उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासनिक जांच के चलते उनके बैंक खाते होल्ड कर दिए गए हैं, जिससे धान भुगतान की राशि अटक गई है। किसानों ने एक ऐसे व्यक्ति का उदाहरण भी दिया जो संबंधित अवधि में जेल में था, फिर भी उसके नाम पर लोन निकाल लिया गया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से फर्जी लोन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द धान का भुगतान कराने की मांग की। वहीं, अतिरिक्त तहसीलदार जितेंद्र डहरिया ने किसानों से ज्ञापन प्राप्त करते हुए बताया कि इसे नियमानुसार राज्य सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर के समक्ष भी अपनी बात रखेगा और मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    4
    बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड के 50 से अधिक किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि समर्थन मूल्य पर बेची गई धान की बकाया राशि उन्हें अब तक नहीं मिली है, क्योंकि उनके नाम पर सहकारी बैंक से फर्जी तरीके से लोन निकाल लिया गया है, जिसके कारण उनके बैंक खाते होल्ड कर दिए गए हैं।

किसानों का कहना है कि उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अन्य किसानों की तरह धान बेची थी, लेकिन भुगतान उनके खातों में नहीं पहुंचा। लगातार सहकारी समिति और बैंक के चक्कर लगाने पर उन्हें पता चला कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम से ऋण स्वीकृत कर राशि निकाल ली गई है। किसानों ने दृढ़ता से कहा कि उन्होंने कभी कोई लोन नहीं लिया, फिर भी उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासनिक जांच के चलते उनके बैंक खाते होल्ड कर दिए गए हैं, जिससे धान भुगतान की राशि अटक गई है। किसानों ने एक ऐसे व्यक्ति का उदाहरण भी दिया जो संबंधित अवधि में जेल में था, फिर भी उसके नाम पर लोन निकाल लिया गया।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से फर्जी लोन की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द धान का भुगतान कराने की मांग की। वहीं, अतिरिक्त तहसीलदार जितेंद्र डहरिया ने किसानों से ज्ञापन प्राप्त करते हुए बताया कि इसे नियमानुसार राज्य सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर के समक्ष भी अपनी बात रखेगा और मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • बेतला नेशनल पार्क को आगामी 1 जुलाई से 30 सितंबर तक की अवधि के लिए बंद किया जाएगा। राष्ट्रीय उद्यान कुल तीन महीनों के लिए बंद रहेगा।
    1
    बेतला नेशनल पार्क को आगामी 1 जुलाई से 30 सितंबर तक की अवधि के लिए बंद किया जाएगा। राष्ट्रीय उद्यान कुल तीन महीनों के लिए बंद रहेगा।
    user_Sonu Ram
    Sonu Ram
    Local News Reporter बरवाडीह, लातेहार, झारखंड•
    20 hrs ago
  • राजकुमारी विशाखा सिंह की स्मृति में आयोजित होने वाले प्रतिभा सम्मान समारोह की तैयारियां रंका में तेज हो गई हैं। इस संबंध में सोमवार को रंका सर्वैश्वरी समूह शाखा में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में समारोह की तैयारियों, मेधावी छात्र-छात्राओं के चयन की प्रक्रिया और कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि इस सम्मान समारोह के माध्यम से रंका प्रखंड के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को उच्च पदाधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों के हाथों प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और मेडल प्रदान किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहन देना और अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा प्रदान करना है। आयोजन समिति ने बताया कि छात्र-छात्राओं की सुविधा हेतु गूगल स्कैनर (QR कोड) उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी मदद से वे स्वयं ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। समिति ने सभी पात्र छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे 5 जुलाई तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन आवेदन भर दें, ताकि विद्यार्थियों के आवागमन, पंजीकरण और सम्मान समारोह में भागीदारी का सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
    1
    राजकुमारी विशाखा सिंह की स्मृति में आयोजित होने वाले प्रतिभा सम्मान समारोह की तैयारियां रंका में तेज हो गई हैं। इस संबंध में सोमवार को रंका सर्वैश्वरी समूह शाखा में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में समारोह की तैयारियों, मेधावी छात्र-छात्राओं के चयन की प्रक्रिया और कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि इस सम्मान समारोह के माध्यम से रंका प्रखंड के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को उच्च पदाधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों के हाथों प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और मेडल प्रदान किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहन देना और अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा प्रदान करना है।

आयोजन समिति ने बताया कि छात्र-छात्राओं की सुविधा हेतु गूगल स्कैनर (QR कोड) उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी मदद से वे स्वयं ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं। समिति ने सभी पात्र छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे 5 जुलाई तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन आवेदन भर दें, ताकि विद्यार्थियों के आवागमन, पंजीकरण और सम्मान समारोह में भागीदारी का सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में स्थित पवन वाटिका इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है, जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य, घने शाल वन, डेम में नौका विहार और बच्चों के लिए विकसित चिल्ड्रन पार्क लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। प्रतिदिन यहाँ 500 से 1000 पर्यटक घूमने पहुँच रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसकी तस्वीरें और वीडियो साझा कर पर्यटक इसकी खूबसूरती की जमकर तारीफ कर रहे हैं। रामानुजगंज से सटे झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग यहाँ आ रहे हैं, और छुट्टियों के दिनों में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि हो जाती है। चारों ओर फैली हरियाली और शाल के लंबे वृक्ष यहाँ के प्राकृतिक वातावरण को और भी सुकूनभरा बनाते हैं। वाटिका के बीच बने डेम में नौका विहार पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है, जिसका संचालन महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है। परिसर की साफ-सफाई और रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे पर्यटकों को स्वच्छ और सुंदर माहौल मिलता है। सुबह 5 बजे से 7 बजे तक शहर के लोग मॉर्निंग वॉक, योग और व्यायाम के लिए पवन वाटिका आते हैं, जबकि सुबह 8 बजे से बाहरी पर्यटकों का आना शुरू हो जाता है और यह क्रम देर शाम तक जारी रहता है। बच्चों के मनोरंजन के लिए वाटिका में एक चिल्ड्रन पार्क भी बनाया गया है, जहाँ झूले और विभिन्न खेल गतिविधियाँ उपलब्ध हैं। इसके अलावा, परिसर में काजू सहित कई फलदार और छायादार वृक्ष लगाए गए हैं, जो इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण पवन वाटिका अब क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यहाँ और सुविधाओं का विस्तार किया जाए, तो यह स्थल आने वाले समय में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।
    2
    बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में स्थित पवन वाटिका इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है, जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य, घने शाल वन, डेम में नौका विहार और बच्चों के लिए विकसित चिल्ड्रन पार्क लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। प्रतिदिन यहाँ 500 से 1000 पर्यटक घूमने पहुँच रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसकी तस्वीरें और वीडियो साझा कर पर्यटक इसकी खूबसूरती की जमकर तारीफ कर रहे हैं। रामानुजगंज से सटे झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग यहाँ आ रहे हैं, और छुट्टियों के दिनों में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि हो जाती है। चारों ओर फैली हरियाली और शाल के लंबे वृक्ष यहाँ के प्राकृतिक वातावरण को और भी सुकूनभरा बनाते हैं।

वाटिका के बीच बने डेम में नौका विहार पर्यटकों का मुख्य आकर्षण है, जिसका संचालन महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है। परिसर की साफ-सफाई और रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे पर्यटकों को स्वच्छ और सुंदर माहौल मिलता है। सुबह 5 बजे से 7 बजे तक शहर के लोग मॉर्निंग वॉक, योग और व्यायाम के लिए पवन वाटिका आते हैं, जबकि सुबह 8 बजे से बाहरी पर्यटकों का आना शुरू हो जाता है और यह क्रम देर शाम तक जारी रहता है।

बच्चों के मनोरंजन के लिए वाटिका में एक चिल्ड्रन पार्क भी बनाया गया है, जहाँ झूले और विभिन्न खेल गतिविधियाँ उपलब्ध हैं। इसके अलावा, परिसर में काजू सहित कई फलदार और छायादार वृक्ष लगाए गए हैं, जो इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण पवन वाटिका अब क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यहाँ और सुविधाओं का विस्तार किया जाए, तो यह स्थल आने वाले समय में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • स्पेस टेक्नोलॉजी की मदद से निर्मित बिहार का एक नेशनल हाईवे आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। इस अभिनव निर्माण ने इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ध्यान आकर्षित किया है।
    1
    स्पेस टेक्नोलॉजी की मदद से निर्मित बिहार का एक नेशनल हाईवे आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। इस अभिनव निर्माण ने इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ध्यान आकर्षित किया है।
    user_Pappu singh
    Pappu singh
    ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत केवाल में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। 35 वर्षीय आलम, जो अजमेरुद्दीन के पुत्र थे, खेत की जुताई कर घर लौट रहे थे, तभी उनका ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में आलम ट्रैक्टर के नीचे दब गए। यह हादसा सोमवार दोपहर लगभग 3:30 बजे हुआ बताया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, आलम खेत की जुताई का काम पूरा कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी और बारिश के आसार देखकर वे ट्रैक्टर लेकर घर की ओर निकले थे, जबकि ट्रैक्टर स्वामिनी घीवही निवासी रंभा देवी पैदल पीछे आ रही थीं। कुछ दूरी पर पहुंचने पर उन्होंने ट्रैक्टर को पलटा हुआ देखा और शोर मचाकर परिजनों व ग्रामीणों को सूचित किया। ग्रामीणों और परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद आलम को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया। वहाँ डॉ. मनोहर कुमार ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। आलम अपने पीछे अपनी पत्नी, आठ वर्षीय पुत्र अहमद रजा, सात वर्षीय पुत्र तुफैल आलम और पांच वर्षीय पुत्री तमन्ना को छोड़ गए हैं। उनकी असामयिक मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही विंढमगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
    1
    सोनभद्र जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत केवाल में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। 35 वर्षीय आलम, जो अजमेरुद्दीन के पुत्र थे, खेत की जुताई कर घर लौट रहे थे, तभी उनका ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में आलम ट्रैक्टर के नीचे दब गए। यह हादसा सोमवार दोपहर लगभग 3:30 बजे हुआ बताया जा रहा है।

परिजनों के अनुसार, आलम खेत की जुताई का काम पूरा कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी और बारिश के आसार देखकर वे ट्रैक्टर लेकर घर की ओर निकले थे, जबकि ट्रैक्टर स्वामिनी घीवही निवासी रंभा देवी पैदल पीछे आ रही थीं। कुछ दूरी पर पहुंचने पर उन्होंने ट्रैक्टर को पलटा हुआ देखा और शोर मचाकर परिजनों व ग्रामीणों को सूचित किया। ग्रामीणों और परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद आलम को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया। वहाँ डॉ. मनोहर कुमार ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आलम अपने पीछे अपनी पत्नी, आठ वर्षीय पुत्र अहमद रजा, सात वर्षीय पुत्र तुफैल आलम और पांच वर्षीय पुत्री तमन्ना को छोड़ गए हैं। उनकी असामयिक मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही विंढमगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.