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गांव में आया 20 हाथी का दल,जंगल या रस्ते में आने जाने वाले सतर्क रहें ग्राम पंचायत केरसई से सटे सिहारजौरी जंगल में 20 हाथी का दल आया है। कृपया जंगल या रस्ते में आने जाने वाले सतर्क रहें।

6 hrs ago
user_श्याम बिहारी चौहान
श्याम बिहारी चौहान
फरसाबहार, जशपुर, छत्तीसगढ़•
6 hrs ago

गांव में आया 20 हाथी का दल,जंगल या रस्ते में आने जाने वाले सतर्क रहें ग्राम पंचायत केरसई से सटे सिहारजौरी जंगल में 20 हाथी का दल आया है। कृपया जंगल या रस्ते में आने जाने वाले सतर्क रहें।

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  • गांव में आया 20 हाथी का दल,जंगल या रस्ते में आने जाने वाले सतर्क रहें ग्राम पंचायत केरसई से सटे सिहारजौरी जंगल में 20 हाथी का दल आया है। कृपया जंगल या रस्ते में आने जाने वाले सतर्क रहें।
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    गांव में आया 20 हाथी का दल,जंगल या रस्ते में आने जाने वाले सतर्क रहें 

ग्राम पंचायत केरसई से सटे सिहारजौरी जंगल में 20 हाथी का दल आया है। कृपया जंगल या रस्ते में आने जाने वाले सतर्क रहें।
    user_श्याम बिहारी चौहान
    श्याम बिहारी चौहान
    फरसाबहार, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • बागबहार में 60 किलो गांजा जब्त, अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार बागबहार में 60 किलो गांजा जब्त, अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार जशपुर पुलिस ने “ऑपरेशन आघात” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बागबहार के गांधी चौक में 60 किलो अवैध गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। ➡️ आरोपी विकास चौधरी (27), निवासी बिहार, वर्तमान निवास गाजियाबाद ➡️ उड़ीसा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था गांजा ➡️ वैन्यू कार UP-91-U 6302 भी जब्त ➡️ गांजे की कीमत करीब ₹30 लाख ➡️ वाहन की कीमत करीब ₹10 लाख ➡️ कुल करीब ₹40 लाख की जप्ती मामले में NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच जारी है। #JashpurTimes #JashpurPolice #OperationAghaat #Bagbahar #CrimeNews #BreakingNews
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    बागबहार में 60 किलो गांजा जब्त, अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

बागबहार में 60 किलो गांजा जब्त, अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
जशपुर पुलिस ने “ऑपरेशन आघात” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बागबहार के गांधी चौक में 60 किलो अवैध गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
➡️ आरोपी विकास चौधरी (27), निवासी बिहार, वर्तमान निवास गाजियाबाद
➡️ उड़ीसा से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था गांजा
➡️ वैन्यू कार UP-91-U 6302 भी जब्त
➡️ गांजे की कीमत करीब ₹30 लाख
➡️ वाहन की कीमत करीब ₹10 लाख
➡️ कुल करीब ₹40 लाख की जप्ती
मामले में NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
#JashpurTimes #JashpurPolice #OperationAghaat #Bagbahar #CrimeNews #BreakingNews
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • 'बैंकित' (Bankit) का 599 रुपये का "साइलेंट कट" धमाका: 'हमारा क्या उखाड़ लोगे?' वाला एटीट्यूड और 45 दिनों से लगातार सिर्फ 'झांसा'! बिना बताए अकाउंट से कट गए ₹599, सवाल पूछने पर अफसरों की फौज का 'अहंकार' और 'इग्नोर मोड' ऑन! जानिए कैसे छोटे दुकानदारों के पसीने की कमाई पर चल रहा है 'आश्वासन का खेल'। न्यूज़ डेस्क / विशेष रिपोर्ट: अगर आप अपनी दुकान पर ग्राहकों का पैसा निकालने या डिजिटल लेन-देन के लिए FINDI / BANKIT (बैंकित) ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो ज़रा अपने खाते के ट्रांजैक्शन संभालकर देख लीजिए! हो सकता है कि आपकी जेब से भी चुपके से "सब्सक्रिप्शन प्लान" के नाम पर डाका डाला जा चुका हो और आपको खबर तक न हो। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक दुकानदार एजेंट के खाते से बिना किसी सहमति या जानकारी के सीधे ₹599 काट लिए गए (सेवा: Subscription Plan - 599 - M)। जब इस "साइलेंट कटौती" का पता चला, तो लगा कि कोई गलती से कटा होगा, लेकिन असली कहानी तो इसके बाद शुरू हुई! 🎭 'अधिकारियों की बारात' और 45 दिनों की 'आश्वासन एक्सप्रेस' जब दुकानदार ने अपने हक का पैसा वापस मांगा और पूछा कि “किसकी इजाजत से ये पैसे काटे गए?”, तो जवाब में कोई ठोस वजह नहीं बताई गई। बस इतना कहा गया—“एक बार कट गया है, आगे से नहीं कटेगा!” (मानो 599 रुपये कोई खैरात में बांटे जा रहे हों!) बात यहीं खत्म नहीं हुई। समाधान के नाम पर कस्टमर केयर और सेल्स टीम ने अधिकारियों की पूरी 'पदानुक्रम' (Hierarchy) की लिस्ट थमा दी: निचले स्तर पर: शोएब खान (Shoaib Khan) * उनके ऊपर: महफूज अली (Mahfuj Ali) और सबसे ऊपर: विजय श्रीवास्तव (Vijay Shrivastav) लेकिन नतीजा? ढाक के वही तीन पात! जब इन साहबानों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कुछ ने तो फरियाद सुनते ही फोन उठाना बंद कर दिया, तो कुछ के पास जवाब देने की फुरसत ही नहीं थी! 45 दिन बीत जाने के बाद भी हर बार सिर्फ एक ही घुट्टी पिलाई जा रही है—“पैसे वापस आ जाएंगे, प्रोसेस में है।” लेकिन वो 'जल्द' कब आएगा, इसकी कोई सीमा-रेखा नहीं है। 📱 स्क्रीनशॉट में खुला 'अहंकार' और लाचारी का सच! कंपनी के प्रतिनिधियों के रवैये की पोल उनके चैट और कॉल लॉग्स खुद खोल रहे हैं: "कंपनी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा!" (शोएब खान की वॉर्निंग): चैट में साफ़ देखा जा सकता है कि जब पीड़ित दुकानदार ने कानूनी रास्ता अपनाने या FIR की बात कही, तो शोएब खान (Shoaib Khan Bankit) की तरफ से जवाब आता है: > "परेशान मत होइए आप लोग, ये सब से कुछ नहीं होगा। आप ही सिर्फ परेशान होंगे, कंपनी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा!" > इसके बाद आगे बड़े ही बेपरवाह लहजे में लिखा गया—"एक बार और अगर हो गया रिफंड तो ठीक, वरना आप लोग करना जो भी करना होगा!" > वाह! क्या ग्राहक सेवा है! यह बातचीत साफ़ दर्शाती है कि छोटे दुकानदारों की परेशानी पर कंपनी के नुमाइंदों को कितना 'फर्क' पड़ता है। > "I'll call you back later" का अटूट लूप: दुकानदार दिन भर फोन मिलाता रहता है और उधर से एक ऑटो-जनरेटेड या रूखा मैसेज आता है—"I'll call you back later." पीड़ित पूछ रहा है “क्या हुआ सर, 4 दिन हो गए?” लेकिन जवाब में फिर वही घिसा-पिटा मैसेज। कॉल लॉग्स बने 'नॉट कनेक्टेड': कॉल हिस्ट्री गवाह है कि लगातार कोशिशों के बाद भी फोन काट दिए जा रहे हैं या अनसुने किए जा रहे हैं। 💣 क्या यह सिर्फ ₹599 का मामला है? सोचने वाली बात यह है कि ₹599 की रकम एक छोटे दुकानदार के लिए दिन भर की मेहनत की कमाई हो सकती है। अगर ऐसी कटौती देश भर के हज़ारों दुकानदारों के खातों से 'बिना अनुमति' की जा रही है, तो यह आंकड़ा लाखों-करोड़ों का खेल बन जाता है! सवाल यह है कि: जब सब्सक्रिप्शन ग्राहक ने मांगा ही नहीं, तो पैसे काटने का अधिकार किसने दिया? दूसरा सवाल: 45 दिनों तक रिफंड अटकाना और 'कंपनी को फर्क नहीं पड़ता' जैसी धमकियां देना किस कंज्यूमर लॉ (Customer Rights) के तहत सही है? अब देखना यह होगा कि क्या BANKIT प्रबंधन अपने इन 'भगवान स्वरूप' रवैये वाले अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करता है और पीड़ित का पैसा रिफंड करता है, या फिर पीड़ित दुकानदारों को मजबूरन कंज्यूमर फोरम (Consumer Court) और साइबर पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा!
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    'बैंकित' (Bankit) का 599 रुपये का "साइलेंट कट" धमाका: 'हमारा क्या उखाड़ लोगे?' वाला एटीट्यूड और 45 दिनों से लगातार सिर्फ 'झांसा'!
बिना बताए अकाउंट से कट गए ₹599, सवाल पूछने पर अफसरों की फौज का 'अहंकार' और 'इग्नोर मोड' ऑन! जानिए कैसे छोटे दुकानदारों के पसीने की कमाई पर चल रहा है 'आश्वासन का खेल'।
न्यूज़ डेस्क / विशेष रिपोर्ट:
अगर आप अपनी दुकान पर ग्राहकों का पैसा निकालने या डिजिटल लेन-देन के लिए FINDI / BANKIT (बैंकित) ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो ज़रा अपने खाते के ट्रांजैक्शन संभालकर देख लीजिए! हो सकता है कि आपकी जेब से भी चुपके से "सब्सक्रिप्शन प्लान" के नाम पर डाका डाला जा चुका हो और आपको खबर तक न हो।
ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक दुकानदार एजेंट के खाते से बिना किसी सहमति या जानकारी के सीधे ₹599 काट लिए गए (सेवा: Subscription Plan - 599 - M)। जब इस "साइलेंट कटौती" का पता चला, तो लगा कि कोई गलती से कटा होगा, लेकिन असली कहानी तो इसके बाद शुरू हुई!
🎭 'अधिकारियों की बारात' और 45 दिनों की 'आश्वासन एक्सप्रेस'
जब दुकानदार ने अपने हक का पैसा वापस मांगा और पूछा कि “किसकी इजाजत से ये पैसे काटे गए?”, तो जवाब में कोई ठोस वजह नहीं बताई गई। बस इतना कहा गया—“एक बार कट गया है, आगे से नहीं कटेगा!” (मानो 599 रुपये कोई खैरात में बांटे जा रहे हों!)
बात यहीं खत्म नहीं हुई। समाधान के नाम पर कस्टमर केयर और सेल्स टीम ने अधिकारियों की पूरी 'पदानुक्रम' (Hierarchy) की लिस्ट थमा दी:
निचले स्तर पर: शोएब खान (Shoaib Khan)
* उनके ऊपर: महफूज अली (Mahfuj Ali)
और सबसे ऊपर: विजय श्रीवास्तव (Vijay Shrivastav)
लेकिन नतीजा? ढाक के वही तीन पात!
जब इन साहबानों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कुछ ने तो फरियाद सुनते ही फोन उठाना बंद कर दिया, तो कुछ के पास जवाब देने की फुरसत ही नहीं थी! 45 दिन बीत जाने के बाद भी हर बार सिर्फ एक ही घुट्टी पिलाई जा रही है—“पैसे वापस आ जाएंगे, प्रोसेस में है।” लेकिन वो 'जल्द' कब आएगा, इसकी कोई सीमा-रेखा नहीं है।
📱 स्क्रीनशॉट में खुला 'अहंकार' और लाचारी का सच!
कंपनी के प्रतिनिधियों के रवैये की पोल उनके चैट और कॉल लॉग्स खुद खोल रहे हैं:
"कंपनी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा!" (शोएब खान की वॉर्निंग):
चैट में साफ़ देखा जा सकता है कि जब पीड़ित दुकानदार ने कानूनी रास्ता अपनाने या FIR की बात कही, तो शोएब खान (Shoaib Khan Bankit) की तरफ से जवाब आता है:
> "परेशान मत होइए आप लोग, ये सब से कुछ नहीं होगा। आप ही सिर्फ परेशान होंगे, कंपनी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा!"
> इसके बाद आगे बड़े ही बेपरवाह लहजे में लिखा गया—"एक बार और अगर हो गया रिफंड तो ठीक, वरना आप लोग करना जो भी करना होगा!"
> वाह! क्या ग्राहक सेवा है! यह बातचीत साफ़ दर्शाती है कि छोटे दुकानदारों की परेशानी पर कंपनी के नुमाइंदों को कितना 'फर्क' पड़ता है।
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"I'll call you back later" का अटूट लूप:
दुकानदार दिन भर फोन मिलाता रहता है और उधर से एक ऑटो-जनरेटेड या रूखा मैसेज आता है—"I'll call you back later." पीड़ित पूछ रहा है “क्या हुआ सर, 4 दिन हो गए?” लेकिन जवाब में फिर वही घिसा-पिटा मैसेज।
कॉल लॉग्स बने 'नॉट कनेक्टेड':
कॉल हिस्ट्री गवाह है कि लगातार कोशिशों के बाद भी फोन काट दिए जा रहे हैं या अनसुने किए जा रहे हैं।
💣 क्या यह सिर्फ ₹599 का मामला है?
सोचने वाली बात यह है कि ₹599 की रकम एक छोटे दुकानदार के लिए दिन भर की मेहनत की कमाई हो सकती है। अगर ऐसी कटौती देश भर के हज़ारों दुकानदारों के खातों से 'बिना अनुमति' की जा रही है, तो यह आंकड़ा लाखों-करोड़ों का खेल बन जाता है!
सवाल यह है कि: जब सब्सक्रिप्शन ग्राहक ने मांगा ही नहीं, तो पैसे काटने का अधिकार किसने दिया?
दूसरा सवाल: 45 दिनों तक रिफंड अटकाना और 'कंपनी को फर्क नहीं पड़ता' जैसी धमकियां देना किस कंज्यूमर लॉ (Customer Rights) के तहत सही है?
अब देखना यह होगा कि क्या BANKIT प्रबंधन अपने इन 'भगवान स्वरूप' रवैये वाले अधिकारियों पर कोई कार्रवाई करता है और पीड़ित का पैसा रिफंड करता है, या फिर पीड़ित दुकानदारों को मजबूरन कंज्यूमर फोरम (Consumer Court) और साइबर पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा!
    user_ANURAG
    ANURAG
    Media house जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • :नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस की एक और बड़ी कार्यवाही 60 किलो अवैध गांजा व चारपहिया वाहन वैन्यू कार के साथ अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार, करीब 40 लाख रुपये की संपत्ति जप्त* *➡️ थाना बागबहार क्षेत्र में जशपुर पुलिस की बड़ी कार्यवाही, 60 किलो अवैध गांजा के साथ एक आरोपी गिरफ्तार।* *➡️ आरोपी वैन्यू कार में उड़ीसा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा था।* *➡️ जशपुर पुलिस की टेक्निकल टीम एवं मुखबिर तंत्र से मिली पुख्ता सूचना पर गांधी चौक बागबहार में पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा।* *➡️ आरोपी के कब्जे से 60 पैकेट में लगभग 60 किलो अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद।* *➡️ तस्करी में प्रयुक्त वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302 भी पुलिस ने जप्त की।* *➡️ जप्त गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये तथा वाहन की कीमत लगभग 10 लाख रुपये, कुल करीब 40 लाख रुपये की जप्ती।* *➡️ आरोपी के विरुद्ध थाना बागबहार में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत अपराध पंजीबद्ध।* *➡️ गिरफ्तार आरोपी – विकास चौधरी, उम्र 27 वर्ष, निवासी समस्तीपुर, बिहार; वर्तमान निवास गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।* ----00--- ➡️मामले का संक्षिप्त विवरण आज दिनांक 31.08.2026 की प्रातः करीब 04:00 से 05:00 बजे के मध्य थाना बागबहार पुलिस को जशपुर पुलिस की टेक्निकल टीम एवं विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि उड़ीसा की ओर से एक वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302 में भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा का परिवहन किया जा रहा है। सूचना से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में थाना बागबहार पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करों के संभावित मार्गों पर नाकाबंदी एवं घेराबंदी की गई। इसी दौरान गांधी चौक, बागबहार के पास उक्त संदिग्ध वैन्यू कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोककर चालक से पूछताछ की। चालक ने अपना नाम विकास चौधरी, उम्र 27 वर्ष, निवासी समस्तीपुर बिहार, वर्तमान निवास गाजियाबाद उत्तर प्रदेश बताया। पुलिस टीम द्वारा गवाहों की उपस्थिति में वाहन की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की में प्लास्टिक टेप से लिपटे हुए 60 पैकेट मिले। पैकेटों को खोलकर जांच करने पर उनमें कुल लगभग 60 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा पाया गया। पुलिस द्वारा गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302 को विधिवत जप्त कर आरोपी विकास चौधरी को हिरासत में लिया गया। *➡️उड़ीसा से उत्तर प्रदेश तक गांजा तस्करी का प्रयास* प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा उड़ीसा से अवैध गांजा लेकर उत्तर प्रदेश की ओर ले जाने का प्रयास किया जाना सामने आया है। मामले में जशपुर पुलिस द्वारा एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है। गांजा आरोपी को किस व्यक्ति से प्राप्त हुआ तथा उत्तर प्रदेश में इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था, इस संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अवैध मादक पदार्थों के इस नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा संलिप्त पाए जाने पर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ➡️ मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने एवं अपराध स्वीकार किए जाने के आधार पर आरोपी विकास चौधरी को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ➡️मामले में थाना बागबहार में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना जारी है। ➡️जप्त सामग्री अवैध गांजा – लगभग 60 किलोग्राम गांजे की अनुमानित कीमत – लगभग ₹30 लाख वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302 – अनुमानित कीमत लगभग ₹10 लाख कुल जप्ती – लगभग ₹40 लाख *➡️जशपुर पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी* नशे के सौदागरों के खिलाफ जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है एवं तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। जशपुर पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। *➡️ कार्यवाही में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका* मामले की कार्यवाही एवं आरोपी की गिरफ्तारी में एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल, डीएसपी जशपुर शुभम तिवारी, थाना प्रभारी बागबहार निरीक्षक ललित कुमार यादव, प्रधान आरक्षक लव चौहान, आरक्षक अजय खेस, आरक्षक पवन पैंकरा तथा जशपुर पुलिस की साइबर/टेक्निकल टीम का विशेष योगदान रहा।* *➡️ मामले में डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन आघात निरंतर जारी है, पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को मजबूत कर अत्यंत सक्रिय किया है, साथ ही पुलिस नशे के सौदागरों पर निरंतर निगाह रखे हुई है, थाना बागबाहर क्षेत्र से 60 किलो के लगभग अवैध मादक प्रदार्थ गांजा सहित एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, मामले में पुलिस एंड टू एंड विवेचना कर रही है, ऐसे मामलों में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, पुलिस सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही करे करेगी*
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    :नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस की एक और बड़ी कार्यवाही 60 किलो अवैध गांजा  व चारपहिया वाहन वैन्यू कार के साथ अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार, करीब 40 लाख रुपये की संपत्ति जप्त*
*➡️ थाना बागबहार क्षेत्र में जशपुर पुलिस की बड़ी कार्यवाही, 60 किलो अवैध गांजा के साथ एक आरोपी गिरफ्तार।*
*➡️ आरोपी वैन्यू कार में उड़ीसा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा था।*
*➡️ जशपुर पुलिस की टेक्निकल टीम एवं मुखबिर तंत्र से मिली पुख्ता सूचना पर गांधी चौक बागबहार में पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा।*
*➡️ आरोपी के कब्जे से 60 पैकेट में लगभग 60 किलो अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद।*
*➡️ तस्करी में प्रयुक्त वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302 भी पुलिस ने जप्त की।*
*➡️ जप्त गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये तथा वाहन की कीमत लगभग 10 लाख रुपये, कुल करीब 40 लाख रुपये की जप्ती।*
*➡️ आरोपी के विरुद्ध थाना बागबहार में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत अपराध पंजीबद्ध।*
*➡️ गिरफ्तार आरोपी – विकास चौधरी, उम्र 27 वर्ष, निवासी समस्तीपुर, बिहार; वर्तमान निवास गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश।*
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➡️मामले का संक्षिप्त विवरण
आज दिनांक 31.08.2026 की प्रातः करीब 04:00 से 05:00 बजे के मध्य थाना बागबहार पुलिस को जशपुर पुलिस की टेक्निकल टीम एवं विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि उड़ीसा की ओर से एक वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302 में भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा का परिवहन किया जा रहा है।
सूचना से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में थाना बागबहार पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करों के संभावित मार्गों पर नाकाबंदी एवं घेराबंदी की गई।
इसी दौरान गांधी चौक, बागबहार के पास उक्त संदिग्ध वैन्यू कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोककर चालक से पूछताछ की। चालक ने अपना नाम विकास चौधरी, उम्र 27 वर्ष, निवासी समस्तीपुर बिहार, वर्तमान निवास गाजियाबाद उत्तर प्रदेश बताया।
पुलिस टीम द्वारा गवाहों की उपस्थिति में वाहन की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की में प्लास्टिक टेप से लिपटे हुए 60 पैकेट मिले। पैकेटों को खोलकर जांच करने पर उनमें कुल लगभग 60 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा पाया गया।
पुलिस द्वारा गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302 को विधिवत जप्त कर आरोपी विकास चौधरी को हिरासत में लिया गया।
*➡️उड़ीसा से उत्तर प्रदेश तक गांजा तस्करी का प्रयास*
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा उड़ीसा से अवैध गांजा लेकर उत्तर प्रदेश की ओर ले जाने का प्रयास किया जाना सामने आया है। मामले में जशपुर पुलिस द्वारा एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है। गांजा आरोपी को किस व्यक्ति से प्राप्त हुआ तथा उत्तर प्रदेश में इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था, इस संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस द्वारा मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अवैध मादक पदार्थों के इस नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा संलिप्त पाए जाने पर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
➡️ मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने एवं अपराध स्वीकार किए जाने के आधार पर आरोपी विकास चौधरी को विधिवत गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
➡️मामले में थाना बागबहार में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना जारी है।
➡️जप्त सामग्री
अवैध गांजा – लगभग 60 किलोग्राम
गांजे की अनुमानित कीमत – लगभग ₹30 लाख
वैन्यू कार क्रमांक UP-91-U 6302 – अनुमानित कीमत  लगभग ₹10 लाख
कुल जप्ती – लगभग ₹40 लाख
*➡️जशपुर पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी*
नशे के सौदागरों के खिलाफ जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया है एवं तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए हैं।
जशपुर पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
*➡️ कार्यवाही में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका*
मामले की कार्यवाही एवं आरोपी की गिरफ्तारी में एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल, डीएसपी जशपुर शुभम तिवारी, थाना प्रभारी बागबहार निरीक्षक ललित कुमार यादव, प्रधान आरक्षक लव चौहान, आरक्षक अजय खेस, आरक्षक पवन पैंकरा तथा जशपुर पुलिस की साइबर/टेक्निकल टीम का विशेष योगदान रहा।*
*➡️ मामले में डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि नशे के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन आघात निरंतर जारी है, पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को मजबूत कर अत्यंत सक्रिय किया है, साथ ही पुलिस नशे के सौदागरों पर निरंतर निगाह रखे हुई है, थाना बागबाहर क्षेत्र से 60 किलो के लगभग अवैध मादक प्रदार्थ गांजा सहित एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, मामले में पुलिस एंड टू एंड विवेचना कर रही है, ऐसे मामलों में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, पुलिस सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही करे करेगी*
    user_Ajit gupta
    Ajit gupta
    Local News Reporter पत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • भारतपुर पंचायत में डस्टबिन खरीदी के नाम पर बड़ा घोटाला। ₹1.76 लाख खर्च का दावा, ग्रामीणों को अब तक एक भी डस्टबिन नहीं मिला पढ़िए सीतापुर सरपंच संघ की अध्यक्ष का महा घोटाला। टूल किट के नाम पर भी ₹1 लाख की राशि; स्वच्छता दीदियों के काम नहीं करने के दावे से व्यवस्था पर उठे सवाल सीतापुर। जनपद पंचायत सीतापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भारतपुर में डस्टबिन खरीदी और स्वच्छता से जुड़ी सामग्री पर खर्च की गई राशि को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपलब्ध भुगतान विवरण के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में डस्टबिन खरीदी के नाम पर चार अलग-अलग भुगतान आदेशों के जरिए कुल ₹1,76,035 का भुगतान दर्शाया गया है। दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में आज तक एक भी डस्टबिन वितरित नहीं किया गया है। भारतपुर ग्राम पंचायत की जनसंख्या लगभग 1,545 बताई जा रही है, जबकि पंचायत क्षेत्र में करीब 520 राशन कार्ड होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में इतनी बड़ी राशि से खरीदे गए बताए जा रहे डस्टबिन की संख्या, उनकी कीमत, साइज और वर्तमान स्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। चार भुगतान आदेशों में ₹1.76 लाख उपलब्ध भुगतान विवरण के अनुसार— X VFC/2025-26/P/5 — 31 अगस्त 2025 — ₹26,315 X VFC/2025-26/P/6 — 31 अगस्त 2025 — ₹49,860 X VFC/2025-26/P/10 — 12 सितंबर 2025 — ₹49,860 X VFC/2025-26/P/12 — 26 मार्च 2026 — ₹50,000 इन चारों भुगतानों को जोड़ने पर कुल राशि ₹1,76,035 होती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इन भुगतानों के बदले वास्तव में डस्टबिन खरीदे गए हैं तो डस्टबिन गए कहां? लगभग एक साल बाद भी ग्रामीणों को वितरण नहीं ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में आज तक डस्टबिन का वितरण नहीं हुआ है। यदि सामग्री खरीदी गई है और पंचायत के पास उपलब्ध है तो पंचायत को यह बताना चाहिए कि डस्टबिन वर्तमान में किस स्थान पर रखे गए हैं, उनकी कुल संख्या कितनी है और उनका वितरण कब किया जाएगा। वहीं यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि एक डस्टबिन की खरीद दर कितनी थी और कुल कितने डस्टबिन खरीदे गए। क्या खरीदी के लिए कोटेशन, बिल-वाउचर, सप्लाई ऑर्डर, जीएसटी बिल और स्टॉक रजिस्टर में आवश्यक प्रविष्टियां की गई हैं? टूल किट के नाम पर भी ₹1 लाख का भुगतान? डस्टबिन खरीदी के अलावा पंचायत में टूल किट के नाम पर करीब ₹1 लाख की राशि खर्च किए जाने की बात भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत क्षेत्र में वर्तमान में स्वच्छता दीदियां काम करती हुई दिखाई नहीं देतीं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि टूल किट खरीदी गई है तो किसके लिए खरीदी गई, कितनी संख्या में खरीदी गई, किस दर पर खरीदी गई और उसका वितरण किन हितग्राहियों या स्वच्छता कर्मियों को किया गया? यदि टूल किट खरीदी गई है तो उसका भौतिक सत्यापन और स्टॉक रजिस्टर का मिलान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। क्या कागजों तक सीमित रह गई खरीदी? डस्टबिन और टूल किट की खरीदी को लेकर ग्रामीणों की ओर से यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं रिकॉर्ड में दर्शाई गई खरीदी और वास्तविक सामग्री की मात्रा में अंतर तो नहीं है। हालांकि यह फिलहाल आरोप और आशंका है। इसे सत्य मानने से पहले संबंधित दस्तावेजों और सामग्री का भौतिक सत्यापन आवश्यक है। जांच में यह देखा जाना चाहिए कि भुगतान की गई पूरी राशि के अनुरूप सामग्री वास्तव में पंचायत को मिली या नहीं। सरपंच संघ अध्यक्ष की पंचायत में पारदर्शिता पर सवाल ग्राम पंचायत भारतपुर की सरपंच दसनी बाई के संबंध में यह भी उल्लेखनीय है कि उन्हें सरपंच संघ की अध्यक्ष बताया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में होने वाले विकास और खरीदी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही का उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि डस्टबिन और टूल किट खरीदी की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा खरीदी से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। जांच में सामने आ सकती है वास्तविक तस्वीर मामले की जांच के दौरान बिल-वाउचर, जीएसटी चालान, कोटेशन, स्वीकृति आदेश, भुगतान आदेश, स्टॉक रजिस्टर, सप्लाई रजिस्टर और मौके पर उपलब्ध सामग्री का मिलान किया जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। जांच से यह भी पता चल सकेगा कि ₹1,76,035 के डस्टबिन और करीब ₹1 लाख की टूल किट वास्तव में खरीदी गई है या नहीं, खरीदी गई है तो कितनी मात्रा में और वर्तमान में वह सामग्री कहां मौजूद है। फिलहाल ₹1.76 लाख की डस्टबिन खरीदी और करीब ₹1 लाख की टूल किट खरीदी को लेकर उठे सवालों का जवाब पंचायत प्रशासन को दस्तावेजों के साथ देना चाहिए। वित्तीय अनियमितता या गबन का निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है। इस संबंध में सरपंच के गोलमोल जवाब है, जबकि सचिव और संबंधित आपूर्तिकर्ताओं का पक्ष सामने नहीं आया है।
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    भारतपुर पंचायत में डस्टबिन खरीदी के नाम पर बड़ा घोटाला।
 ₹1.76 लाख खर्च का दावा, ग्रामीणों को अब तक एक भी डस्टबिन नहीं मिला
पढ़िए सीतापुर सरपंच संघ की अध्यक्ष का महा घोटाला।
टूल किट के नाम पर भी ₹1 लाख की राशि; स्वच्छता दीदियों के काम नहीं करने के दावे से व्यवस्था पर उठे सवाल
सीतापुर। जनपद पंचायत सीतापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भारतपुर  में डस्टबिन खरीदी और स्वच्छता से जुड़ी सामग्री पर खर्च की गई राशि को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपलब्ध भुगतान विवरण के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में डस्टबिन खरीदी के नाम पर चार अलग-अलग भुगतान आदेशों के जरिए कुल ₹1,76,035 का भुगतान दर्शाया गया है। दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में आज तक एक भी डस्टबिन वितरित नहीं किया गया है।
भारतपुर ग्राम पंचायत की जनसंख्या लगभग 1,545 बताई जा रही है, जबकि पंचायत क्षेत्र में करीब 520 राशन कार्ड होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में इतनी बड़ी राशि से खरीदे गए बताए जा रहे डस्टबिन की संख्या, उनकी कीमत, साइज और वर्तमान स्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
चार भुगतान आदेशों में ₹1.76 लाख
उपलब्ध भुगतान विवरण के अनुसार—
X VFC/2025-26/P/5 — 31 अगस्त 2025 — ₹26,315
X VFC/2025-26/P/6 — 31 अगस्त 2025 — ₹49,860
X VFC/2025-26/P/10 — 12 सितंबर 2025 — ₹49,860
X VFC/2025-26/P/12 — 26 मार्च 2026 — ₹50,000
इन चारों भुगतानों को जोड़ने पर कुल राशि ₹1,76,035 होती है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इन भुगतानों के बदले वास्तव में डस्टबिन खरीदे गए हैं तो डस्टबिन गए कहां?
लगभग एक साल बाद भी ग्रामीणों को वितरण नहीं
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में आज तक डस्टबिन का वितरण नहीं हुआ है। यदि सामग्री खरीदी गई है और पंचायत के पास उपलब्ध है तो पंचायत को यह बताना चाहिए कि डस्टबिन वर्तमान में किस स्थान पर रखे गए हैं, उनकी कुल संख्या कितनी है और उनका वितरण कब किया जाएगा।
वहीं यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि एक डस्टबिन की खरीद दर कितनी थी और कुल कितने डस्टबिन खरीदे गए। क्या खरीदी के लिए कोटेशन, बिल-वाउचर, सप्लाई ऑर्डर, जीएसटी बिल और स्टॉक रजिस्टर में आवश्यक प्रविष्टियां की गई हैं?
टूल किट के नाम पर भी ₹1 लाख का भुगतान?
डस्टबिन खरीदी के अलावा पंचायत में टूल किट के नाम पर करीब ₹1 लाख की राशि खर्च किए जाने की बात भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत क्षेत्र में वर्तमान में स्वच्छता दीदियां काम करती हुई दिखाई नहीं देतीं।
ऐसे में सवाल उठता है कि यदि टूल किट खरीदी गई है तो किसके लिए खरीदी गई, कितनी संख्या में खरीदी गई, किस दर पर खरीदी गई और उसका वितरण किन हितग्राहियों या स्वच्छता कर्मियों को किया गया?
यदि टूल किट खरीदी गई है तो उसका भौतिक सत्यापन और स्टॉक रजिस्टर का मिलान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
क्या कागजों तक सीमित रह गई खरीदी?
डस्टबिन और टूल किट की खरीदी को लेकर ग्रामीणों की ओर से यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं रिकॉर्ड में दर्शाई गई खरीदी और वास्तविक सामग्री की मात्रा में अंतर तो नहीं है।
हालांकि यह फिलहाल आरोप और आशंका है। इसे सत्य मानने से पहले संबंधित दस्तावेजों और सामग्री का भौतिक सत्यापन आवश्यक है। जांच में यह देखा जाना चाहिए कि भुगतान की गई पूरी राशि के अनुरूप सामग्री वास्तव में पंचायत को मिली या नहीं।
सरपंच संघ अध्यक्ष की पंचायत में पारदर्शिता पर सवाल
ग्राम पंचायत भारतपुर की सरपंच दसनी बाई के संबंध में यह भी उल्लेखनीय है कि उन्हें सरपंच संघ की अध्यक्ष बताया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में होने वाले विकास और खरीदी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही का उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों की मांग है कि डस्टबिन और टूल किट खरीदी की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा खरीदी से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।
जांच में सामने आ सकती है वास्तविक तस्वीर
मामले की जांच के दौरान बिल-वाउचर, जीएसटी चालान, कोटेशन, स्वीकृति आदेश, भुगतान आदेश, स्टॉक रजिस्टर, सप्लाई रजिस्टर और मौके पर उपलब्ध सामग्री का मिलान किया जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
जांच से यह भी पता चल सकेगा कि ₹1,76,035 के डस्टबिन और करीब ₹1 लाख की टूल किट वास्तव में खरीदी गई है या नहीं, खरीदी गई है तो कितनी मात्रा में और वर्तमान में वह सामग्री कहां मौजूद है।
फिलहाल ₹1.76 लाख की डस्टबिन खरीदी और करीब ₹1 लाख की टूल किट खरीदी को लेकर उठे सवालों का जवाब पंचायत प्रशासन को दस्तावेजों के साथ देना चाहिए। वित्तीय अनियमितता या गबन का निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।
इस संबंध में सरपंच के गोलमोल जवाब है, जबकि सचिव और संबंधित आपूर्तिकर्ताओं का पक्ष   सामने नहीं आया है।
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • धरमजयगढ़ के जंगल में नजर आया 33 हाथियों का विशाल झुंड, क्रोधा मार्ग पर थमा आवागमन धरमजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी ने वनांचल के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। जंगलों में आए दिन हाथियों के अलग-अलग झुंड दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच सोमवार शाम क्रोधा मार्ग के किनारे जंगल में करीब 33 हाथियों का विशाल झुंड विचरण करता नजर आया। सड़क के करीब हाथियों के इतने बड़े समूह की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग और हाथी मित्रदल तत्काल सक्रिय हो गया। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र में निगरानी शुरू कर दी। सुरक्षा के मद्देनजर क्रोधा मार्ग पर दोनों ओर से कुछ समय के लिए आवागमन रोक दिया गया, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों का हाथियों के झुंड से सामना न हो और किसी तरह की अप्रिय घटना घटित न हो। वन विभाग की टीम और हाथी मित्रदल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रहे। जब हाथियों का झुंड सड़क किनारे के क्षेत्र से हटकर जंगल के अंदरूनी हिस्से की ओर चला गया, तब मार्ग को दोबारा आवागमन के लिए खोल दिया गया। विभागीय जानकारी के अनुसार, इस समय धरमजयगढ़ वनमंडल के अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 140 हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। बड़ी संख्या में हाथियों की सक्रियता के कारण हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में लगातार भय और चिंता का माहौल बना हुआ है। जंगल से लेकर सड़क मार्ग और ग्रामीण इलाकों तक हाथियों की आवाजाही ने वन विभाग के सामने भी चुनौती बढ़ा दी है। ऐसे में वन अमला प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है और हाथी मित्रदल के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है। फिलहाल 33 हाथियों का झुंड जंगल के अंदरूनी हिस्से की ओर बढ़ गया है, लेकिन हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए क्रोधा मार्ग और आसपास के इलाकों में वन विभाग की निगरानी जारी है।
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    धरमजयगढ़ के जंगल में नजर आया 33 हाथियों का विशाल झुंड, क्रोधा मार्ग पर थमा आवागमन
धरमजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी ने वनांचल के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। जंगलों में आए दिन हाथियों के अलग-अलग झुंड दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच सोमवार शाम क्रोधा मार्ग के किनारे जंगल में करीब 33 हाथियों का विशाल झुंड विचरण करता नजर आया। सड़क के करीब हाथियों के इतने बड़े समूह की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग और हाथी मित्रदल तत्काल सक्रिय हो गया।
सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र में निगरानी शुरू कर दी। सुरक्षा के मद्देनजर क्रोधा मार्ग पर दोनों ओर से कुछ समय के लिए आवागमन रोक दिया गया, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों का हाथियों के झुंड से सामना न हो और किसी तरह की अप्रिय घटना घटित न हो।
वन विभाग की टीम और हाथी मित्रदल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रहे। जब हाथियों का झुंड सड़क किनारे के क्षेत्र से हटकर जंगल के अंदरूनी हिस्से की ओर चला गया, तब मार्ग को दोबारा आवागमन के लिए खोल दिया गया।
विभागीय जानकारी के अनुसार, इस समय धरमजयगढ़ वनमंडल के अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 140 हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। बड़ी संख्या में हाथियों की सक्रियता के कारण हाथी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में लगातार भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
जंगल से लेकर सड़क मार्ग और ग्रामीण इलाकों तक हाथियों की आवाजाही ने वन विभाग के सामने भी चुनौती बढ़ा दी है। ऐसे में वन अमला प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है और हाथी मित्रदल के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है।
फिलहाल 33 हाथियों का झुंड जंगल के अंदरूनी हिस्से की ओर बढ़ गया है, लेकिन हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए क्रोधा मार्ग और आसपास के इलाकों में वन विभाग की निगरानी जारी है।
    user_ऋषभ तिवारी
    ऋषभ तिवारी
    पत्रकार Udaipur (Dharamjaigarh), Raigarh•
    23 hrs ago
  • त्योहारों में खलल डालने वालों की खैर नहीं रायगढ़ पुलिस ने गुंडा-निगरानी बदमाशों को थाने बुलाकर दी सख्त चेतावनी अपराध किया प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।
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    त्योहारों में खलल डालने वालों की खैर नहीं रायगढ़ पुलिस ने गुंडा-निगरानी बदमाशों को थाने बुलाकर दी सख्त चेतावनी अपराध किया प्रतिबंधात्मक कार्रवाई।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • शिकायत के एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं, पंचायत की कथित अनियमितताओं पर जांच का इंतजार पत्थलगांव। ग्राम पंचायत सुखरापारा में पंचायत राज अधिनियम एवं नियमों के उल्लंघन सहित विभिन्न कथित अनियमितताओं को लेकर उप सरपंच एवं पंचगण द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पत्थलगांव के समक्ष शिकायत प्रस्तुत किए जाने के बावजूद एक माह बीत जाने के बाद भी मामले में कार्रवाई नहीं होने से शिकायतकर्ताओं में नाराजगी है। शिकायत में ग्राम सभा एवं मासिक बैठक नियमित रूप से आयोजित नहीं करने, बैठक के बिना फर्जी कार्यवाही दर्ज करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों का प्रस्ताव पंचों की सहमति के बिना तैयार करने तथा पंचायत निधि के कथित रूप से नियम विरुद्ध व्यय किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत के बैंक खाते से उप सरपंच एवं पंचों की जानकारी अथवा सहमति के बिना राशि का आहरण किया जा रहा है। साथ ही पंचायत के आय-व्यय एवं संबंधित अभिलेख पंचों को उपलब्ध नहीं कराने की भी शिकायत की गई है। पंचायत कार्यों में सरपंच-पति के कथित हस्तक्षेप तथा पंचायत सचिव कार्यालय की सील निजी कब्जे में रखने जैसे आरोप भी आवेदन में लगाए गए हैं। शिकायत के साथ पंचायत के बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई तथा जांच में उन्हें भी शामिल किए जाने की मांग की थी। लेकिन शिकायत के एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने से अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पंचायत से जुड़ी इन गंभीर शिकायतों की जांच कब होगी? शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि अनियमितताएं हुई हैं तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की �
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    शिकायत के एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं, पंचायत की कथित अनियमितताओं पर जांच का इंतजार
पत्थलगांव। ग्राम पंचायत सुखरापारा में पंचायत राज अधिनियम एवं नियमों के उल्लंघन सहित विभिन्न कथित अनियमितताओं को लेकर उप सरपंच एवं पंचगण द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पत्थलगांव के समक्ष शिकायत प्रस्तुत किए जाने के बावजूद एक माह बीत जाने के बाद भी मामले में कार्रवाई नहीं होने से शिकायतकर्ताओं में नाराजगी है।
शिकायत में ग्राम सभा एवं मासिक बैठक नियमित रूप से आयोजित नहीं करने, बैठक के बिना फर्जी कार्यवाही दर्ज करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों का प्रस्ताव पंचों की सहमति के बिना तैयार करने तथा पंचायत निधि के कथित रूप से नियम विरुद्ध व्यय किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत के बैंक खाते से उप सरपंच एवं पंचों की जानकारी अथवा सहमति के बिना राशि का आहरण किया जा रहा है। साथ ही पंचायत के आय-व्यय एवं संबंधित अभिलेख पंचों को उपलब्ध नहीं कराने की भी शिकायत की गई है। पंचायत कार्यों में सरपंच-पति के कथित हस्तक्षेप तथा पंचायत सचिव कार्यालय की सील निजी कब्जे में रखने जैसे आरोप भी आवेदन में लगाए गए हैं।
शिकायत के साथ पंचायत के बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई तथा जांच में उन्हें भी शामिल किए जाने की मांग की थी।
लेकिन शिकायत के एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने से अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पंचायत से जुड़ी इन गंभीर शिकायतों की जांच कब होगी? शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि अनियमितताएं हुई हैं तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की �
    user_ANURAG
    ANURAG
    Media house जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
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