तपती आग उगलती गर्मी में आबूरोड स्टेशन बना राहत केंद्र, हजारों यात्रियों को मिल रहा जीवनदान जैसा ठंडा पानी *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* आबूरोड रेलवे स्टेशन पर पड़ रही जानलेवा गर्मी के बीच मानवता की मिसाल देखने को मिली। जहां एक ओर भीषण तापमान से यात्री बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर स्टेशन पर शुरू हुई निःशुल्क शीतल जल सेवा लोगों के लिए बड़ी राहत बन गई है। भारत विकास परिषद और भगवती सागर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से शुरू की गई यह सेवा अगले दो माह तक लगातार जारी रहेगी। हर दिन हजारों लंबी दूरी के यात्रियों को ठंडा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में राहत मिल रही है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच प्लेटफॉर्म पर उतरते ही यात्रियों को ठंडा पानी मिलना किसी वरदान से कम नहीं दिखा। कई यात्रियों ने कहा कि गर्मी के इस दौर में यह सेवा सीधे मानव जीवन बचाने जैसा कार्य है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल की जमकर सराहना करते हुए कहा कि जब गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है, तब ऐसे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। आबूरोड स्टेशन पर शुरू हुई यह मुहिम अब मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बनती नजर आ रही है।
तपती आग उगलती गर्मी में आबूरोड स्टेशन बना राहत केंद्र, हजारों यात्रियों को मिल रहा जीवनदान जैसा ठंडा पानी *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* आबूरोड रेलवे स्टेशन पर पड़ रही जानलेवा गर्मी के बीच मानवता की मिसाल देखने को मिली। जहां एक ओर भीषण तापमान से यात्री बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर स्टेशन पर शुरू हुई निःशुल्क शीतल जल सेवा लोगों के लिए बड़ी राहत बन गई है। भारत विकास परिषद और भगवती सागर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से शुरू की गई यह सेवा अगले दो माह तक लगातार जारी रहेगी। हर दिन हजारों लंबी दूरी के यात्रियों को ठंडा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे
यात्रियों को भीषण गर्मी में राहत मिल रही है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच प्लेटफॉर्म पर उतरते ही यात्रियों को ठंडा पानी मिलना किसी वरदान से कम नहीं दिखा। कई यात्रियों ने कहा कि गर्मी के इस दौर में यह सेवा सीधे मानव जीवन बचाने जैसा कार्य है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल की जमकर सराहना करते हुए कहा कि जब गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है, तब ऐसे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। आबूरोड स्टेशन पर शुरू हुई यह मुहिम अब मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बनती नजर आ रही है।
- राजस्थान में परीक्षा केंद्रों पर बढ़ी सख्ती, पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सिरोही समेत प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। अभ्यर्थियों की गहन तलाशी, दस्तावेजों की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।यह सख्ती मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद बढ़ाई गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना और लाखों छात्रों की सालभर की मेहनत को सुरक्षित रखना है। पिछले वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल गिरोहों के मामलों ने प्रदेश में बड़ा विवाद खड़ा किया था। इसी को देखते हुए अब परीक्षा केंद्रों पर पुलिस जाब्ता, सीसीटीवी निगरानी, मोबाइल प्रतिबंध और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी हाल में परीक्षा की पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं अभ्यर्थियों से भी समय से पहले केंद्र पहुंचने और सभी नियमों का पालन करने की अपील की गई है।1
- विश्व थैलेसीमिया डे पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित। आबूरोड। विश्व थैलेसीमिया डे के अवसर पर तलहटी स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल के रोटरी ग्लोबल थैलेसीमिया डे केयर सेंटर में थैलेसीमिया डे मनाया गया। इस अवसर पर थैलेसीमिक बच्चों के लिए ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए शानदार चित्र बनाए। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को क्रमशः 3100 रुपए, 2100 रुपए एवं 1100 रुपए की प्रोत्साहन राशि संकल्प इंडिया फाउंडेशन की ओर से प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित ग्लोबल हॉस्पिटल के ट्रस्टी एवं निदेशक डॉ. प्रताप मिड्ढा ने बच्चों को विशेष दिन की शुभकामनाएं देते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच एवं समय पर रक्त चढ़ाने के लिए प्रेरित किया। वहीं ट्रॉमा सेंटर तलहटी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रश्मिकात ने डे केयर सेंटर को और अधिक सुविधायुक्त बनाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सतीश गुप्ता ने बच्चों के परिजनों को थैलेसीमिया से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े संकल्प इंडिया फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर धार्मिक ने विवाह से पूर्व थैलेसीमिया जांच करवाने के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सभी बच्चों के लिए राम प्रताप विमला देवी बाकलीवाल ट्रस्ट की ओर से भोजन एवं फल-फ्रूट्स की व्यवस्था की गई। ट्रस्ट सदस्य राजेंद्र बाकलीवाल ने बच्चों को अपने जीवन की ऊर्जा का स्रोत बताते हुए कहा कि इन बच्चों की मुस्कान उन्हें प्रेरणा देती है। रोटरी क्लब के अध्यक्ष नितेश बंसल ने बच्चों के सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की, वहीं डॉ. अजय सिंगला ने बच्चों को शिक्षित होकर समाज में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। समाजसेवी सलीम खान एवं ब्लड बैंक प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का सफल संचालन विशाल वर्मा ने किया।4
- *बाली में महाराणा प्रताप जयंती पर हुआ भव्य आयोजन, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि बाली में महाराणा प्रताप जयंती पर हुआ भव्य आयोजन, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि। बाली फालना महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को बाली के प्रताप चौक पर क्रांतिमंच बाली की ओर से श्रद्धा एवं उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया तथा “महाराणा प्रताप अमर रहें” और “महाराणा प्रताप की जय” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन संघर्ष में बिताया और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने। इस अवसर पर क्रांतिमंच बाली के संयोजक प्रवीण प्रजापति, विश्व हिंदू परिषद बाली के अध्यक्ष सुरेश कंसारा, समरसता प्रमुख लकमा राम परमार बोया, कमलेश मारू, गणपत सिंह, अजय पाल सिंह, मुकेश चौधरी, भेरू सिंह, चंद्रपाल सिंह, मुकेश शर्मा, अचल सिंह राव, सुरेंद्र रावल सहित कई गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। गौरतलब है कि महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था। उनकी वीरता, त्याग और स्वाभिमान की गाथाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं।4
- राजस्थान सरकार 'ग्राम रथ' अभियान के तहत गांव-गांव पहुंच कर आमजन की समस्याएं सुन रही है और लोक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दे रही है। जालोर जिले में मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने संध्या चौपालों में भाग लेकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। यह पहल विकसित राजस्थान बनाने में जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रही है।2
- पाली जिले के फालना में एक 70 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी बाबूलाल गर्ग की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। नेहरू कॉलोनी में पानी की टंकी के पास से उनकी हीरो होंडा बाइक 5 मई की शाम को गायब हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।1
- स्कूल से ही बालिकाओं के भविष्य के लिए करियर सबसे बड़ी चुनौती है। यदि करियर खो जाए तो उनका पूरा जीवन उजड़ सकता है, इसलिए माता-पिता के साथ-साथ जागरूकता लाना अत्यंत अनिवार्य है।1
- आलवाड़ा–लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी रोष 📰 सायला से मोहन आलवाड़ा की विशेष रिपोर्ट 📍 आलवाड़ा–लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी रोष सायला उपखंड क्षेत्र के आलवाड़ा गांव से लुम्बा की ढाणी खोखा रंगाला को जोड़ने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई सतह के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग आलवाड़ा गांव की आधे से अधिक आबादी के आवागमन का मुख्य रास्ता है, लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण लोगों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो उसे अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कत होती है। खराब सड़क के कारण गांव तक पहुंचने में ही लगभग एक घंटे का समय लग जाता है, जिससे मरीज की जान को भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की अनदेखी से लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि यह सड़क क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा समान है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा वाहन चालकों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया तो मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में सड़क की खराब स्थिति के कारण किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। ✍️ रिपोर्ट : मोहन आलवाड़ा, सायला1
- तपती आग उगलती गर्मी में आबूरोड स्टेशन बना राहत केंद्र, हजारों यात्रियों को मिल रहा जीवनदान जैसा ठंडा पानी *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* आबूरोड रेलवे स्टेशन पर पड़ रही जानलेवा गर्मी के बीच मानवता की मिसाल देखने को मिली। जहां एक ओर भीषण तापमान से यात्री बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर स्टेशन पर शुरू हुई निःशुल्क शीतल जल सेवा लोगों के लिए बड़ी राहत बन गई है। भारत विकास परिषद और भगवती सागर चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से शुरू की गई यह सेवा अगले दो माह तक लगातार जारी रहेगी। हर दिन हजारों लंबी दूरी के यात्रियों को ठंडा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में राहत मिल रही है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच प्लेटफॉर्म पर उतरते ही यात्रियों को ठंडा पानी मिलना किसी वरदान से कम नहीं दिखा। कई यात्रियों ने कहा कि गर्मी के इस दौर में यह सेवा सीधे मानव जीवन बचाने जैसा कार्य है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल की जमकर सराहना करते हुए कहा कि जब गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है, तब ऐसे सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। आबूरोड स्टेशन पर शुरू हुई यह मुहिम अब मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बनती नजर आ रही है।2