नौहट्टा सीएचसी का सीएस और बीपीएम ने किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा सहरसा जिले के नौहट्टा मे स्वास्थ्य विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब सिविल सर्जन (CS) और बीपीएम (BPM) की टीम ने अचानक नौहट्टा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं, उपस्थिति पंजी और दवाओं की उपलब्धता की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान सीएस ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलग-अलग शिफ्ट (सुबह, शाम और रात) में ड्यूटी निर्धारित है और अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने अस्पताल के एक्स-रे विभाग का भी जायजा लिया। प्रभारी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना औसतन 15 से 25 एक्स-रे किए जा रहे हैं और यह सेवा नियमित रूप से जारी है। इसके अलावा, अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। सीएस ने निर्देश दिया कि जो भी दवाएं सरकारी स्टॉक में उपलब्ध हैं, वे मरीजों को अस्पताल से ही दी जाएं और किसी भी हाल में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। विशेष रूप से सिरप और अन्य आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नौहट्टा सीएचसी का सीएस और बीपीएम ने किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा सहरसा जिले के नौहट्टा मे स्वास्थ्य विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब सिविल सर्जन (CS) और बीपीएम (BPM) की टीम ने अचानक नौहट्टा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं, उपस्थिति पंजी और दवाओं की उपलब्धता की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान सीएस ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलग-अलग शिफ्ट (सुबह, शाम और रात) में ड्यूटी निर्धारित है और अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने अस्पताल के एक्स-रे विभाग का भी जायजा लिया। प्रभारी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना औसतन 15 से 25 एक्स-रे किए जा रहे हैं और यह सेवा नियमित रूप से जारी है। इसके अलावा, अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। सीएस ने निर्देश दिया कि जो भी दवाएं सरकारी स्टॉक में उपलब्ध हैं, वे मरीजों को अस्पताल से ही दी जाएं और किसी भी हाल में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। विशेष रूप से सिरप और अन्य आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- सहरसा जिले के नौहट्टा मे स्वास्थ्य विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब सिविल सर्जन (CS) और बीपीएम (BPM) की टीम ने अचानक नौहट्टा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं, उपस्थिति पंजी और दवाओं की उपलब्धता की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान सीएस ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति की जांच की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलग-अलग शिफ्ट (सुबह, शाम और रात) में ड्यूटी निर्धारित है और अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने अस्पताल के एक्स-रे विभाग का भी जायजा लिया। प्रभारी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना औसतन 15 से 25 एक्स-रे किए जा रहे हैं और यह सेवा नियमित रूप से जारी है। इसके अलावा, अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। सीएस ने निर्देश दिया कि जो भी दवाएं सरकारी स्टॉक में उपलब्ध हैं, वे मरीजों को अस्पताल से ही दी जाएं और किसी भी हाल में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। विशेष रूप से सिरप और अन्य आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।1
- Post by मिथिलेश कुमार1
- ✍️ #जsd 📍सहरसा अनुमंडल अंतर्गत सौर बाजार प्रखंड के चर्चित पत्रकार ललन कुमार की सुपुत्री किरण यादव के जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर मां रुक्मिणी ग्रामीण विकास सेवा संस्थान, स्टेशन रोड गम्हरिया में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Advocate of Jsd Council (N.P.O.) के तरफ से उपस्थित होकर नन्ही किरण को आशीर्वाद देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में सामाजिक सरोकार एवं जनसेवा की भावना के साथ शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं। Dr.Sumant Rao जन:संवाददाता ऑफ जेएसडी #बिहार1
- बिहार के मधेपुरा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां स्कूल शिफ्टिंग के फैसले को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध में लोगों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा। प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। दरअसल मधेपुरा के घैलाढ़ प्रखंड में उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब उत्क्रमित मध्य विद्यालय ईनरवा की कुछ कक्षाओं को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के फैसले का ग्रामीणों ने विरोध किया। गुस्साए लोगों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी अविनाश कुमार और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। बाइट ---ग्रामीण ग्रामीणों कहते हैं कि स्कूल की कक्षाएं शिफ्ट होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा और उन्हें दूर जाने में दिक्कत होगी। बाइट -अविनाश कुमार प्रखंड विकास पदाधिकारी घैलाढ़ घैलाढ़ के प्रखंड विकास पदाधिकारी अविनाश कुमार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उचित समाधान निकाला जाएगा। हालांकि फिलहाल स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी अब भी बनी हुई है। देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकाल पाता है।4
- मामला सहरसा जिला के सदर अस्पताल परिसर का है, जहां सिमरी बख्तियारपुर से अपने पिता का इलाज कराने आए एक युवक की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। पीड़ित चंद किशोर बढ़ई ने थाने में आवेदन देकर बताया कि अस्पताल परिसर में बाइक खड़ी करने के बाद जब वह वापस लौटे तो उनकी मोटरसाइकिल गायब थी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद चोरी की घटना हो गई। जब उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कैमरे की जानकारी ली, तो बताया गया कि कई दिनों से सीसीटीवी कैमरा खराब पड़ा है। अब सवाल यह उठता है कि जब कैमरे काम ही नहीं कर रहे हैं, तो क्या ये सिर्फ दिखावे के लिए लगाए गए हैं? वहीं अस्पताल परिसर में पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी नहीं है, जिसके कारण लोगों को गेट के बाहर वाहन खड़ा करना पड़ता है, जहां चोरों का खतरा बना रहता है।1
- Post by Ayush Kumar1
- सहरसा (नौहट्टा): बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लाख दावे करे, लेकिन सहरसा जिले के नौहट्टा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। सीमावर्ती और पिछड़े इलाके की एक बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधा देने वाला यह केंद्र आज खुद 'इलाज' की बाट जोह रहा है। मानकों के अनुसार यहाँ 10 डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में महज 03 डॉक्टरों के भरोसे पूरे प्रखंड की चिकित्सा व्यवस्था टिकी है।अस्पताल में केवल डॉक्टरों की ही कमी नहीं है, बल्कि बुनियादी तकनीकी सुविधाओं और पर्याप्त मैनपावर का भी घोर अभाव है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि कम संख्या और सीमित संसाधनों के कारण वे चाहकर भी मरीजों को बेहतर सुविधा नहीं दे पा रहे हैं। आए दिन होने वाली भीड़ और काम के दबाव से चिकित्साकर्मियों को भी मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।1
- बिहार के मधेपुरा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात युवक की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मौत के पीछे की वजह अब भी रहस्य बनी हुई है—हत्या, हादसा या फिर नशाखुरानी गिरोह की करतूत? मधेपुरा से मुरलीगंज जाने वाली रेल लाइन पर, मुरलीगंज थाना क्षेत्र के रेलवे पुल संख्या 100 के पास आज सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पटरी किनारे एक युवक की लाश बरामद हुई। घटना की खबर जंगल में लगी आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई और देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि काफी प्रयास के बावजूद युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों की सूचना पर मुरलीगंज थाना अध्यक्ष अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि युवक को मधेपुरा से पूर्णिया जाने वाली किसी ट्रेन से धक्का देकर फेंका गया हो, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, युवक के मुंह से झाग निकलने के कारण यह भी शक गहराया है कि वह पहले किसी नशाखुरानी गिरोह का शिकार हुआ हो और बाद में उसे ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया हो। पुलिस ने तलाशी के दौरान युवक के पास से करीब ढाई हजार रुपये नकद और अंबाला कैंट से सहरसा जंक्शन तक का जनरल टिकट बरामद किया है, जो 2 तारीख का बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और युवक की पहचान करने के साथ-साथ पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। बाइट – अमित कुमार, स्थानीय निवासी अमित कुमार ने कहा कि लोगों से जानकारी मिली कि रेलवे ट्रैक के पास एक युवक का शव है हम भी देखने गए तब हमने मुरलीगंज थानाअध्यक्ष को फोन कर जानकारी दिए और जानकारी मिलते ही मुरलीगंज थानाअध्यक्ष अजीत कुमार ने दलबल के साथ घटनास्थल में पहुंचे और शव की पहचान में जुट गए हैं3
- सदर अस्पताल सहरसा में मार पीट का वीडियो वायरल हो रहा हैं ईलमासनगर टुडे पेज को follow करें1