रीवा SGMH में अब खाना-पानी ले जाने पर भी रोक? महिला का वीडियो वायरल रोते हुए बोली- “खाना लेकर भी अंदर नहीं जाने दिया” रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों के परिजनों के लिए बनाए जा रहे प्रवेश नियमों को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक महिला भावुक होकर आरोप लगाती दिखाई दे रही है कि मरीज के लिए खाना लेकर अस्पताल के अंदर जाने से भी उसे रोक दिया गया। वायरल वीडियो में महिला का कहना है कि वह मरीज के लिए भोजन लेकर अस्पताल पहुंची थी, लेकिन उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। महिला इस दौरान काफी परेशान और भावुक नजर आ रही है। हालांकि, वीडियो में घटना का पूरा संदर्भ और महिला को रोकने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं है। मोबाइल को लेकर पहले से चल रहा विवाद SGMH में हाल ही में मोबाइल और वीडियोग्राफी को लेकर भी विवाद सामने आया था। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया था कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति फोटो/वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने पर रोक है। वहीं, डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच विवाद के बाद प्रशासन ने एक मरीज के साथ एक ही अटेंडेंट रखने और ICU में प्रवेश के लिए वैध गेट पास की व्यवस्था लागू करने की बात कही थी। अस्पताल परिसर में वीडियोग्राफी को भी नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया था। अब सवाल—खाना ले जाने पर रोक किस नियम के तहत? नए वायरल वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अस्पताल में बाहर से मरीज के लिए भोजन या पानी ले जाने पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध है? यदि ऐसा नियम लागू है, तो क्या इसकी जानकारी मरीजों और उनके परिजनों को प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से दी जा रही है? प्रशासन द्वारा हाल में अस्पताल में अटेंडेंट की संख्या नियंत्रित करने और अनधिकृत प्रवेश रोकने के निर्देश दिए गए हैं। 8 सितंबर को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी गुरुकरण सिंह ने SGMH का औचक निरीक्षण भी किया था और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। फिलहाल वायरल वीडियो में महिला के लगाए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस विशेष वीडियो और भोजन-पानी को लेकर कथित रोक पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
रीवा SGMH में अब खाना-पानी ले जाने पर भी रोक? महिला का वीडियो वायरल रोते हुए बोली- “खाना लेकर भी अंदर नहीं जाने दिया” रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों के परिजनों के लिए बनाए जा रहे प्रवेश नियमों को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक महिला भावुक होकर आरोप लगाती दिखाई दे रही है कि मरीज के लिए खाना लेकर अस्पताल के अंदर जाने से भी उसे रोक दिया गया। वायरल वीडियो में महिला का कहना है कि वह मरीज के लिए भोजन लेकर अस्पताल पहुंची थी, लेकिन उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। महिला इस दौरान काफी परेशान और भावुक नजर आ रही है। हालांकि, वीडियो में घटना का पूरा संदर्भ और महिला को रोकने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं है। मोबाइल को लेकर पहले से चल रहा विवाद SGMH में हाल ही में मोबाइल और वीडियोग्राफी को लेकर भी विवाद सामने आया था। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया था कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति फोटो/वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने पर रोक है। वहीं, डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच विवाद के बाद प्रशासन ने एक मरीज के साथ एक ही अटेंडेंट रखने और ICU में प्रवेश के लिए वैध गेट पास की व्यवस्था लागू करने की बात कही थी। अस्पताल परिसर में वीडियोग्राफी को भी नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया था। अब सवाल—खाना ले जाने पर रोक किस नियम के तहत? नए वायरल वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अस्पताल में बाहर से मरीज के लिए भोजन या पानी ले जाने पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध है? यदि ऐसा नियम लागू है, तो क्या इसकी जानकारी मरीजों और उनके परिजनों को प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से दी जा रही है? प्रशासन द्वारा हाल में अस्पताल में अटेंडेंट की संख्या नियंत्रित करने और अनधिकृत प्रवेश रोकने के निर्देश दिए गए हैं। 8 सितंबर को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी गुरुकरण सिंह ने SGMH का औचक निरीक्षण भी किया था और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। फिलहाल वायरल वीडियो में महिला के लगाए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस विशेष वीडियो और भोजन-पानी को लेकर कथित रोक पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
- अमलावदा आली में पिता की हत्या का मामला, बेटे पर आरोप; वारदात के बाद से फरार अमलावदा आली में पिता की हत्या का मामला, बेटे पर आरोप; वारदात के बाद से फरार छीपाबड़ौद - बारां छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के अमलावदा आली गांव में एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है। ग्रामीणों को शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद छीपाबड़ौद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को दी रिपोर्ट में *शिवप्रकाश पुत्र रंगलाल मीणा*, निवासी अमलावदा आली ने बताया कि उसके भाई *घनश्याम पुत्र रंगलाल मीणा (65)* का शव उसके घर पर पड़ा मिला। रिपोर्ट में घनश्याम की हत्या का शक उसके पुत्र *सुरेंद्र मीणा* पर जताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हत्या में कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद से सुरेंद्र फरार बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर थानाधिकारी *गंभीर सिंह कसाना* पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।3
- असनावर तहसीलदार के विरोध में राजपूत समाज के साथ पक्षपात पुर्ण कार्यवाही का विरोध में उतरे राजपूत समाज के संगठन दिया ज्ञापन मनोहरथाना विधानसभा के असनावर तहसीलदार द्वारा एक मामला सामने आया जहां 600बीघा से अधिक जमीन पर अतिक्रमण हुआ है गौ सेवक खांडिया मील चौराया असनावर तहसीलदार दार दुसरी बार एक ही व्यक्ति पर कार्यवाई की जा रही है आप सभी भाइयो से निवेदन है समाज राजपूत से होने के कारण समुचित षड्यंत्र कर रहे हैं,भुमाफियाओ द्वारा रोज नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं मामला मान सिंह गांव आंदा खांडिया मिल पंचायत बडोदिया तहसील असनावर जिला झालावाड़ राजस्थान विधानसभा क्षेत्र मनोहरथाना विधानसभा से आया हैअखिल भारतीय गौ रक्षा महासंघ राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि अगर परिवार से पक्षपात किया तो उपखंड कार्यालय में ओर बड़े स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा आंदा बड़ोदिया गांव में केवल चंद पाटीदार द्वारा सबसे अधिक गोचर भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण कार्य कर बड़े बड़े मकान बनाए गए वहीं 70साल से अधिक समय से गौवंश व्यवस्था हेतु गौ शाला निर्माण के लिए गोचर भूमि सुरक्षित कर संरक्षित कर रखा था गाय के रोज चारा प्रबंधन व्यवस्था चल रही थी उसका जुर्माना भी दिया जा रहा था राजनीति का ग़लत इस्तेमाल कर कार्यवाही करवाई गई जबकि पुरे गांव में एक हि व्यक्ति पर दुसरी बार कार्यवाही से राजपूत समाज के प्रमुख संगठनों द्वारा आज तहसीलदार के पक्षपात पूर्ण कार्य के कारण नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया जल्द ही सभी गौभक्त जनों ने गांव कि सभी का अतिक्रमण मुक्त कर गौ शाला निर्माण कि उस भुमि पर मांग रखी गई जल्द ही गौ शाला समिति का निर्माण किया जाएगा1
- किसान का दर्द: भीड़ में खड़े किसान ने हाथ जोड़कर भावुक होते हुए कहा, "महाराज, जिंदगी निकल गई माला पहनाते-पहनाते, लेकिन खाद नहीं मिल रही।" केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना एवं बामौरी दौरे के दौरान का है, जहाँ खाद वितरण को लेकर एक किसान ने सीधे अपनी पीड़ा जाहिर की। किसान का दर्द: भीड़ में खड़े किसान ने हाथ जोड़कर भावुक होते हुए कहा, "महाराज, जिंदगी निकल गई माला पहनाते-पहनाते, लेकिन खाद नहीं मिल रही।" किसान का यह कहना क्षेत्र में लंबे समय से खाद की किल्लत और वितरण केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों की परेशानी को दर्शाता है। साथ ही खाद की कालाबाजारी बड़ी मात्रा में हो रही हैं। ई पोर्टल खाद की पारदर्शिता होनी चाहिए, साथ ई पोर्टल पर खाद का स्टोक दिखाई देता हैं पर बुक नहीं हो पा रहा हैं। जिले में DAP खाद के लिए की स्थिति बेहद गंभीर है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किसान की समस्या को गंभीरता से सुना, आवेदन लिया और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को खाद वितरण की व्यवस्था दुरुस्त करने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बुवाई के सीजन (विशेषकर रवि और खरीफ के दौरान) जिले में डीएपी और यूरिया की मांग बढ़ जाती है, जिसको लेकर किसानों में समय-समय पर इस तरह का आक्रोश देखने को मिलता रहता है।1
- अवैध आंकड़ों पर बिजली विभाग की कार्रवाई, कई जगहों से केबल जब्त कस्बाथाना क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए कई स्थानों से अवैध आंकड़े हटाकर केबल जब्त की। जेईएन के निर्देश पर टीम ने जाटव बस्ती, बस स्टैंड, मुस्लिम मोहल्ला, ढीमराना बस्ती, पुराना दरवाजा सहित अन्य क्षेत्रों में कार्रवाई की। अस्पताल के पीछे स्थित श्मशान घाट की ओर भी अवैध कनेक्शन हटाए गए। कार्रवाई से अवैध कनेक्शन लेने वालों में हड़कंप मच गया। विभाग ने लोगों से वैध कनेक्शन से ही बिजली उपयोग करने की अपील की।1
- पथरिया लूटकांड का फरार मुख्य आरोपी भोला आदिवासी गिरफ्तार, मालथौन से पुलिस ने दबोचा...... पथरिया में डायमंड सिटी के पास बिहारी सेन के साथ हुई लूट के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी भोला आदिवासी को पुलिस ने सागर जिले के मालथौन स्थित बरोदिया से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी 9 सितंबर को पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। इसके बाद एसडीओपी प्रिया सिंधी और टीआई महेंद्र जगेत के नेतृत्व में विशेष टीम ने राजस्थान के फलौदी सहित कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। मुखबिर की सूचना पर बरोदिया में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।1
- बिल्कुल सत्य वचन पाखंडियों की पोल खोल दे जागो मेरे प्यारे साथियों ओबीसी एससी एसटी इन पाखंड जी को दान दक्षिणा देना बंद करो जो हिंदू मुस्लिम के नाम पर धंधा दलित पिछड़े आदिवासियों का शोषण करते हैं1
- रीवा SGMH में अब खाना-पानी ले जाने पर भी रोक? महिला का वीडियो वायरल रोते हुए बोली- “खाना लेकर भी अंदर नहीं जाने दिया” रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों के परिजनों के लिए बनाए जा रहे प्रवेश नियमों को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक महिला भावुक होकर आरोप लगाती दिखाई दे रही है कि मरीज के लिए खाना लेकर अस्पताल के अंदर जाने से भी उसे रोक दिया गया। वायरल वीडियो में महिला का कहना है कि वह मरीज के लिए भोजन लेकर अस्पताल पहुंची थी, लेकिन उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। महिला इस दौरान काफी परेशान और भावुक नजर आ रही है। हालांकि, वीडियो में घटना का पूरा संदर्भ और महिला को रोकने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं है। मोबाइल को लेकर पहले से चल रहा विवाद SGMH में हाल ही में मोबाइल और वीडियोग्राफी को लेकर भी विवाद सामने आया था। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया था कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति फोटो/वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने पर रोक है। वहीं, डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच विवाद के बाद प्रशासन ने एक मरीज के साथ एक ही अटेंडेंट रखने और ICU में प्रवेश के लिए वैध गेट पास की व्यवस्था लागू करने की बात कही थी। अस्पताल परिसर में वीडियोग्राफी को भी नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया था। अब सवाल—खाना ले जाने पर रोक किस नियम के तहत? नए वायरल वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अस्पताल में बाहर से मरीज के लिए भोजन या पानी ले जाने पर कोई आधिकारिक प्रतिबंध है? यदि ऐसा नियम लागू है, तो क्या इसकी जानकारी मरीजों और उनके परिजनों को प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से दी जा रही है? प्रशासन द्वारा हाल में अस्पताल में अटेंडेंट की संख्या नियंत्रित करने और अनधिकृत प्रवेश रोकने के निर्देश दिए गए हैं। 8 सितंबर को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी गुरुकरण सिंह ने SGMH का औचक निरीक्षण भी किया था और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। फिलहाल वायरल वीडियो में महिला के लगाए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस विशेष वीडियो और भोजन-पानी को लेकर कथित रोक पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।1
- खबर का असर: श्मशान घाट की बदहाली दूर, पंचायत ने करवाई सफाई कस्बाथाना में अस्पताल के पीछे स्थित श्मशान घाट की अव्यवस्थाओं को लेकर मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद ग्राम पंचायत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिसर की साफ-सफाई करवा दी। ग्राम विकास अधिकारी जसराम ने बताया कि स्वच्छता पखवाड़े के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में श्मशान घाट परिसर में उगी झाड़ियों और खरपतवार की सफाई करवाई गई। सफाई के बाद परिसर अब साफ-सुथरा नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों ने पंचायत की कार्रवाई की सराहना की।1
- बहुत ही करारा जवाब दिया नारी शक्ति ने जातिवादियों की बखिया उधेड़ दी जो एक दूसरे की चुगली करते थे आपस में लड़ते थे1